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Rishikesh News: नवजात शिशुओं की देखभाल और शिशु मृत्युदर कम करने पर हुआ मंथन

Sat, 05 Aug 2023 11:46 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 05 Aug 2023 11:46 PM IST
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Uttarakhand Neonatology Society was inaugurated and logo
एम्स में उत्तराखंड नियोनेटोलाॅजी सोसाइटी का हुआ उद्घाटन
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एम्स में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तराखंड नियोनेटोलाॅजी सोसाइटी का उद्घाटन और लोगो लाॅन्च किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा, सोसाईटी के गठन से राज्य स्तर पर नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए नए आयाम खुल सकेंगे। कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने नवजात बच्चों की विभिन्न बीमारियों और जटिलताओं पर अपने अनुभव भी साझा किए।

मुख्य अतिथि एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो.डाॅ. मीनू सिंह ने कहा, देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों में नवजात शिशु मृत्यु दर बहुत कम है। हमें उन राज्यों के प्रावधानों और स्वास्थ्य योजनाओं का अनुसरण करने की आवश्यकता है। उन्होने ने कहा, एम्स ऋषिकेश से संचालित टेलीमेडिसिन सुविधा और ड्रोन की मदद से दूर-दराज के क्षेत्रों में दवा पहुंचाने की व्यवस्था राज्य में नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने में कारगर सिद्ध होगी।
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हाई क्वालिटी केयर पर फोकस करना होगा

विशिष्ट अतिथि हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के डीन प्रो. अशोक देवराड़ी ने कहा कि सभी को नवजात शिशुओं की हाई क्वालिटी केयर पर फोकस करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, सोसाइटी के गठन से राज्य में एनएचएम व अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर सामुदायिक स्तर पर मातृ शिशु कल्याण के क्षेत्र में बेहतर कार्य किए जा सकेंगे। इसके लिए उन्होंने जिला चिकित्सालयों, वेलनेस सेंटरों एवं प्राइमरी हेल्थ केयर सिस्टम के साथ मिलकर टेलीमेडिसिन सेवा का सहयोग लेने की बात कही। उन्होंने कहा, इससे नवजात शिशुओं को आवश्यक इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफरेल करने का प्रतिशत कम किया जा सकेगा।
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नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य देखभाल में सुधार करना है

सोसाइटी की अध्यक्ष और एम्स नियोनेटोलाॅजी विभाग की हेड प्रो. श्रीपर्णा बासु ने कहा, डॉक्टरों और हेल्थ केयर वर्करों की सर्वसम्मति से इस वर्ष जनवरी में उत्तराखंड नियोनेटोलॉजी सोसायटी का गठन किया गया था। उन्होंने बताया कि सोसायटी का लक्ष्य हेल्थ केयर वर्करों के ज्ञान और कौशल निर्माण के माध्यम से नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य देखभाल में राज्य स्तर पर व्यापक सुधार करना है।




इस दौरान एम्स ऋषिकेश के प्रो. नवनीत भट, श्रीनगर मेडिकल काॅलेज के प्रो. व्यास राठौर, हिमालयन इंस्टीट्यूट से प्रो. गिरीश गुप्ता और प्रो. अनिल रावत ने एक्सपर्ट की भूमिका निभाई। इस दौरान प्रभारी डीन और फार्मोकोलोजी विभाग के हेड प्रो. शैलेन्द्र हांडू, डाॅ. बीपी कालरा, डाॅ.अनुपमा बहादुर, डाॅ. पूनम सिंह, डाॅ. सनोवर वसीम, डाॅ. मयंक प्रियदर्शी व डाॅ. विशाल कौशिक आदि मौजूद रहे।
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