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देश की सुरक्षा आसान, चीन सीमा तक बनाई सड़क

Sat, 02 Apr 2016 10:45 AM IST
प्रमोद सेमवाल/ अमर उजाला, गोपेश्वर
प्रमोद सेमवाल/ अमर उजाला, गोपेश्वर Updated Sat, 02 Apr 2016 10:45 AM IST
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road in india chaina border uttarakhand
सड़क - फोटो : concept photo

उत्तराखंड के चमोली जिले से लगी चीन सीमा पर तैनात भारतीय सैनिकों व आईटीबीपी के जवानों को अपनी चौकियों पर अब पैदल नहीं जाना होगा। जोशीमठ-मलारी हाईवे का डबल लेन कार्य सीमा क्षेत्र के अंतिम स्टेशन रिमखिम तक पहुंच गया है। रिमखिम तक सेना के वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो गई है।

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अब तक जवानों को अपनी चौकियों तक पहुंचने के लिए सुमना से रिमखिम तक करीब 20 किलोमीटर की लंबी दूरी पैदल ही नापना पड़ती थी। यहां तक कि सामरिक महत्व का साजो-सामान भी पीठ पर लादकर या हेलीकॉप्टर से यहां पहुंचाना पड़ता था।
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चीन नहीं चाहता था कि भारत सामरिक महत्व के इस मार्ग का निर्माण करे, लेकिन भारत ने इस खतरनाक और दुष्कर मार्ग पर सड़क बना डाली है। अब चीन की सीमा मात्र 8 किलोमीटर दूर रह गई है, जहां सेना के जवान आसानी से नजर बनाए रख सकते हैं। सुरक्षा के लिहाज से रिमखिम तक सैन्य वाहनों की आवाजाही एक बड़ा कदम है।
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सेना ने इस कार्य को बड़ी गोपनीयता से अंजाम दिया और वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाने के बाद ही अपनी सफलता का खुलासा किया। अब जोशीमठ-मलारी हाईवे का डबल लेन कार्य सीमा क्षेत्र के अंतिम स्टेशन रिमखिम तक पहुंच जाने से सेना व आईटीबीपी के जवानों को आवश्यक रसद व सामरिक महत्व का सामान भी चीन सीमा तक पहुंचाने में आसानी होगी।

अंतिम चरण में पहुंचा कार्य

road in india chaina border uttarakhand
नकरोड़-चरड़ा मार्ग पर कठवाड़ के पास भूस्खलन से क्षतिग्रस्त। - फोटो : अमर उजाला

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) पांच वर्षों से यहां हाईवे के डबल लेन का कार्य कर रहा था जो अंतिम चरण में पहुंच गया है। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने जोशीमठ-मलारी हाईवे को डबल लेन करने के लिए वर्ष 2022 तक का समय दिया है लेकिन बीआरओ के अधिकारी दो वर्ष पहले ही करीब 2020 तक हाईवे को डबल लेन करने का दावा कर रहे हैं।

जोशीमठ-मलारी (101.5 किलोमीटर) स्टेट हाईवे है। फिलहाल जोशीमठ से मलारी (63 किलोमीटर) तक हाईवे के डबल लेन का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।

‘मलारी हाईवे पर करीब 80 किलोमीटर तक डबल लेन कार्य चल रहा है। चीन सीमा पर अंतिम वाहन स्टेशन रिमखिम तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मलारी से गिर्थी-डोबला तक हाईवे का डबल लेन कार्य भी पूरा हो गया है। जोशीमठ-मलारी के बीच डबल लेन कार्य वर्ष 2020 तक पूरा कर दिया जाएगा।’
- कर्नल आर सुब्रमण्यम (कमांडर, बीआरओ, जोशीमठ-चमोली)

‘मलारी हाईवे सेना की आवाजाही के लिए है। हाईवे पर डबल लेन का कार्य चल रहा है। जल्द ही सेना और आईटीबीपी के जवानों की सीमा क्षेत्र में आवाजाही सुगम हो जाएगी।’
- विनोद कुमार सुमन (डीएम, चमोली)

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