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अंतरराज्यीय सांसी गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
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ऋषिकेश। बेहद शातिराना अंदाज में चोरी और टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय सांसी गिरोह के तीन सदस्यों को ऋषिकेश पुलिस और एसओजी देहात ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हरियाणा के रोहतक जिले से ताल्लुक रखने वाले तीनों आरोपियों के पास से डेढ़ लाख की नकदी बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने चोरियों और टप्पेबाजी की घटनाओं के मास्टरमाइंड हरियाणा के रोहतक निवासी मुकेश और सोनू की धरपकड़ कर लिए पूछताछ शुरू कर दी है।
ऋषिकेश पुलिस ने सोमवार शहर में सिलसिलेवार होने वाली तीन चोरी और टप्पेबाजी की घटना का खुलासा किया। सीओ ऋषिकेश डीसी ढौंडियाल ने बताया सांसी गिरोह के सदस्यों ने शहर में तीन चोरी की घटनाओं का अंजाम दिया है। सबसे पहले 16 जून को गिरोह के ऋषिकेश बस अड्डे में बालावाला, देहरादून निवासी एक बुजुर्ग महिला का पर्स उड़ाया था। पर्स में गले का हार, झुमके समेत अन्य सामान्य था। दूसरी घटना 18 जून को आईएसबीटी में ढालावाला, टिहरी गढ़वाल निवासी महिला के बैग से गहने साफ कर दिए थे। 23 जून को टिहरी गढ़वाल बस अड्डे से चोर टिहरी विस्थापित कॉलोनी हरिद्वार निवासी व्यक्ति के बैग से आभूषणों को लेकर चंपत हो गए। सीओ डीसी ढौडियाल ने बताया तीनों मामलों मे मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। चोरों की धरपकड़ के लिए चार टीमों का गठन किया। घटना स्थल के आसपास के 100 से अधिक सीसीटीवी खंगाले गए। 25 से अधिक संदिग्ध अपराधियों से पूछताछ की गई। इसके साथ हरियाणा के पानीपत, रोहतक समेत चोरों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई है। इस बीच पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, गंगा घाट और वेडिंग प्वाइंट के आसपास भी आरोपियों की धरपकड़ लिए जाल बिछा दिया। आरोपियों ने एक बार आईएसबीटी ऋषिकेश पर टप्पेबाजी घटना को अंजाम देने का प्रयास किया और धरे गए। पुलिस ने संजय कुमार (44) निवासी करतार पुर थाना रोहतक सिटी जिला रोहतक हरियाणा, विनोद कुमार (28) निवासी करतारपुर थाना सिटी रोहतक जिला हरियाणा, सत्यवान (45) ग्राम पेटवाण थाना नारनौल जिला हिसार हरियाणा आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोपी विनोद कुमार पर पोक्सो, अवैध हथियार रखने, अपराध के लिए संगठित होने समेत विभिन्न धाराओं में चार मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं।
ऋषिकेश। अंतरराज्यीय सांसी गिरोह के सदस्य बड़े शातिर होते हैं। गिरोह के सदस्य घटना को अंजाम देने के बाद फौरन जगह को छोड़ देते हैं। लेकिन इस बार गिरोह के सदस्य चोरी के लिए दोबारा आईएसबीटी पहुंच गए। यहां पहले से बैठी पुलिस ने चोरों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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ऋषिकेश में चोरी और टप्पेबाजी के आरोप में धरे गए सांसी गिरोह के तीनों सदस्य मूलरूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के कड़िया गांव के सांसी समाज से हैं। सांसी समाज के लोगों का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। ये लोग गिरोह बनाकर चोरी और टप्पेबाजी करते हैं। इनके तीन वसूल होते हैं। सांसी गिरोह के सदस्य चोरी और टप्पेबाजी के बाद शहर से फरार हो जाते हैं। दूसरा गिरोह के सदस्य अपने पास मोबाइल नहीं रखते हैं। बहुत जरूरत पड़ने पर फर्जी आईडी से दूसरे राज्यों के सिम लेकर मोबाइल का प्रयोग करते हैं। तीसरा गिरोह के सदस्य चोरी के लिए फर्जी नंबर प्लेट लगे वाहनों में आवागमन करते हैं। ये चोर इतने चालक है कि आईडी मांगने वाले होटलों और धर्मशालाओं में भी नहीं रुकते हैं।
