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किसान रत्न बनने के लिए 160 ने किया दावा
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भारत सरकार की आत्मा योजना के तहत प्रदेश का किसान रत्न सम्मान पाने के लिए हरिद्वार जिले के 160 किसानों ने दावा किया है। ये वे किसान हैं, जिन्होंने उद्यान, पशुपालन, कृषि या मछली पालन में तकनीकी का इस्तेमाल कर कुछ विशेष किया हो।
दरअसल, वर्ष 2009 में भारत सरकार ने खेती-किसानी को आगे बढ़ाने के लिए एग्रीकल्चर टेक्नॉलोजी मैनेजमेंट एजेंसी (आत्मा) योजना शुरू की थी। इसके तहत ब्लॉक से प्रदेश स्तर पर हर साल तीन पुरस्कार दिए जाते हैं। इसमें किसान श्री, किसान भूषण और किसान रत्न शामिल हैैैं। ब्लॉक स्तर पर जीतने वाले किसान को किसान श्री पुरस्कार के रूप में दस हजार मिलते हैं। जिला स्तर पर जीतने वाले किसान को किसान भूषण के रूप में 25 हजार रुपये दिए जाते हैं। प्रदेश स्तर पर जीतने वाले किसान को किसान रत्न के रूप में 50 हजार रुपये दिए जाते हैं।
खास बात ये है कि इन पुरस्कारों के लिए चार श्रेणियां बनाई गई हैं। इसमें उद्यान, पशुपालन, कृषि और मत्स्य पालन शामिल है। किसान किसी भी विभाग में आवेदन कर सकते हैं। हर ब्लॉक से चारों विभागों से एक-एक किसान शामिल किया जाएगा। इसके बाद जिले से चारों विभागों में एक-एक किसान को पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश से एक-एक किसान को किसान रत्न से सम्मानित किया जाता है। आत्मा योजना के उप परियोजना निदेशक योगेंद्र राठी ने बताया कि पुरस्कार पाने के लिए इस बार हरिद्वार जिले से 160 किसानों ने आवेदन किया है। जिला स्तर के पुरस्कारों की घोषणा इसी महीने के अंत तक कर दी जाएगी। इसके बाद प्रदेश स्तर के पुरस्कार की घोषणा भी जल्द ही होगी। संवाद
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योजना में जीतने का आधार
योजना के उप परियोजना निदेशक योगेेंद्र राठी ने बताया कि प्रतियोगिता में किसानों से एक फार्म भरवाया जाता है। इसमें कई प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं। साथ ही बताना होता है कि उनका कृषि, उद्यान, मत्स्य और पशुपालन में क्या विशेष योगदान रहा है। जिस किसान ने विशेष तकनीक से फसल या सब्जी उगाई हो, उसे ज्यादा अंक दिए जाते हैं। सालाना मिलने वाली ट्रेनिंग में भाग लेने वाले किसानों को अलग से नंबर मिलते हैं। वहीं, जिन किसानों ने अपने स्तर से अन्य किसानों को खेती, पशु पालन या मत्स्य पालन की ट्रेनिंग दी हो, उन्हें भी अलग से नंबर दिए जाते हैं।
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अब तक जिले के दो किसानों को मिला है किसान रत्न
आत्मा योजना के तहत हर साल हरिद्वार जिले के किसान आवेदन करते हैं, लेकिन हर बार किसान पुरस्कार नहीं पाते हैं। अब तक हरिद्वार जिले से दो किसान ही किसान रत्न से सम्मानित हुए हैं। खास बात ये दोनों ही नारसन ब्लॉक के हैं। वर्ष 2009-10 में नीरज को उद्यान विभाग में नई तकनीकी से सब्जी उत्पादन करने पर ये पुरस्कार मिला था। वर्ष 2014-15 में रविन्द्र कुमार को पशुपालन विभाग में बेेहतर काम करने पर इस पुरस्कार से सम्मनित किया गया था।
