Rishikesh: आए दिन लग रहा भयंकर जाम, परेशान ऋषिकेशवासी कह रहे...अतिथि तुम कब जाओगे
ऋषिकेश में प्रतिदिन वाहनों के आवागमन की क्षमता 20,000 के करीब है। इसके उलट यहां वीकएंड पर एक लाख से अधिक वाहन पहुंच रहे हैं।
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देवभूमि के लोग अतिथियों को देवतुल्य सम्मान देते हैं। सम्मान, पर्यटन, आस्था के चलते यहां दूसरे राज्यों के लोग प्रतिदिन आते हैं। छोटे शहरों में इन अतिथियों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि देवभूमि के लोगों की परेशानी का सबब बन रही है। सड़कों पर क्षमता से कई गुना अधिक वाहनों का आवागमन हो रहा है। वीकएंड पर ऐसी स्थिति बनती है कि इन अतिथियों के कारण मेजबान अपने घरों के बाहर नहीं निकल पाते। रोज-रोज लगने वाले जाम से परेशान ऋषिकेशवासी कह रहे हैं... अतिथि तुम कब जाओगे।
ऋषिकेश में प्रतिदिन वाहनों के आवागमन की क्षमता 20,000 के करीब है। इसके उलट यहां वीकएंड पर एक लाख से अधिक वाहन पहुंच रहे हैं। बीते तीन दिनों से प्रतिदिन एक लाख से अधिक वाहन ऋषिकेश पहुंचे। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान से रोजाना पर्यटक ऋषिकेश पहुंचते रहते हैं। दिन के जाम से बचने के लिए कई पर्यटक रात या तड़के पहुंच रहे हैं, लेकिन उस समय भी उन्हें जाम से जूझना पड़ रहा है। पुलिस की ओर से जो इंतजाम किए गए हैं वे सब वाहनों की भीड़ के सामने फेल होते दिख रहे हैं। यातायात पुलिस जाम का प्रमुख कारण सड़कों पर अतिक्रमण व सड़कों का चौड़ीकरण न होना मानती है।यदि किसी वाहन में आग लगी तो
...दिल्ली, हरियाणा और अन्य राज्यों से ऋषिकेश आ रहे वाहन 35 किमी से अधिक के जाम में फंस रहे हैं। ऊपर से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान, गाड़ियाें के एसी से निकलने वाली हवा, वाहन स्टार्ट रहने पर साइलेंसर की गर्मी के कारण वातावरण और गर्म हो जाता है। लंबे जाम में रेंग-रेंगकर चलने से कई वाहन गर्म हो रहे हैं। कई वाहनों की क्लच प्लेट फुंक रही हैं। कई वाहनों के टायरों से जलने जैसी गंध आती है। ऐसे में यदि किसी वाहन में आग लग जाती है तो उसकी जद में कितने वाहन आएंगे इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। ऐसी आग को बुझाने के लिए पुलिस के पास कोई प्लान भी नहीं है। अग्निशमन अधिकारी प्रताप राणा का कहना है कि आजकल फायर सीजन चल रहा है। अग्निशमन विभाग के पास पर्याप्त संसाधन और मैन पावर का अभाव है। हाईवे जाम लगने के लिए दौरान अलग-अलग प्वाइंटों पर अग्निशमन वाहनों को खड़ा करने का निर्णय मुख्यालय से होता है। यदि कहीं पर अनहोनी होती है तो अग्निशमन विभाग की गाड़ी तुरंत मौके पर पहुंच जाती है। हालांकि, रिस्पॉन्स टाइम ज्यादा हो जाता है।
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आपातकाल में अस्पताल पहुंचाना नहीं होगा आसान
शहर व आसपास के क्षेत्रों में जाम की स्थिति यह है कि लोगों को कई घंटे एक ही स्थान पर फंसे रहना पड़ रहा है। जाम के फंसे किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब हो जाए तो उसे अस्पताल पहुंचाना मुश्किल होगा। दरअसल, जाम में फंसे वाहन से बाहर निकलकर पैदल चलना भी असंभव है।ये हैं जाम लगने के कारण
- शहर में क्षमता से अधिक वाहनों का पहुंचना।- एक भी पार्किंग न होना, वाहनों का सड़कों पर ही पार्क होना।- 10 वर्षों में ऋषिकेश में सड़कों का ढांचागत विकास न होना।- शहर में एक भी फ्लाई ओवर न होना।
- श्यामपुर फाटक पर ट्रेनों के आवागमन के कारण बार-बार फाटक का बंद होना। इस फाटक पर दिनभर में करीब 17 से अधिक ट्रेनें आवागमन करती हैं।- राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अतिक्रमण न हटाना।
- राष्ट्रीय राजमार्ग पर लावारिस पशुओं का बैठना।
जाम से निजात दिलाने के उपाय
- शहर में प्रस्तावित फ्लाईओवर व एलिवेटेड रोड का जल्द निर्माण।
- पर्याप्त पुलिस, पीएसी के जवानों की ड्यूटी ट्रैफिक संभालने में लगाई जाए।
- हाईवे और बाइपास मार्ग के किनारे चल रहे बस, टैक्सी सर्विस सेंटरों को वीकेंड पर बंद किया जाए।
- शहर में पार्किंग निर्माण।
बोले स्थानीय लोग
पहले ऋषिकेश में वीकएंड पर ही जाम लगता था, अब हर रोज जाम लग रहा है। इससे स्थानीय लोगाें को परेशानी हो रही है। लोग बाजार में सामान खरीदने के लिए नहीं जा पा रहे हैं। ऋषिकेश में लग रहे जाम को लेकर शासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।
- रमाबल्लभ भट्ट
वीकएंड के कारण हाईवे पर जाम लगने के कारण श्यामपुर से ऋषिकेश में पहुंचने में कई घंटे लग रहे हैं। हाईवे दोनों ओर से पैक हो जाता है। हाईवे पार करना भी मुश्किल हो रहा है। जाम के कारण रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
- बीना भट्ट
रोज-रोज के जाम के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी होने के साथ ही चारधाम की यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को परेशानी होती है। हाईवे पर जाम न लगे इसके लिए पुलिस को पार्किंगों की संख्या बढ़ानी होगी। साथ ही पैरा मिलिट्री की मदद लेनी होगी। - अनिल चंदोला, स्थानीय निवासी
पर्यटकाें की जुबानी
परिवार के साथ आया हूं। मेरी कार बिना एसी वाली है। हरिद्वार से सुबह 10 बजे से तीन घंटे के बाद एक बजे रामझूला पहुंचा। यहां जब कार जाम में फंसी तो गर्मी से बचने के लिए कार को वहीं पार्क कर पेड़ की छांव के नीचे बैठ गया। यदि मुझे जाम की जानकारी होती तो मैं घर से नहीं चलता।
- महेश, फरीदाबाद
हर साल जून महीने में ऋषिकेश आता हूं। मुझे पता था कि वीकएंड पर जाम लगता है, लेकिन सोमवार को भी हरिद्वार से ऋषिकेश तक जाम में फंसने से हैरान हूं। गर्मी के कारण पूरा परिवार परेशान हो गया है। पिछले साल तक जब भी आता था तब आसानी से शिवपुरी कौडियाला तक पहुंच जाता था।
- प्रकाश, दिल्ली