{"_id":"5d3cb3a18ebc3e6d0630304e","slug":"three-lakh-pilgrims-who-arrived-to-visit-bholanath-rishikesh-news-drn3144017182","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोलेनाथ के दर्शन करने पहुंचे तीन लाख श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोलेनाथ के दर्शन करने पहुंचे तीन लाख श्रद्धालु
विज्ञापन
नीलकंठ को जाते कांवड़िए
- फोटो : RISHIKESH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मणिकूट पर्वत पर स्थित प्रसिद्ध पौराणिक धाम नीलकंठ महादेव मंदिर मेें प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। शनिवार को लगातार तेज बारिश के बावजूद 2,97,885 श्रद्धालु नीलकंठ पहुंचे और जलाभिषेक किया। पैदल और वाहन मार्ग पर दिन-रात श्रद्धालुओं का तांता लगा है। भोले के जयकारों से मणिकूट पर्वत गुंजायमान हो उठा है। प्रतिवर्ष कांवड़ मेले में लाखों कांवडिए नीलकंठ मंदिर जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।
देश के कई राज्यों दिल्ली, हिमाचल, हरियाणा, यूपी आदि से कांवड़िए नीलकंठ मंदिर के दर्शन को यहां आते हैं। पैदल कांवड़ और डाक कांवड के संग अब बाईकों में कांवड़ियों का आना शुरू हो गया है। तीर्थनगरी समेत रामझूला, स्वर्गाश्रम और नीलकंठ केसरिया रंग में रंग चुका है। लगातार बढ़ती भीड़ के चलते शनिवार को बैराज मार्ग और रामझूला पुल पर दोपहिया वाहनों के आवागमन पर पूर्णतया प्रतिबंध रहा। वाहनों से नीलकंठ जाने वाले कांवड़ियों को टैक्सी वाहनों से नीलकंठ भेजा गया।
देर रात तक पैदल मार्ग पर कांवड़ियों के जयकारे गूंजते रहे। चीला बैराज मार्ग पर भी कांवड़ वाहनों की आवाजाही बनी रही। अब तक कुल 19,61,333 श्रद्धालु मंदिर में जलाभिषेक कर चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
देश के कई राज्यों दिल्ली, हिमाचल, हरियाणा, यूपी आदि से कांवड़िए नीलकंठ मंदिर के दर्शन को यहां आते हैं। पैदल कांवड़ और डाक कांवड के संग अब बाईकों में कांवड़ियों का आना शुरू हो गया है। तीर्थनगरी समेत रामझूला, स्वर्गाश्रम और नीलकंठ केसरिया रंग में रंग चुका है। लगातार बढ़ती भीड़ के चलते शनिवार को बैराज मार्ग और रामझूला पुल पर दोपहिया वाहनों के आवागमन पर पूर्णतया प्रतिबंध रहा। वाहनों से नीलकंठ जाने वाले कांवड़ियों को टैक्सी वाहनों से नीलकंठ भेजा गया।
विज्ञापन
देर रात तक पैदल मार्ग पर कांवड़ियों के जयकारे गूंजते रहे। चीला बैराज मार्ग पर भी कांवड़ वाहनों की आवाजाही बनी रही। अब तक कुल 19,61,333 श्रद्धालु मंदिर में जलाभिषेक कर चुके हैं।
विज्ञापन