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जनसंख्या वृद्धि से प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ा दबाव: स्वामी चिदानंद
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विश्व जनसंख्या दिवस पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव सबसे बड़ी चुनौती बना है।
जनसंख्या के कारण जल, जंगल, जमीन और खनिज जैसे प्राकृतिक संसाधन की खपत अधिक हो रही है। जिसके कारण पर्यावरण में गिरावट आ रही है। कृषि उत्पादकता कम हो रही है। ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है और जल की कमी हो रही है। बढ़ती आबादी के कारण बड़ी संख्या को रोजगार उपलब्ध करवाना भी चुनौती बना हुआ है। भविष्य में बेरोजगारी एक ज्वलंत समस्या बनकर उभर सकती है। बढ़ती जनसंख्या के कारण आवास, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षण आदि बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
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जनसंख्या के कारण जल, जंगल, जमीन और खनिज जैसे प्राकृतिक संसाधन की खपत अधिक हो रही है। जिसके कारण पर्यावरण में गिरावट आ रही है। कृषि उत्पादकता कम हो रही है। ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है और जल की कमी हो रही है। बढ़ती आबादी के कारण बड़ी संख्या को रोजगार उपलब्ध करवाना भी चुनौती बना हुआ है। भविष्य में बेरोजगारी एक ज्वलंत समस्या बनकर उभर सकती है। बढ़ती जनसंख्या के कारण आवास, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षण आदि बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
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