लेकिन इस बार गिरोह के सदस्यों ने पहली चोरी के बाद जगह नहीं छोड़ी। ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल नेगी पहले भी बावरिया गिरोह, ईरानी गिरोह, सांसी गिरोह के सदस्यों की धरपकड़ करने वाली टीम को लीड किया था। ऐसे में उनका अनुभव का काम आया। प्रभारी पुलिस निरीक्षक ने बस अड्डे समेत सभी संभावित स्थानों पर जाल बिछाया।
शादियों के सीजन में होते हैं सक्रीय, बैंक पहली पसंद
ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल नेगी शादियों के सीजन में सांसी गिरोह सक्रीय हो जाता है। ये गिरोह खासकर बैंको, वेडिंग प्वाइंट, सुनारों की दुकानों, बस अड्डो और रेलवे स्टेशन पर नजर रखता है। इनके पास सोने आभूषणों को काटने के लिए खास तरह का कटर होता है। ध्यान भटकाने के लिए बिस्कुट खाकर उसके लोगों के ऊपर थूकते हैं। जब व्यक्ति गंदगी को साफ करने लगता है तो बैग बदलने या गहनों को चालाकी से काटकर गायब हो जाते हैं।
इमोशनल ब्लैकमेलिंग इनका दूसरा हथियार
सांसी गिरोह का सूचना तंत्र बड़ा मजबूत होता है। इनके गिरफ्तार होते ही परिवार की महिलाएं संबंधित कोतवाली में पहुंच जाती है और अपने बच्चों और परिवार की दयानीय स्थिति का हवाला देने लगती है। विकल्प के तौर पर वकील भी तैयार रखा जाता है। आरोपी पहली बार घटना में शामिल होने की बात कहते हुए पुलिस के आगे गिड़गिड़ाते हैं। ऋषिकेश कोतवाली में तीनों आरोपियों के परिवार की महिलाएं काफी देरे तक पुलिस का अपना दुखड़ा सुनाकर माफी मांगती रही।
चोरी के मिशन पर निकले है 50 सदस्य
सांस गिरोह के तीनों सदस्यों ने बताया उनके गिरोह के 50 सदस्य चोरी और टप्पेबाजी के लिए देशभर में निकले हैं। इसमें महिलाएं और बच्चें भी शामिल हैं। आरोपियों ने बताया कि उनके समाज में शादी भी चोरी और टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देने के बाद होती है।
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ऋषिकेश पुलिस ने सोमवार शहर में सिलसिलेवार होने वाली तीन चोरी और टप्पेबाजी की घटना का खुलासा किया। सीओ ऋषिकेश डीसी ढौंडियाल ने बताया सांसी गिरोह के सदस्यों ने शहर में तीन चोरी की घटनाओं का अंजाम दिया है। सबसे पहले 16 जून को गिरोह के ऋषिकेश बस अड्डे में बालावाला, देहरादून निवासी एक बुजुर्ग महिला का पर्स उड़ाया था। पर्स में गले का हार, झुमके समेत अन्य सामान्य था। दूसरी घटना 18 जून को आईएसबीटी में ढालावाला, टिहरी गढ़वाल निवासी महिला के बैग से गहने साफ कर दिए थे। 23 जून को टिहरी गढ़वाल बस अड्डे से चोर टिहरी विस्थापित कॉलोनी हरिद्वार निवासी व्यक्ति के बैग से आभूषणों को लेकर चंपत हो गए। सीओ डीसी ढौडियाल ने बताया तीनों मामलों मे मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। चोरों की धरपकड़ के लिए चार टीमों का गठन किया। घटना स्थल के आसपास के 100 से अधिक सीसीटीवी खंगाले गए। 25 से अधिक संदिग्ध अपराधियों से पूछताछ की गई। इसके साथ हरियाणा के पानीपत, रोहतक समेत चोरों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई है। इस बीच पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, गंगा घाट और वेडिंग प्वाइंट के आसपास भी आरोपियों की धरपकड़ लिए जाल बिछा दिया। आरोपियों ने एक बार आईएसबीटी ऋषिकेश पर टप्पेबाजी घटना को अंजाम देने का प्रयास किया और धरे गए। पुलिस ने संजय कुमार (44) निवासी करतार पुर थाना रोहतक सिटी जिला रोहतक हरियाणा, विनोद कुमार (28) निवासी करतारपुर थाना सिटी रोहतक जिला हरियाणा, सत्यवान (45) ग्राम पेटवाण थाना नारनौल जिला हिसार हरियाणा आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोपी विनोद कुमार पर पोक्सो, अवैध हथियार रखने, अपराध के लिए संगठित होने समेत विभिन्न धाराओं में चार मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं।
