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Rishikesh News: आगजनी से लेकर पेड़ गिरने तक संभाल रहीं मोर्चा महिला फायर फाइटर्स
Thu, 17 Sep 2026 06:52 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 17 Sep 2026 06:52 PM IST
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ऋषिकेश। फायर सर्विस स्टेशन पर तैनात महिला फायर फाइटर्स भी पुरुष कर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिम्मेदारी निभा रही हैं। कभी पुरुषों का कार्यक्षेत्र माने जाने वाले फायर सर्विस विभाग में महिलाएं अब आग बुझाने के साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन, आपदा प्रबंधन और अन्य आपात परिस्थितियों में भी अपनी दक्षता साबित कर रही हैं। ऋषिकेश फायर सर्विस स्टेशन पर तैनात अंकिता, मोनिका, नैन्सी और रानी पिछले करीब तीन वर्षों से विभाग में अपनी सेवाएं दे रही हैं। प्रशिक्षण के बाद उनकी तैनाती ऋषिकेश में हुई और शुरुआत में कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। महिला फायर फाइटर्स ने बताया कि शुरुआती दौर में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कई तरह की परेशानियां सामने आईं लेकिन विभाग के फायर मैन ने उनका मार्गदर्शन करने के साथ ही लगातार हौसला भी बढ़ाया। धीरे-धीरे अनुभव बढ़ता गया और अब वह किसी भी आपात स्थिति में बिना घबराए रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम हैं। आगजनी की घटनाओं के अलावा सड़क पर पेड़ गिरने, आपदा की स्थिति, वीआईपी ड्यूटी और वायरलेस टेलीकॉम व्यवस्था संभालने जैसी जिम्मेदारियां भी वह पूरी मुस्तैदी से निभा रही हैं। अग्निशमन विभाग के अधिकारी सुनील दत्त तिवारी ने बताया कि ऋषिकेश फायर सर्विस स्टेशन पर चार महिला फायर फाइटर्स तैनात हैं। उन्होंने कहा कि महज तीन साल की सेवा अवधि में महिला कर्मियों ने फायर सर्विस और रेस्क्यू कार्यों में अच्छा अनुभव हासिल किया है और आपात परिस्थितियों में जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही हैं।
-त्योहार की खुशियां छोड़ दूसरों की खुशियां बचाने तक की जिम्मेदारी
दीपावली जैसे त्योहारों पर जब शहर रोशनी और आतिशबाजी से जगमगाता है, उस समय फायर स्टेशन पर तैनात जवानों पमरी तरह से मुस्तैद रहते है। महिला फायर फाइटर्स का कहना है कि ड्यूटी के दौरान परिवार और त्योहार से दूर रहना जरूर मुश्किल होता है लेकिन जब किसी की जान बचाने या आग को फैलने से रोकने में सफलता मिलती है तो यही उनकी सबसे बड़ी खुशी होती है।
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-त्योहार की खुशियां छोड़ दूसरों की खुशियां बचाने तक की जिम्मेदारी
दीपावली जैसे त्योहारों पर जब शहर रोशनी और आतिशबाजी से जगमगाता है, उस समय फायर स्टेशन पर तैनात जवानों पमरी तरह से मुस्तैद रहते है। महिला फायर फाइटर्स का कहना है कि ड्यूटी के दौरान परिवार और त्योहार से दूर रहना जरूर मुश्किल होता है लेकिन जब किसी की जान बचाने या आग को फैलने से रोकने में सफलता मिलती है तो यही उनकी सबसे बड़ी खुशी होती है।
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