फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   Yoga is being taught to children suffering from cancer in AIIMS

Rishikesh News: एम्स में कैंसर पीड़ित बच्चों को सिखाया जा रहा योग

Sat, 30 Mar 2024 01:49 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 30 Mar 2024 01:49 AM IST
विज्ञापन
Yoga is being taught to children suffering from cancer in AIIMS
एम्स के मेडिकल ऑन्कोलाॅजी विभाग की आईपीडी में कैंसर पीड़ित बच्चों को योग सिखाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य बीमारी के कारण थकावट महसूस कर रहे बच्चों को जल्द स्वास्थ्य लाभ देना और तनाव मुक्त रहने से इनके चेहरे की मुस्कुराहट को कायम रखना है।
विज्ञापन


ध्यान, श्वास और आसन का संयोजन योग व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य में सुधार करता है। यह एक प्राचीन पद्धति है जो वैदिक स्तर पर पूर्व काल से ही भारतीय परंपराओं में चली आ रही है। लेकिन अब यह पद्धति कैंसर के इलाज में भी लाभकारी सिद्ध हो रही है। चिकित्सकों के अनुसार कैंसर पीड़ित व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने में यह विशेष कारगर है।
विज्ञापन




इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर एम्स का आयुष विभाग अस्पताल में भर्ती कैंसर पीड़ित बच्चों को योग सिखा रहा है। एलोपैथिक पद्धति के इलाज के साथ आयुष पद्धति का इस्तेमाल करने से कैंसर से ग्रसित बच्चों के जल्द ठीक होने की उम्मीद है। आयुष विभाग के डाॅ. श्रीलोय मोहंती ने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में इलाज की होलेस्टिक पैकेज की यह सुविधा नियमित तौर पर उपलब्ध करवाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आयुष विभाग के योग चिकित्सक मेडिकल ऑन्कोलाॅजी वार्ड में जाकर कैंसर से पीड़ित बच्चों को योग सिखाते हैं। बताया कि योगाभ्यास से बीमारी से जूझ रहे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होने लगता है। आयुष विभाग की डाॅ. श्वेता मिश्रा ने बताया कि इससे बीमारी से लड़ने में मदद मिलती है और रोगी के मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होने, थकावट कम होने व दिनचर्या बेहतर होने से कैंसर पीड़ित बच्चों के जीवन में उत्साह पैदा होने लगता है।



मेडिकल ऑन्कोलाॅजी के विभागाध्यक्ष प्रो. उत्तम कुमार नाथ ने इस सुविधा को एकीकृत चिकित्सा से जोड़ा और कहा कि यह कैंसर के उपचार का ही हिस्सा है। उन्होंने बताया कि कीमोथेरेपी व रेडिएशन से कई बार कैंसर रोगी को साइड इफेक्ट हो जाते हैं। ऐसे में दवा के साथ योग पद्धति अपनाने से कैंसर रोगियों के जीवन में उत्साह पैदा हो सकेगा और वह जल्दी स्वस्थ हो सकेंगे।




विभिन्न शोधों से पता चला है कि कैंसर से पीड़ित व्यक्ति के लिए योग से कई फायदे हैं। कैंसर का निदान और उपचार मनोवैज्ञानिक तनाव का कारण बनता है। योग उन उपचारों में एक है जो कैंसर रोगियों के तनाव को कम कर उन्हें मानसिक तौर से स्वस्थ बनाता है। इन्हीं उद्देश्यों को लेकर संस्थान का आयुष विभाग कैंसर ग्रस्त बच्चों को नियमित तौर से योग सिखा रहा है। हमें उम्मीद है कि यह अभ्यास कैंसर के प्रभाव को कम करने में मददगार साबित होगा। - प्रो. मीनू सिंह, कार्यकारी निदेशक, एम्स ऋषिकेश
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed