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आंधी ने शहर से देहात की बिजली उड़ाई
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ऊर्जा निगम की ओर से उच्च तकनीकी के लाख दावे किए जा रहे हैं। लेकिन, स्थिति यह है कि तेज हवा से बिजली गुल हो जाती है। बुधवार को तड़के आई आंधी के कारण शहर और देहात तक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई जगह लाइन पर पेड़ की टहनियां गिर गईं। दिन निकलने के बाद ही ऊर्जा निगम ने ठेकेदार के मजदूरों से टहनियां हटवाई गईं। सुबह करीब 11 बजे विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकी।
जादूगर रोड पर बिजली की लाइन पर गिरी टहनियां
बुधवार तड़के आई आंधी के कारण शहर में कई क्षेत्रों में विद्युत लाइनों पर पेड़ की टहनी गिरने और कई स्थानों पर बिजली के तारों के आपस में टकराने से लाइनें फाल्ट हो गईं। इससे करीब सात घंटे बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी।
आंधी आने से जादूगर रोड पर जामुन के पेड़ की टहनी टूटकर लाइन पर गिर गई। इससे सुबह चार बजे विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। वन विभाग के कार्यालय, तहसील आदि क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप रही। एसडीओ मोहम्मद उस्मान ने बताया कि बुधवार को सुबह 11 बजे विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई थी।
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मंगलौर में भी आठ घंटे गुल रही बिजली
मंगलौर। तड़के आई आंधी से बुधवार को मंगलौर में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। करीब आठ घंटे बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई। सुबह नौ बजे पुराने फीडर में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। ऊर्जा निगम की ओर से दूसरे फीडर से विद्युत आपूर्ति की गई। लाइनों में फाल्ट आने के कारण एक दर्जन लाइनमैन फाल्ट ढूंढते रहे। शाम साढ़े पांच बजे विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई। एसडीओ अमित सक्सेना ने बताया कि पुराने फीडर में फाल्ट आ गया था, जिसे ठीक कर दिया गया है। शाम पांच बजे विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई।
झबरेड़ा में भी विद्युत आपूर्ति बाधित
झबरेड़ा। क्षेत्र के कई स्थानों पर बुधवार तड़के आंधी आने से लाइनों पर पेड़ गिर गए। इससे तार टूट गए। इकबालपुर क्षेत्र में भी विद्युत आपूर्ति ठप रही। क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित होने से नलकूप भी नहीं चले। किसान दिनभर ऊर्जा निगम के अधिकारियों को फोन करते रहे। शाम सात बजे तक इकबालपुर में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।
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ऊर्जा निगम की ओर से उच्च तकनीकी के लाख दावे किए जा रहे हैं। लेकिन, स्थिति यह है कि तेज हवा से बिजली गुल हो जाती है। बुधवार को तड़के आई आंधी के कारण शहर और देहात तक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई जगह लाइन पर पेड़ की टहनियां गिर गईं। दिन निकलने के बाद ही ऊर्जा निगम ने ठेकेदार के मजदूरों से टहनियां हटवाई गईं। सुबह करीब 11 बजे विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकी।
जादूगर रोड पर बिजली की लाइन पर गिरी टहनियां
बुधवार तड़के आई आंधी के कारण शहर में कई क्षेत्रों में विद्युत लाइनों पर पेड़ की टहनी गिरने और कई स्थानों पर बिजली के तारों के आपस में टकराने से लाइनें फाल्ट हो गईं। इससे करीब सात घंटे बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी।
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आंधी आने से जादूगर रोड पर जामुन के पेड़ की टहनी टूटकर लाइन पर गिर गई। इससे सुबह चार बजे विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। वन विभाग के कार्यालय, तहसील आदि क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप रही। एसडीओ मोहम्मद उस्मान ने बताया कि बुधवार को सुबह 11 बजे विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई थी।
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मंगलौर में भी आठ घंटे गुल रही बिजली
मंगलौर। तड़के आई आंधी से बुधवार को मंगलौर में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। करीब आठ घंटे बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई। सुबह नौ बजे पुराने फीडर में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। ऊर्जा निगम की ओर से दूसरे फीडर से विद्युत आपूर्ति की गई। लाइनों में फाल्ट आने के कारण एक दर्जन लाइनमैन फाल्ट ढूंढते रहे। शाम साढ़े पांच बजे विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई। एसडीओ अमित सक्सेना ने बताया कि पुराने फीडर में फाल्ट आ गया था, जिसे ठीक कर दिया गया है। शाम पांच बजे विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई।
झबरेड़ा में भी विद्युत आपूर्ति बाधित
झबरेड़ा। क्षेत्र के कई स्थानों पर बुधवार तड़के आंधी आने से लाइनों पर पेड़ गिर गए। इससे तार टूट गए। इकबालपुर क्षेत्र में भी विद्युत आपूर्ति ठप रही। क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित होने से नलकूप भी नहीं चले। किसान दिनभर ऊर्जा निगम के अधिकारियों को फोन करते रहे। शाम सात बजे तक इकबालपुर में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।