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गाजेबाजे के साथ निकली हृषिकेश शोभायात्रा
ब्यूरो /अमर उजाला/ऋषिकेश।
Updated Thu, 02 Feb 2017 01:21 AM IST
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वसंतोत्सव पर मायाकुंड के नावघाट पर पहुंची भगवान ऋषिकेश नारायण की डोली।
- फोटो : amar ujala
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हृषिकेश वसंतोत्सव के तहत बसंत पंचमी पर्व पर तीर्थनगरी में प्राचीन श्रीभरत मंदिर में श्रीभरत भगवान की शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा के स्वागत के साथ ही हृषिकेश नारायण भगवान के दर्शन किए। मेले में लोगों ने देरशाम तक चर्खी-झूलों, स्टालों पर पकवानों का लुत्फ उठाया।
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बसंत पंचमी पर्व पर बुधवार को ब्रह्ममुहूर्त में पौराणिक श्रीभरत मंदिर में पूजा-अर्चना हुई। पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर के दर्शन किए। दोपहर करीब एक बजे आरती-पूजन के बाद मंदिर के श्रीमहंत अशोक प्रपन्न शर्मा के परम सानिध्य में श्रीभरत भगवान की उत्सव प्रतिमा की शोभायात्रा निकाली गई।
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भरत मंदिर की ओर से वरुण शर्मा ने डोली की अगवानी की। मायाकुंड स्थित गंगातट पर भगवान की प्रतिमा स्नान के बाद नगर भ्रमण कराया गया। यात्रा मायाकुंड, केवलानंद मार्ग, सुभाष चौक, मुखर्जी मार्ग, हरिद्वार रोड, क्षेत्र रोड, झंडा चौक होते हुए मंदिर में प्रतिमा को पुनर्स्थापित किया गया।
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इस दौरान विभिन्न स्थानों पर धर्मयात्रा के स्वागत और भरत भगवान के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। यात्रा में श्रीभरत संस्कृत विद्यालय, श्रीभरत मंदिर पब्लिक स्कूल, श्रीहेमकुंड गुरुद्वारा के गुरमत संगीत विद्यालय, श्रीभरत मंदिर इंटर कालेज, एसबीएम इंटर कालेज के छात्र-छात्राओं, स्काउट गाईड, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस के स्वयंसेवकों के साथ ही काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
शोभा यात्रा में मंदिर के मुख्य पुजारी धर्मानंद सेमवाल, मेलाध्यक्ष दीप शर्मा, संयोजक हर्षवर्धन शर्मा, विनय उनियाल, जयेंद्र रमोला, डीबीपीएस रावत, बचन पोखरियाल, गोविंद सिंह रावत, रवि शास्त्री, रामकृपाल गौतम, राजेंद्र सेठी, प्यारेलाल जुगलाण, रीना शर्मा, अशोक अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
वसंत पंचमी पर आयोजित डोली यात्रा में कई श्रद्धालु पारंपरिक परिधानों में शामिल हुए। इनमें महिलाएं, पुरुष, बच्चे और वृद्ध भी शामिल थे। कई श्रद्धालु पीतांबर वस्त्र धारण किए थे तो कोई पीली टोपी पहने और पीतांबरी दुपट्टा ओढ़े यात्रा में शामिल हुए। यात्रा में श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाते, एक-दूसरे का तिलक करते हुए बसंत का संदेश देते आगे बढ़ रहे थे।
श्रीहृषीकेश नारायण की शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में भगवान की पालकी उठाने के लिए पूरे मार्ग पर होड़ लगी रही। कई श्रद्धालु भरत भगवान के दर्शन, प्रसाद ग्रहण करने और डोली उठाने के लिए पंक्तिबद्ध होकर अपने समय की प्रतीक्षा करते रहे।
वसंत पंचमी के मौके पर भगवान भरत की डोली यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं ने हरसाल की तरह इस वर्ष भी परंपरागत रंगोली सजाई। मायाकुंड स्थित केवलानंद चौक से गंगातट तक दर्जनभर से अधिक स्थानों पर यात्रा के स्वागत के लिए लोगों ने रंगोली सजाई।
वसंत मेले में हजारों लोगों ने चर्खी, झूलों, स्टालों पर पकवानों का आनंद उठाया। इस दौरान उन्होंने मेला परिसर के साथ ही श्रीभरत मंदिर पब्लिक स्कूल परिसर में लगे स्टालों पर सुबह से शाम तक लोगों को खदीदारी करते देखा गया। मेले में बच्चों ने बाजे, खिलौने खरीदे और जलेबी, पकौड़ी इत्यादि का स्वाद चखा।
वसंत पंचमी पर नगर और समीपवर्ती क्षेत्रों में बच्चों ने जमकर पतंगबाजी की और कटी पतंगों को लूटने का मजा लिया। आसमान में रंग बिरंगी पतंगें इठलाती रहीं। उधर, ढालवाला, चौदहबीघा, श्यामपुर, रायवाला, चंद्रेश्वरनगर, आईडीपीएल आदि क्षेत्रो में भी बच्चों ने पतंगबाजी का लुत्फ उठाया।