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किस ब्लॉक से कितने आए आवेदन
नारसन 23
लक्सर 25
भगवानपुर 26
लक्सर 40
खानपुर 25
बहादराबाद 21
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दरअसल, वर्ष 2009 में भारत सरकार ने खेती-किसानी को आगे बढ़ाने के लिए एग्रीकल्चर टेक्नॉलोजी मैनेजमेंट एजेंसी (आत्मा) योजना शुरू की थी। इसके तहत ब्लॉक से प्रदेश स्तर पर हर साल तीन पुरस्कार दिए जाते हैं। इसमें किसान श्री, किसान भूषण और किसान रत्न शामिल हैैैं। ब्लॉक स्तर पर जीतने वाले किसान को किसान श्री पुरस्कार के रूप में दस हजार मिलते हैं। जिला स्तर पर जीतने वाले किसान को किसान भूषण के रूप में 25 हजार रुपये दिए जाते हैं। प्रदेश स्तर पर जीतने वाले किसान को किसान रत्न के रूप में 50 हजार रुपये दिए जाते हैं।
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खास बात ये है कि इन पुरस्कारों के लिए चार श्रेणियां बनाई गई हैं। इसमें उद्यान, पशुपालन, कृषि और मत्स्य पालन शामिल है। किसान किसी भी विभाग में आवेदन कर सकते हैं। हर ब्लॉक से चारों विभागों से एक-एक किसान शामिल किया जाएगा। इसके बाद जिले से चारों विभागों में एक-एक किसान को पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश से एक-एक किसान को किसान रत्न से सम्मानित किया जाता है। आत्मा योजना के उप परियोजना निदेशक योगेंद्र राठी ने बताया कि पुरस्कार पाने के लिए इस बार हरिद्वार जिले से 160 किसानों ने आवेदन किया है। जिला स्तर के पुरस्कारों की घोषणा इसी महीने के अंत तक कर दी जाएगी। इसके बाद प्रदेश स्तर के पुरस्कार की घोषणा भी जल्द ही होगी। संवाद
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योजना में जीतने का आधार
योजना के उप परियोजना निदेशक योगेेंद्र राठी ने बताया कि प्रतियोगिता में किसानों से एक फार्म भरवाया जाता है। इसमें कई प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं। साथ ही बताना होता है कि उनका कृषि, उद्यान, मत्स्य और पशुपालन में क्या विशेष योगदान रहा है। जिस किसान ने विशेष तकनीक से फसल या सब्जी उगाई हो, उसे ज्यादा अंक दिए जाते हैं। सालाना मिलने वाली ट्रेनिंग में भाग लेने वाले किसानों को अलग से नंबर मिलते हैं। वहीं, जिन किसानों ने अपने स्तर से अन्य किसानों को खेती, पशु पालन या मत्स्य पालन की ट्रेनिंग दी हो, उन्हें भी अलग से नंबर दिए जाते हैं।
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अब तक जिले के दो किसानों को मिला है किसान रत्न
आत्मा योजना के तहत हर साल हरिद्वार जिले के किसान आवेदन करते हैं, लेकिन हर बार किसान पुरस्कार नहीं पाते हैं। अब तक हरिद्वार जिले से दो किसान ही किसान रत्न से सम्मानित हुए हैं। खास बात ये दोनों ही नारसन ब्लॉक के हैं। वर्ष 2009-10 में नीरज को उद्यान विभाग में नई तकनीकी से सब्जी उत्पादन करने पर ये पुरस्कार मिला था। वर्ष 2014-15 में रविन्द्र कुमार को पशुपालन विभाग में बेेहतर काम करने पर इस पुरस्कार से सम्मनित किया गया था।
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किस ब्लॉक से कितने आए आवेदन
नारसन 23
लक्सर 25
भगवानपुर 26
लक्सर 40
खानपुर 25
बहादराबाद 21