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ऋषिकेश। अंतरराज्यीय सांसी गिरोह के सदस्य बड़े शातिर होते हैं। गिरोह के सदस्य घटना को अंजाम देने के बाद फौरन जगह को छोड़ देते हैं। लेकिन इस बार गिरोह के सदस्य चोरी के लिए दोबारा आईएसबीटी पहुंच गए। यहां पहले से बैठी पुलिस ने चोरों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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ऋषिकेश में चोरी और टप्पेबाजी के आरोप में धरे गए सांसी गिरोह के तीनों सदस्य मूलरूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के कड़िया गांव के सांसी समाज से हैं। सांसी समाज के लोगों का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। ये लोग गिरोह बनाकर चोरी और टप्पेबाजी करते हैं। इनके तीन वसूल होते हैं। सांसी गिरोह के सदस्य चोरी और टप्पेबाजी के बाद शहर से फरार हो जाते हैं। दूसरा गिरोह के सदस्य अपने पास मोबाइल नहीं रखते हैं। बहुत जरूरत पड़ने पर फर्जी आईडी से दूसरे राज्यों के सिम लेकर मोबाइल का प्रयोग करते हैं। तीसरा गिरोह के सदस्य चोरी के लिए फर्जी नंबर प्लेट लगे वाहनों में आवागमन करते हैं। ये चोर इतने चालक है कि आईडी मांगने वाले होटलों और धर्मशालाओं में भी नहीं रुकते हैं।
लेकिन इस बार गिरोह के सदस्यों ने पहली चोरी के बाद जगह नहीं छोड़ी। ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल नेगी पहले भी बावरिया गिरोह, ईरानी गिरोह, सांसी गिरोह के सदस्यों की धरपकड़ करने वाली टीम को लीड किया था। ऐसे में उनका अनुभव का काम आया। प्रभारी पुलिस निरीक्षक ने बस अड्डे समेत सभी संभावित स्थानों पर जाल बिछाया।
शादियों के सीजन में होते हैं सक्रीय, बैंक पहली पसंद
ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल नेगी शादियों के सीजन में सांसी गिरोह सक्रीय हो जाता है। ये गिरोह खासकर बैंको, वेडिंग प्वाइंट, सुनारों की दुकानों, बस अड्डो और रेलवे स्टेशन पर नजर रखता है। इनके पास सोने आभूषणों को काटने के लिए खास तरह का कटर होता है। ध्यान भटकाने के लिए बिस्कुट खाकर उसके लोगों के ऊपर थूकते हैं। जब व्यक्ति गंदगी को साफ करने लगता है तो बैग बदलने या गहनों को चालाकी से काटकर गायब हो जाते हैं।
इमोशनल ब्लैकमेलिंग इनका दूसरा हथियार
सांसी गिरोह का सूचना तंत्र बड़ा मजबूत होता है। इनके गिरफ्तार होते ही परिवार की महिलाएं संबंधित कोतवाली में पहुंच जाती है और अपने बच्चों और परिवार की दयानीय स्थिति का हवाला देने लगती है। विकल्प के तौर पर वकील भी तैयार रखा जाता है। आरोपी पहली बार घटना में शामिल होने की बात कहते हुए पुलिस के आगे गिड़गिड़ाते हैं। ऋषिकेश कोतवाली में तीनों आरोपियों के परिवार की महिलाएं काफी देरे तक पुलिस का अपना दुखड़ा सुनाकर माफी मांगती रही।
चोरी के मिशन पर निकले है 50 सदस्य
सांस गिरोह के तीनों सदस्यों ने बताया उनके गिरोह के 50 सदस्य चोरी और टप्पेबाजी के लिए देशभर में निकले हैं। इसमें महिलाएं और बच्चें भी शामिल हैं। आरोपियों ने बताया कि उनके समाज में शादी भी चोरी और टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देने के बाद होती है।