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Rishikesh News: ई-रिक्शाओं को हाईवे से बाहर करने के आदेश को लागू नहीं कर पा रहा परिवहन विभाग
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ई-रिक्शा को हाईवे पर प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव को परिवहन विभाग मूर्त रूप नहीं दे पाया। शहर में दिनों-दिन बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या के कारण वीकेंड पर जाम भी लग रहा है। वीकेंड पर लग रहे जाम को लेकर को यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी मंथन कर चुके हैं, लेकिन ई-रिक्शा के रूट को लेकर किसी प्रकार की सहमति नहीं बन पाई।
पांच अगस्त को एआरटीओ कार्यालय की ओर से ई-रिक्शा के हाईवे पर संचालन प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से परिवहन मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया था। इस प्रस्ताव के परिवहन मुख्यालय से पास होने के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में ई-रिक्शा के रूट तय होने थे। इन रूटों पर संचालित हो रहे ई-रिक्शाओं पर रूट नंबर भी डाले जाने थे। आठ अगस्त को ई-रिक्शा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में ई-रिक्शा चालकों ने एआरटीओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। वर्तमान में ऋषिकेश में करीब 1384 से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। करीब 102 ई-कार्ट पंजीकृत हैं। हर दिन नई-नई ई-रिक्शा का पंजीकरण हो रहा है।
बिना फिटनेस, इंश्योरेंश के संचालित हो रहे ई-रिक्शे
एआरटीओ कार्यालय पंजीकृत कई ई-रिक्शा पंजीकरण के बाद फिटनेस खत्म होने पर उनके स्वामी ई-रिक्शा की दोबारा फिटनेस नहीं करवा रहे हैं। न ही ई-रिक्शाओं का इंश्योरेंस करवा रहे हैं। कई ई-रिक्शाओं को संचालित कर रहे चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं है।
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ई-रिक्शाओं के हाईवे पर संचालन रोकने के लिए पूर्व में परिवहन मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया था। जिसमें ई-रिक्शााओं का संचालन हाईवे की बजाय अलग-अलग क्षेत्रों में होना था। इस बारे में शासन स्तर पर परिवहन सचिव स्तर से ही फैसला लिया जा सकता है।
- मोहित कोठारी, एआरटीओ प्रवर्तन ऋषिकेश
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पांच अगस्त को एआरटीओ कार्यालय की ओर से ई-रिक्शा के हाईवे पर संचालन प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से परिवहन मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया था। इस प्रस्ताव के परिवहन मुख्यालय से पास होने के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में ई-रिक्शा के रूट तय होने थे। इन रूटों पर संचालित हो रहे ई-रिक्शाओं पर रूट नंबर भी डाले जाने थे। आठ अगस्त को ई-रिक्शा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में ई-रिक्शा चालकों ने एआरटीओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। वर्तमान में ऋषिकेश में करीब 1384 से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। करीब 102 ई-कार्ट पंजीकृत हैं। हर दिन नई-नई ई-रिक्शा का पंजीकरण हो रहा है।
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बिना फिटनेस, इंश्योरेंश के संचालित हो रहे ई-रिक्शे
एआरटीओ कार्यालय पंजीकृत कई ई-रिक्शा पंजीकरण के बाद फिटनेस खत्म होने पर उनके स्वामी ई-रिक्शा की दोबारा फिटनेस नहीं करवा रहे हैं। न ही ई-रिक्शाओं का इंश्योरेंस करवा रहे हैं। कई ई-रिक्शाओं को संचालित कर रहे चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं है।
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ई-रिक्शाओं के हाईवे पर संचालन रोकने के लिए पूर्व में परिवहन मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया था। जिसमें ई-रिक्शााओं का संचालन हाईवे की बजाय अलग-अलग क्षेत्रों में होना था। इस बारे में शासन स्तर पर परिवहन सचिव स्तर से ही फैसला लिया जा सकता है।
- मोहित कोठारी, एआरटीओ प्रवर्तन ऋषिकेश