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Rishikesh News: वीकेंड पर आया वाहनों का रेला, तीस किमी तक रेंग-रेंगकर चले वाहन
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वीकेंड पर वाहनों का रेला आने से हाईवे, बाईपास और आंतरिक मार्गों पर जाम लग गया। इससे वाहन रेंग-रेंगकर कर चलते रहे। पशुलोेक बैराज से पीपलकोटी तक 30 किलोमीटर तक वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे। वहीं, नटराज चौक से ब्रह्मपुरी तक भी जाम की स्थित बनी रही। करीब आठ किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को दो घंटेे से अधिक लग गए।
वीकेंड पर हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान के पर्यटक वाहनों की भीड़ आने से ऋषिकेश में सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे। वाहनों की भीड़ के सामने चौक चौराहों पर यातायात व्यवस्था को संभालने में लगे पुलिस जवान बेबस नजर आए। नेपाली फार्म से वाहनों को भानियावाला भेजने के दौरान भी पीछे से तुरंत वाहनों की लाइन लग रही थी। नटराज चौक से एआरटीओ कार्यालय और नटराज चौक से जंगलात चौकी तक एक किलोमीटर लंबी लाइन लग गई।
वहीं, नटराज चौक से वाहनों की भीड़ आगे भद्रकाली भेजने के लिए पुलिस जवानों के पसीने छूट गए। पशुलोेक बैराज से पीपलकोटी तक करीब 30 किलोमीटर तक वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे। वहीं, शिवपुरी, नीरगड्डू, गरुड़चट्टी जाने वाले वाहनों का सबसे ज्यादा दबाव रहा।
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साहब...नीरगड्डू वाटर फॉल का रास्ता कहां से है
भद्रकाली से आगे ब्रह्मानंद मोड़ पर साइनबोर्ड न लगाए जाने से दिल्ली-हरियाणा से आने वाले वाहन चालक अपने वाहनों को बीच सड़क पर रोककर पुलिस जवानों को नीरगड्डू वाटर फॉल, ब्रह्मपुरी, गरुड़चट्टी, नीलकंठ, लक्ष्मणझूला जाने का रास्ता पूछ रहे थे। इससे पीछे से आ रहे वाहनों की गति रुक रही थी।
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वाहनों को रोकने के लिए युवा खुद आगे आए
चौदहबीघा पुल के पास आबादी क्षेत्र में वाहनों को रोकने के लिए पुलिस जवानों की तैनाती न होने से स्थानीय युवाओं को खुद आगे आना पड़ा। स्थानीय युवा खुद बैरिकेड लगाकर बाहरी राज्यों के वाहनों को आबादी क्षेत्र में जाने से रोकते रहे। स्थानीय निवासी संदीप परमार ने बताया कि आबादी क्षेत्र में वाहनों के जाने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे हादसों का भी खतरा रहता है।
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यातायात पुलिस के पास साइनबोर्ड बनाने के लिए बजट नहीं है। चौक चौराहों पर साइनबोर्ड लगवाने के लिए जिलाधिकारी टिहरी से मांग की गई थी। साइनबोर्ड लगाने के लिए समाजसेवी संस्थाओं से संपर्क किया जाएगा। जल्द ही चौक-चौराहों पर साइनबोर्ड लगाए जाएंगे।
- सुरेंद्र प्रसाद बलूनी, नोडल अधिकारी, यातायात पुलिस
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वीकेंड पर हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान के पर्यटक वाहनों की भीड़ आने से ऋषिकेश में सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे। वाहनों की भीड़ के सामने चौक चौराहों पर यातायात व्यवस्था को संभालने में लगे पुलिस जवान बेबस नजर आए। नेपाली फार्म से वाहनों को भानियावाला भेजने के दौरान भी पीछे से तुरंत वाहनों की लाइन लग रही थी। नटराज चौक से एआरटीओ कार्यालय और नटराज चौक से जंगलात चौकी तक एक किलोमीटर लंबी लाइन लग गई।
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वहीं, नटराज चौक से वाहनों की भीड़ आगे भद्रकाली भेजने के लिए पुलिस जवानों के पसीने छूट गए। पशुलोेक बैराज से पीपलकोटी तक करीब 30 किलोमीटर तक वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे। वहीं, शिवपुरी, नीरगड्डू, गरुड़चट्टी जाने वाले वाहनों का सबसे ज्यादा दबाव रहा।
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साहब...नीरगड्डू वाटर फॉल का रास्ता कहां से है
भद्रकाली से आगे ब्रह्मानंद मोड़ पर साइनबोर्ड न लगाए जाने से दिल्ली-हरियाणा से आने वाले वाहन चालक अपने वाहनों को बीच सड़क पर रोककर पुलिस जवानों को नीरगड्डू वाटर फॉल, ब्रह्मपुरी, गरुड़चट्टी, नीलकंठ, लक्ष्मणझूला जाने का रास्ता पूछ रहे थे। इससे पीछे से आ रहे वाहनों की गति रुक रही थी।
वाहनों को रोकने के लिए युवा खुद आगे आए
चौदहबीघा पुल के पास आबादी क्षेत्र में वाहनों को रोकने के लिए पुलिस जवानों की तैनाती न होने से स्थानीय युवाओं को खुद आगे आना पड़ा। स्थानीय युवा खुद बैरिकेड लगाकर बाहरी राज्यों के वाहनों को आबादी क्षेत्र में जाने से रोकते रहे। स्थानीय निवासी संदीप परमार ने बताया कि आबादी क्षेत्र में वाहनों के जाने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे हादसों का भी खतरा रहता है।
यातायात पुलिस के पास साइनबोर्ड बनाने के लिए बजट नहीं है। चौक चौराहों पर साइनबोर्ड लगवाने के लिए जिलाधिकारी टिहरी से मांग की गई थी। साइनबोर्ड लगाने के लिए समाजसेवी संस्थाओं से संपर्क किया जाएगा। जल्द ही चौक-चौराहों पर साइनबोर्ड लगाए जाएंगे।
- सुरेंद्र प्रसाद बलूनी, नोडल अधिकारी, यातायात पुलिस