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Rishikesh News: सड़क दुर्घटना होने पर छात्र और शिक्षक होंगे फर्स्ट रिस्पांडर की भूमिका में
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Iकोटद्वार क्षेत्र के 50 लोगों को दिया गया प्रशिक्षणI
सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर पर नियंत्रण के लिए राज्य का परिवहन विभाग एम्स के सहयोग से अभियान चला रहा है। इसके तहत सड़क दुर्घटनाओं पर रोक के लिए फर्स्ट रिस्पांडर तैयार किए जा रहे हैं। एम्स में अब तक तीन प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं।
शुक्रवार को एम्स में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें कोटद्वार के 50 लोगों को प्रशिक्षित किया गया। एआरटीओ कोटद्वार शशि दुबे ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में कोटद्वार पीजी कालेज के 30 छात्र-छात्राओं, 10 शिक्षकों के साथ ही 10 चालक व परिचालकों को प्रशिक्षण दिया गया है। छात्र-छात्राएं विभिन्न जनपदों के हैं। सभी प्रशिक्षित सड़क दुर्घटनाओं में फर्स्ट रिस्पांडर की महत्वूपर्ण भूमिका निभाते हुए मृत्युदर कम करने में सहायक होंगे। एआरटीओ शशि ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान इन लोगों को रक्त स्राव रोकना, सीपीआर देना, घायल को ले जाने के तरीके आदि के बारे में प्रशिक्षित किया गया है। इसके साथ ही गुड समेरिटन कानून के बारे में भी जानकारी दी गई है।
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सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर पर नियंत्रण के लिए राज्य का परिवहन विभाग एम्स के सहयोग से अभियान चला रहा है। इसके तहत सड़क दुर्घटनाओं पर रोक के लिए फर्स्ट रिस्पांडर तैयार किए जा रहे हैं। एम्स में अब तक तीन प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं।
शुक्रवार को एम्स में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें कोटद्वार के 50 लोगों को प्रशिक्षित किया गया। एआरटीओ कोटद्वार शशि दुबे ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में कोटद्वार पीजी कालेज के 30 छात्र-छात्राओं, 10 शिक्षकों के साथ ही 10 चालक व परिचालकों को प्रशिक्षण दिया गया है। छात्र-छात्राएं विभिन्न जनपदों के हैं। सभी प्रशिक्षित सड़क दुर्घटनाओं में फर्स्ट रिस्पांडर की महत्वूपर्ण भूमिका निभाते हुए मृत्युदर कम करने में सहायक होंगे। एआरटीओ शशि ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान इन लोगों को रक्त स्राव रोकना, सीपीआर देना, घायल को ले जाने के तरीके आदि के बारे में प्रशिक्षित किया गया है। इसके साथ ही गुड समेरिटन कानून के बारे में भी जानकारी दी गई है।
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