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भुली ए भुली देखने उमड़े दर्शक
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Sat, 18 Jun 2016 02:19 AM IST
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गढ़वाली फिल्म भुली ए भुली का पहला शो देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ी।
- फोटो : अमर उजाला
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गढ़वाली फिल्म भुली ए भुली का पहला शो देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ी। फिल्म में भाई-बहन के प्यार को देखकर दर्शक भावुक दिखे। तो खनन माफिया द्वारा उत्तराखंड में प्राकृतिक संसाधनों की लूट के दृश्य को देख दर्शक बेहद गुस्से में भी दिखे।
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वैष्णवी मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनी गढ़वाली फिल्म भुली ऐ भुली का रामा पैलेस में पहला शो का शुभारंभ शिक्षा मंत्री, मंत्री प्रसाद नैथानी ने फीता काटकर किया। कहा भुली ऐ भुली फिल्म के माध्यम से विलुप्त हो रही गढ़वाली संस्कृति और रीति रिवाजों को नई पहचान मिलेगी। साथ ही इससे नई युवा पीढ़ी गढ़वाल की संस्कृति से रूबरू होंगे।
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फिल्म में जिस तरह भाई-बहन का प्यार और पर्यावरण का हनन दिखाया गया है। वह दर्शकों और समाज को जागरूक करने का अच्छा संदेश है। मौके पर कलाकार बलदेव राणा, गायक साहब सिंह रमोला, डा. राजे नेगी, विरेंद्र नौटियाल, रवि कुकरेती आदि मौजूद थे।
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फिल्म की कहानी दर्शकों की जुबानी
फिल्म की जो कहानी है वह बहुत अच्छी है। फिल्म में भाई-बहन का प्यार दर्शकों भूलने से भी नहीं भूलने देगा।
-कुसुम जोशी।
फिल्म में गढ़वाली, बोली, भाषा और रीति रिवाज का जो अटूट समावेश है वह दर्शकों को इस फिल्म में देखने को मिल रही है।
ऊषा पांडेय।
सोचा भी नहीं था कि फिल्म की कहानी इतनी रोचक होगी। फिल्म में जो गढ़वाली दृश्य फिल्माए गए हैं। वह बहुत अच्छे हैं। निश्चित तौर पर युवा पीढ़ी के लिए यह फिल्म प्रकृति से छेड़छाड़ न करने का संदेश देने में सफल रहेंगी।
मुकेश रावत।
फिल्म की कहानी भाई-बहन के प्यार और खनन पर आधारित है। खनन माफिया जहां जगह-जगह प्रकृति का दोहन कर पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। यह फिल्म उन लोगों को संदेश देने का काम कर रही कि बुरे काम बुरा नजीता है।
मनोज रावत