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उत्तराखंड की पहली महिला स्पीकर: 7.26 करोड़ रुपये की मालकिन, पिता मुख्यमंत्री रहे, जानिए ऋतु खंडूरी के बारे में सबकुछ
Wed, 23 Mar 2022 01:38 PM IST
हिमांशु मिश्रा
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Wed, 23 Mar 2022 01:38 PM IST
सार
उत्तराखंड के कोटद्वार विधानसभा से चुनाव जीतने वाली ऋतु खंडूरी के नाम नया रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा है। वह प्रदेश की पहली महिला स्पीकर बनेंगी।
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ऋतु खंडूरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तराखंड में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी होंगी। पहली बार होगा जब किसी महिला को इस पद की जिम्मेदारी दी गई है। आज तक विधानसभा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सिर्फ पुरुष ही संभालते आए हैं। पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार सीट से विधायक ऋतु की उम्र 56 साल है। पिता बीसी खंडूरी दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। आइए जानते हैं ऋतु खंडूरी के बारे में सबकुछ...
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मेरठ से पढ़ाई, पिता के साथ राजनीति में कदम
ऋतु खंडूरी
- फोटो : अमर उजाला
ऋतु ने 1986 में मेरठ यूनिवर्सिटी के रघुनाथ गर्ल्स कॉलेज से बीए ऑनर्स की पढ़ाई की। पिता बीसी खंडूरी 2007 से 2009 और फिर 2011 से 2012 के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। खंडूरी सेना से रिटायर होने के बाद राजनीति में आए थे। मेजर जनरल रैंक से रिटायर हुए खंडूरी को 1982 में अति विशिष्ट सेवा मेडल दिया गया था।
खंडूरी गढ़वाल लोकसभा से जीतने वाले वो पहले सांसद हैं और यहां से कुल 5 बार जीतकर सांसद और केंद्रीय मंत्री भी रहे। 2007 में खंडूरी के नेतृत्व में बीजेपी को उत्तराखंड में जीत मिली और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया। पहले वे 2009 तक मुख्यमंत्री बने रहे। फिर डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को मुख्यमंत्री बना दिया गया। फिर 2011 से 2012 तक चुनाव से ठीक पहले बीसी खंडूरी दोबारा मुख्यमंत्री बने रहे।
2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने खंडूरी है जरुरी का नारा दिया था, लेकिन खंडूरी अपनी ही सीट नहीं निकाल पाए। उन्हें कोटद्वार सीट पर सुरेंद्र सिंह नेगी ने हरा दिया। इसके बाद से ही खंडूरी ने राजनीति से दूरी बना ली थी और उनकी बेटी ऋतु ने राजनीतिक विरासत संभाल ली। इस बार इसी सीट पर बेटी ऋतु ने पिता की हार का बदला लिया। ऋतु ने पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी को हराया। इसके पहले ऋतु ने 2017 में पहली बार यमकेश्वर सीट से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। बीसी खंडूरी के बेटे मनीष खंडूरी कांग्रेस पार्टी में हैं और गढ़वाल सीट से सांसद का चुनाव लड़ चुके हैं। लेकिन वे चुनाव नहीं जीत पाए।
खंडूरी गढ़वाल लोकसभा से जीतने वाले वो पहले सांसद हैं और यहां से कुल 5 बार जीतकर सांसद और केंद्रीय मंत्री भी रहे। 2007 में खंडूरी के नेतृत्व में बीजेपी को उत्तराखंड में जीत मिली और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया। पहले वे 2009 तक मुख्यमंत्री बने रहे। फिर डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को मुख्यमंत्री बना दिया गया। फिर 2011 से 2012 तक चुनाव से ठीक पहले बीसी खंडूरी दोबारा मुख्यमंत्री बने रहे।
2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने खंडूरी है जरुरी का नारा दिया था, लेकिन खंडूरी अपनी ही सीट नहीं निकाल पाए। उन्हें कोटद्वार सीट पर सुरेंद्र सिंह नेगी ने हरा दिया। इसके बाद से ही खंडूरी ने राजनीति से दूरी बना ली थी और उनकी बेटी ऋतु ने राजनीतिक विरासत संभाल ली। इस बार इसी सीट पर बेटी ऋतु ने पिता की हार का बदला लिया। ऋतु ने पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी को हराया। इसके पहले ऋतु ने 2017 में पहली बार यमकेश्वर सीट से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। बीसी खंडूरी के बेटे मनीष खंडूरी कांग्रेस पार्टी में हैं और गढ़वाल सीट से सांसद का चुनाव लड़ चुके हैं। लेकिन वे चुनाव नहीं जीत पाए।
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करोड़ों की मालकिन, पति सरकारी विभाग में
ऋतु के पास कुल 7.26 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें 1.26 करोड़ रुपये की चल और 4.40 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। ऋतु ने अपने चुनावी हलफनामे में इसकी जानकारी दी है। ऋतु और उनके पति के पास कुल पांच बैंक खाते हैं। इनमें 77.72 लाख रुपये जमा हैं। इसके अलावा ऋतु के पास 40 लाख रुपये के गहने भी हैं।