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Rishikesh News: राजकीय पशु चिकित्सालय के आवासीय भवनों में आईं दरारें
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भवनों की छत टपकने से सरकारी आवास छोड़ किराये पर रहने को मजबूर कर्मचारी
देहरादून रोड स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय परिसर में बने आवासीय भवन जर्जर हो गए हैं। बारिश में भवन की छतें टपक रही हैं। दीवारों पर दरारें आ गई हैं। भवन के गिरने का खतरा सता रहा है। डरे-सहमे कर्मचारी सरकारी आवासों को छोड़कर किराये पर कमरे लेने को मजबूर हैं।
पशु चिकित्सालय में चिकित्सक समेत अन्य कर्मचारियों के लिए छह आवासीय भवन बनाए हैं। भवन काफी पुराने हैं और जर्जर हो गए हैं। बारिश में भवन की छत जगह-जगह से टपक रही है। भवनों में दरारे आ रही हैं। बारिश में शॉर्ट सर्किट का खतरा अलग से बना रहता है। जानमाल की सुरक्षा को देखते हुए कई कर्मचारी सरकारी आवास छोड़कर किराये पर रहने को मजबूर हैं।
राजकीय पशु चिकित्सालय में नहीं है शौचालय की व्यवस्था
राजकीय पशु चिकित्सालय में शौचालय नहीं है। अस्पताल में रोजाना 40 से 45 पशुपालक अपने पशुओं का इलाज करवाने आते हैं। शौचालय नहीं होने से पशु स्वामियों को भटकना पड़ता है। चिकित्सालय परिसर में एक शौचालय बनाने के लिए वित्त मंत्री और मेयर को भी कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी है।
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उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। भवन निर्माण की संस्तुति उच्च स्तर से ही होगी। - डाॅ. अमित कुमार वर्मा, पशु चिकित्साधिकारी
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देहरादून रोड स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय परिसर में बने आवासीय भवन जर्जर हो गए हैं। बारिश में भवन की छतें टपक रही हैं। दीवारों पर दरारें आ गई हैं। भवन के गिरने का खतरा सता रहा है। डरे-सहमे कर्मचारी सरकारी आवासों को छोड़कर किराये पर कमरे लेने को मजबूर हैं।
पशु चिकित्सालय में चिकित्सक समेत अन्य कर्मचारियों के लिए छह आवासीय भवन बनाए हैं। भवन काफी पुराने हैं और जर्जर हो गए हैं। बारिश में भवन की छत जगह-जगह से टपक रही है। भवनों में दरारे आ रही हैं। बारिश में शॉर्ट सर्किट का खतरा अलग से बना रहता है। जानमाल की सुरक्षा को देखते हुए कई कर्मचारी सरकारी आवास छोड़कर किराये पर रहने को मजबूर हैं।
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राजकीय पशु चिकित्सालय में नहीं है शौचालय की व्यवस्था
राजकीय पशु चिकित्सालय में शौचालय नहीं है। अस्पताल में रोजाना 40 से 45 पशुपालक अपने पशुओं का इलाज करवाने आते हैं। शौचालय नहीं होने से पशु स्वामियों को भटकना पड़ता है। चिकित्सालय परिसर में एक शौचालय बनाने के लिए वित्त मंत्री और मेयर को भी कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी है।
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उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। भवन निर्माण की संस्तुति उच्च स्तर से ही होगी। - डाॅ. अमित कुमार वर्मा, पशु चिकित्साधिकारी