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नीलकंठ मोटर मार्ग पर हिचकोले खा रहे शिवभक्तों के वाहन
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शिवरात्रि के बाद भी बड़ी संख्या में शिवभक्त नीलकंठ धाम में जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन लोक निर्माण विभाग दुगड्डा डिवीजन की लापरवाही शिव भक्तों और स्थानीय ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग पर सड़क पर बने गड्ढों में वाहन हिचकोले खा रहे हैं। नाली निर्माण नहीं होने से सड़क तालाब बन रही है। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
नीलकंठ धाम में साल भर श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। सावन के महीने में मंदिर में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। शिवरात्रि के बाद भी नीलकंठ धाम में रोजाना हजारों की संख्या में शिवभक्त पहुंच रहे हैं। लेकिन नीलकंठ मोटर मार्ग से मंदिर से जाने वाले शिवभक्त जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं।
गरुड़चट्टी से लेकर पीपलकोटी तक सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। नाली निर्माण नहीं होने से बारिश का पानी सड़क पर जमा हो रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, भगत सिंह पयाल ने बताया कि पौराणिक मंदिर नीलकंठ धाम में वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। लेकिन आज तक लोनिवि की ओर लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग की सुध नहीं ली है।
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खानापूर्ति के लिए विभाग के कर्मचारी सड़क पर बने गड्ढों को मिट्टी से भर देते हैं। जो हल्की बारिश में ही बह जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क डामरीकरण के नाम पर विभाग ने करोड़ों बजट का दुरुपयोग किया गया।
कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग पर बने गड्ढों का भरान किया गया था। बारिश के कारण स्थिति जस की तस हो गई है।
-सत्यप्रकाश राठौर, सहायक अभियंता, लोनिवि, उपखंड लक्ष्मणझूला।
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नीलकंठ धाम में साल भर श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। सावन के महीने में मंदिर में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। शिवरात्रि के बाद भी नीलकंठ धाम में रोजाना हजारों की संख्या में शिवभक्त पहुंच रहे हैं। लेकिन नीलकंठ मोटर मार्ग से मंदिर से जाने वाले शिवभक्त जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं।
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गरुड़चट्टी से लेकर पीपलकोटी तक सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। नाली निर्माण नहीं होने से बारिश का पानी सड़क पर जमा हो रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, भगत सिंह पयाल ने बताया कि पौराणिक मंदिर नीलकंठ धाम में वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। लेकिन आज तक लोनिवि की ओर लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग की सुध नहीं ली है।
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खानापूर्ति के लिए विभाग के कर्मचारी सड़क पर बने गड्ढों को मिट्टी से भर देते हैं। जो हल्की बारिश में ही बह जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क डामरीकरण के नाम पर विभाग ने करोड़ों बजट का दुरुपयोग किया गया।
कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग पर बने गड्ढों का भरान किया गया था। बारिश के कारण स्थिति जस की तस हो गई है।
-सत्यप्रकाश राठौर, सहायक अभियंता, लोनिवि, उपखंड लक्ष्मणझूला।