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Rishikesh News: बाड़े से आजाद हुई बाघिन, अब खुले जंगल में रहेगी
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जिम कार्बेट पार्क से लाई गई बाघिन को शनिवार को राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज के जंगलों में छोड़ दिया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बाघिन के बाड़े का गेट खोलकर उसे आजाद किया। इस दौरान सीएम धामी ने केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, वनमंत्री सुबोध उनियाल के साथ जिप्सी में सवार होकर जंगल सफारी भी की।
बाघिन को सोमवार रात जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से आरटीआर की मोतीचूर रेंज में लाया गया था। यहां उसे बाड़े में रखा गया था। इस बीच पार्क प्रशासन और चिकित्सकों ने उसके व्यवहार और स्वास्थ्य की निगरानी की। पार्क निदेशक डाॅ. साकेत बडोला ने बताया कि बाघिन एकदम स्वस्थ है और उसका व्यवहार सामान्य है। उसे रेडियो काॅलर लगाया गया है, ताकि जंगल में उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे सीएम धामी ने बाघिन के बाड़े का गेट खोला और उसे जंगल में छोड़ दिया गया। सीएम धामी ने कहा कि यह पार्क पारिस्थितिकी और इकाेनॉमी संकलन बनाने व पर्यावरण संरक्षण के लिए लिए मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इकोलॉजी और इकाेनॉमी संतुलन का जो सूत्र निकाला है उससे प्रदेश आगे बढ़ रहा है। सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड में 71 प्रतिशत वन भू-भाग है, जिससे कई बार विकास कार्याें के लिए भूमि मिलने में दिक्कत होती हैं। इस दौरान प्रमुख सचिव आके सुंधाशु, पीसीसीएफ अनूप मलिक, सचिव वन तथा पर्यावरण संरक्षण एंव जलवायु परिवर्तन आईएएस विजय कुमार यादव और मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक समीर सिन्हा सहित पार्क के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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दो बाघ और लाए जाने हैं यहां
दरअसल पिछले कई सालों से राजाजी पार्क के दक्षिणी पश्चिम हिस्से में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी पार्क के इस हिस्से में बाघ और बाघिनों को शिफ्ट किया जा रहा है। इससे पूर्व 24 दिसंबर 2020 को एक बाघ और नौ जनवरी 2021 को एक बाघिन को यहां लाया जा चुका है। फिलहाल मोतीचूर रेंज में तीन बाघिन और एक बाघ हैं। आने वाले दिनों में अभी दो और बाघ यहां लाए जाने की योजना है।
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बाघिन को सोमवार रात जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से आरटीआर की मोतीचूर रेंज में लाया गया था। यहां उसे बाड़े में रखा गया था। इस बीच पार्क प्रशासन और चिकित्सकों ने उसके व्यवहार और स्वास्थ्य की निगरानी की। पार्क निदेशक डाॅ. साकेत बडोला ने बताया कि बाघिन एकदम स्वस्थ है और उसका व्यवहार सामान्य है। उसे रेडियो काॅलर लगाया गया है, ताकि जंगल में उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
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शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे सीएम धामी ने बाघिन के बाड़े का गेट खोला और उसे जंगल में छोड़ दिया गया। सीएम धामी ने कहा कि यह पार्क पारिस्थितिकी और इकाेनॉमी संकलन बनाने व पर्यावरण संरक्षण के लिए लिए मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इकोलॉजी और इकाेनॉमी संतुलन का जो सूत्र निकाला है उससे प्रदेश आगे बढ़ रहा है। सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड में 71 प्रतिशत वन भू-भाग है, जिससे कई बार विकास कार्याें के लिए भूमि मिलने में दिक्कत होती हैं। इस दौरान प्रमुख सचिव आके सुंधाशु, पीसीसीएफ अनूप मलिक, सचिव वन तथा पर्यावरण संरक्षण एंव जलवायु परिवर्तन आईएएस विजय कुमार यादव और मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक समीर सिन्हा सहित पार्क के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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दो बाघ और लाए जाने हैं यहां
दरअसल पिछले कई सालों से राजाजी पार्क के दक्षिणी पश्चिम हिस्से में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी पार्क के इस हिस्से में बाघ और बाघिनों को शिफ्ट किया जा रहा है। इससे पूर्व 24 दिसंबर 2020 को एक बाघ और नौ जनवरी 2021 को एक बाघिन को यहां लाया जा चुका है। फिलहाल मोतीचूर रेंज में तीन बाघिन और एक बाघ हैं। आने वाले दिनों में अभी दो और बाघ यहां लाए जाने की योजना है।