ऋषिकेश। रक्षाबंधन के बाद बाजारों में जन्माष्टमी का रंग देखने को मिल रहा है। इस बार जन्माष्टमी का त्योहार दो दिन मनाया जाएगा। दुकानों में लड्डू गोपाल और राधा कृष्ण की प्रतिमाओं की हर रेंज सज चुकी है। लेकिन बाजारों में पहले जैसी रौनक देखने को नहीं मिल रही है।
शहर के घाट रोड, क्षेत्र रोड लक्ष्मणाझूला के बाजार में श्रीकृष्ण के लिए लाल, हरे, नीले रंगों में गोटे से सजी पोशाकें बिकती नजर आईं। बाल गोपाल की पोशाक के साथ-साथ पालना में बैठे कृष्ण भगवान, माखन खाते कान्हा की प्रतिमा भी खूब खरीदी जा रही हैं। भगवान कृष्ण को सजाने के लिए मुकुट, बांसुरी, मोतियों की रंग-बिरंगी माला, बाजूबंद और मोर पंख भी बाजार में मिल रहे हैं। इसके अलावा भगवान के लिए वृंदावन की पगड़ी और झूला बाजार में दिखाई दे रहा है। लड्डू गोपाल को झुलाने के लिए बाजार में रखे झूले भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इस बार 11 और 12 अगस्त को जन्माष्टमी को पर्व मनाया जाना है। जिसके कारण आज बाजारों में काफी भीड़ देखने को मिली। हालांकि पिछले सालों के मुकाबले ग्राहकों की संख्या कम है। त्रिवेणी घाट में लगी दुकानों में कान्हा की नगों से सजी पोशाक, राधा-कृष्ण की जोड़ी की मूर्ति को लोगों ने काफी पसंद किया। राधा कृष्ण की पोशाकों की बिक्री हो रही हैं। मंदिरों में शारीरिक दूरी का ध्यान रखा जाएगा। दुकानदार पंकज शर्मा ने बताया कि इस बार कोरोना के चलते जन्माष्टमी पर खरीदारों की संख्या में काफी कमी आई है। वहीं लोगों में ज्यादा कृष्ण और राधा की मूर्ति की डिमांड है। दुकानदार रविदास लाजपत राय मार्ग ज्यादातर लोग नगों से सजी पोशाक और कृष्ण की लाइट वाली ड्रेस को पसंद कर रहे हैं।

दुकानों में रखे कान्हा के सजे झूले।- फोटो : RISHIKESH

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के लिए सजा डोईवाला का बाजार सजा।- फोटो : RISHIKESH