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महिलाओं ने कच्ची शराब की भट्टी को किया नष्ट
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रूषा फॉर्म में जंगल में गड्ढे से बरामद कच्ची की केन।
- फोटो : RISHIKESH
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विभागीय अफसरों की सुस्ती से आजिज ग्रामीण महिलाओं ने कच्ची शराब के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। इसी क्रम में रूषा फार्म के समीप वन विभाग की भूमि पर बन रही कच्ची शराब के ठिकाने पर ग्रामीण महिलाओं ने धावा बोल 150 लीटर कच्ची शराब मौके पर ही नष्ट की। महिलाओं के शोर मचाने पर तस्कर वहां से भाग निकले।
मामला वन विभाग की ऋषिकेश रेंज का है। यहां हरिद्वार बाईपास मुख्य मार्ग से दो किमी दूर जंगल में कच्ची शराब की भट्ठियां सुलग रही थीं। शनिवार को जंगल में घास और लकड़ियां लेने गई महिलाओं ने आग जलते देखा तो शोर मचाना शुरू किया। साथ ही वन विभाग को सूूचना दी। जब तक वनकर्मी पहुंचते, उससे पहले ही महिलाओं ने करीब 150 लीटर कच्ची शराब नष्ट कर दी। साथ ही महिलाओं ने वन विभाग के अफसरों पर शराब तस्करों को पनाह देने का भी आरोप लगाया है।
तस्करों को पनाह देने का लगाया आरोप
ऋषिकेश। जंगल में अवैध शराब की भट्ठी पकड़ने के दौरान पिंकी सहित मौके पर मौजूद महिलाओं ने आरोप लगाया कि वन क्षेत्र में कच्ची शराब का कारोबार अफसरों की पनाह ले चल रहा है। यही वजह से है कि अफसर आए दिन तस्करों को राहत देने के लिए महिलाओं को जंगल में घास और लकड़ियां लेने जाने पर कानून का राग अलापते हैं। तीन वर्ष पूर्व क्षेत्रीय महिलाओं के संयुक्त अभियान की वजह से कई भट्ठियां नष्ट की गईं थीं। इस दौरान रोशनी मिश्रवाण, पूनम रावत, सोणी रावत, माया, बीरा आदि महिलाएं मौजूद रहीं। महिलाओं का कहना है कि जंगलों में कच्ची शराब का गोरखधंधा कई वर्षों से संचालित है। महिलाएं इस अवैध कारोबार के लिए पुलिस और वन विभाग के अफसरों को आड़े हाथों ले रही हैं। इस संदर्भ में श्यामपुर चौकी प्रभारी अशीष गुसाईं से जब प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई तो उनका फोन नहीं उठा। चौकी प्रभारी का पक्ष आने के बाद उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
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बरसात के कारण नहीं हो पाई गश्त
रेंजर आरपीएस नेगी के अनुसार गड्ढे खोदकर प्लास्टिक के 200 लीटर ड्रम में गुड़ रखे गए थे। विभाग की ओर से नियमित गश्त की जाती है। मगर, बरसात होने के कारण एक हफ्ते से गश्त नहीं हो पाई। पूर्व में गश्त के दौरान करीब 50 ड्रम जब्त किए जा चुके हैं।
अवैध शराब बनाने का कारोबार जंगल में हो रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए 13 जनवरी को ग्राम सभा की आम सभा में एक प्रस्ताव लाया जाएगा।
- दीपिका व्यास, ग्राम प्रधान गुमानीवाला
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मामला वन विभाग की ऋषिकेश रेंज का है। यहां हरिद्वार बाईपास मुख्य मार्ग से दो किमी दूर जंगल में कच्ची शराब की भट्ठियां सुलग रही थीं। शनिवार को जंगल में घास और लकड़ियां लेने गई महिलाओं ने आग जलते देखा तो शोर मचाना शुरू किया। साथ ही वन विभाग को सूूचना दी। जब तक वनकर्मी पहुंचते, उससे पहले ही महिलाओं ने करीब 150 लीटर कच्ची शराब नष्ट कर दी। साथ ही महिलाओं ने वन विभाग के अफसरों पर शराब तस्करों को पनाह देने का भी आरोप लगाया है।
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तस्करों को पनाह देने का लगाया आरोप
ऋषिकेश। जंगल में अवैध शराब की भट्ठी पकड़ने के दौरान पिंकी सहित मौके पर मौजूद महिलाओं ने आरोप लगाया कि वन क्षेत्र में कच्ची शराब का कारोबार अफसरों की पनाह ले चल रहा है। यही वजह से है कि अफसर आए दिन तस्करों को राहत देने के लिए महिलाओं को जंगल में घास और लकड़ियां लेने जाने पर कानून का राग अलापते हैं। तीन वर्ष पूर्व क्षेत्रीय महिलाओं के संयुक्त अभियान की वजह से कई भट्ठियां नष्ट की गईं थीं। इस दौरान रोशनी मिश्रवाण, पूनम रावत, सोणी रावत, माया, बीरा आदि महिलाएं मौजूद रहीं। महिलाओं का कहना है कि जंगलों में कच्ची शराब का गोरखधंधा कई वर्षों से संचालित है। महिलाएं इस अवैध कारोबार के लिए पुलिस और वन विभाग के अफसरों को आड़े हाथों ले रही हैं। इस संदर्भ में श्यामपुर चौकी प्रभारी अशीष गुसाईं से जब प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई तो उनका फोन नहीं उठा। चौकी प्रभारी का पक्ष आने के बाद उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
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बरसात के कारण नहीं हो पाई गश्त
रेंजर आरपीएस नेगी के अनुसार गड्ढे खोदकर प्लास्टिक के 200 लीटर ड्रम में गुड़ रखे गए थे। विभाग की ओर से नियमित गश्त की जाती है। मगर, बरसात होने के कारण एक हफ्ते से गश्त नहीं हो पाई। पूर्व में गश्त के दौरान करीब 50 ड्रम जब्त किए जा चुके हैं।
अवैध शराब बनाने का कारोबार जंगल में हो रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए 13 जनवरी को ग्राम सभा की आम सभा में एक प्रस्ताव लाया जाएगा।
- दीपिका व्यास, ग्राम प्रधान गुमानीवाला