फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   tradition and preservation of nature

Rishikesh News: परिवार, परंपरा और प्रकृति के संरक्षण की गहरी श्रद्धा का प्रतीक है नारी

Mon, 26 May 2025 06:07 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 26 May 2025 06:07 PM IST
विज्ञापन
tradition and preservation of nature
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में आयोजित राम कथा का 34वां दिन वट सावित्री पर्व और नारी शक्ति को समर्पित किया गया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि यह पर्व सनातन संस्कृति का अमूल्य अंग है। यह परिवार, परंपरा और प्रकृति के संरक्षण की गहरी श्रद्धा का भी प्रतीक है। कहा, सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण बचाने के लिए यमराज से प्रार्थना की। जो नारी की दृढ़ता, विश्वास और त्याग का अद्भुत उदाहरण है। वट वृक्ष के प्रति श्रद्धा प्रकृति के प्रति आदर का प्रतीक है, साथ ही यह जीवन और प्रकृति के अटूट संबंध को दर्शाता है। वृक्ष, जीवन दाता हैं। वट सावित्री पर्व यह संदेश देता है कि प्रकृति के संरक्षण के बिना हमारा अस्तित्व असंभव है। कथाव्यास संत मुरलीधर ने श्री राम कथा में सीता के चरित्र और उनके त्याग, धैर्य और भक्ति की गाथाएं सुनाई, जो आज के युग की नारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। श्री राम और माता सीता के आदर्श परिवार की स्थापना नारी शक्ति के समर्पण के बिना संभव नहीं थी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed