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शहर से लेकर देहात तक बैसाखी पर्व की धूम
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
शहर से लेकर देहात तक रविवार को बैसाखी पर्व की धूम रही। इस दौरान जगह-जगह आयोजित भंडारों में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं, वक्ताओं ने लोगों से सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया।
रविवार को उत्तरांचल पंजाबी महासभा रुड़की इकाई की ओर से बैसाखी पर्व के अवसर पर लक्ष्मी नारायण मंदिर के समीप गंगनहर किनारे स्थित घाट पर भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तरांचल पंजाबी महासभा रुड़की के महानगर अध्यक्ष संजीव ग्रोवर ने कहा कि स्वामी हंसदेवचार्य महाराज के आकस्मिक निधन के चलते इस पर्व को सादगी के साथ मनाने का निर्णय लिया गया था, जिसमें महासभा की ओर से भंडारे का आयोजन एवं उन्हें श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उत्तरांचल पंजाबी महासभा के संरक्षक एवं नगर विधायक प्रदीप बत्रा ने कहा कि हमें सभी त्योहार सर्व समाज के साथ मिलजुलकर और आपसी भाईचारे के साथ मनाने चाहिए।
कार्यक्रम में प्रमोद जौहर, अशोक चौहान, सुभाष सरीन, नवीन गुलाटी, दीपक अरोड़ा, सुरजीत सिंह चंदोक, पंकज नंदा, पूजा नंदा, शीतल कालरा, भरत भूषण कालरा, गगन कालरा, भरत कपूर, मयंक मेंदीरत्ता, नितिन सेठी, अरविंद कश्यप, तनुज राठी, नवीन जैन आदि मौजूद रहे। उधर, बैसाखी पर्व पर खानपुर के हस्तमौली गांव स्थित गुरुद्वारा परिसर में सत्संग कीर्तन का आयोजन किया गया। इस दौरान गुरुद्वारे के ग्रंथी मुख्तार सिंह ने कहा कि बैसाखी के दिन समाज के दसवें गुरु गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। हमें आज भी गुरु गोविंद सिंह के पदचिह्नों पर चलने की जरूरत। इसके बाद भंडारे में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर गुरबाज सिंह प्रधान, अवरिंदर सिंह, गुरलाल सिंह, कुलजीत सिंह, प्रीतपाल सिंह, हीरा सिंह, प्रगट सिंह, सुखविंदर सिंह, कुलदीप सिंह, साहब सिंह, रणजीत सिंह, मनजीत सिंह साहब सिंह आदि उपस्थित थे।
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शहर से लेकर देहात तक रविवार को बैसाखी पर्व की धूम रही। इस दौरान जगह-जगह आयोजित भंडारों में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं, वक्ताओं ने लोगों से सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया।
रविवार को उत्तरांचल पंजाबी महासभा रुड़की इकाई की ओर से बैसाखी पर्व के अवसर पर लक्ष्मी नारायण मंदिर के समीप गंगनहर किनारे स्थित घाट पर भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तरांचल पंजाबी महासभा रुड़की के महानगर अध्यक्ष संजीव ग्रोवर ने कहा कि स्वामी हंसदेवचार्य महाराज के आकस्मिक निधन के चलते इस पर्व को सादगी के साथ मनाने का निर्णय लिया गया था, जिसमें महासभा की ओर से भंडारे का आयोजन एवं उन्हें श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उत्तरांचल पंजाबी महासभा के संरक्षक एवं नगर विधायक प्रदीप बत्रा ने कहा कि हमें सभी त्योहार सर्व समाज के साथ मिलजुलकर और आपसी भाईचारे के साथ मनाने चाहिए।
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कार्यक्रम में प्रमोद जौहर, अशोक चौहान, सुभाष सरीन, नवीन गुलाटी, दीपक अरोड़ा, सुरजीत सिंह चंदोक, पंकज नंदा, पूजा नंदा, शीतल कालरा, भरत भूषण कालरा, गगन कालरा, भरत कपूर, मयंक मेंदीरत्ता, नितिन सेठी, अरविंद कश्यप, तनुज राठी, नवीन जैन आदि मौजूद रहे। उधर, बैसाखी पर्व पर खानपुर के हस्तमौली गांव स्थित गुरुद्वारा परिसर में सत्संग कीर्तन का आयोजन किया गया। इस दौरान गुरुद्वारे के ग्रंथी मुख्तार सिंह ने कहा कि बैसाखी के दिन समाज के दसवें गुरु गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। हमें आज भी गुरु गोविंद सिंह के पदचिह्नों पर चलने की जरूरत। इसके बाद भंडारे में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर गुरबाज सिंह प्रधान, अवरिंदर सिंह, गुरलाल सिंह, कुलजीत सिंह, प्रीतपाल सिंह, हीरा सिंह, प्रगट सिंह, सुखविंदर सिंह, कुलदीप सिंह, साहब सिंह, रणजीत सिंह, मनजीत सिंह साहब सिंह आदि उपस्थित थे।
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