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ट्रक की क्षमता नौ टन, माल ढो रहे 19 टन
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ओवरलोडिंग से सड़कों का दम निकल रहा है। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के कारण हादसे भी हो रहे हैं। संबंधित विभागों के जिम्मेदार इस दिशा में काम नहीं करना चाह रहे हैं। मानक के अनुरूप सड़कों के नहीं बनने के कारण राजस्व का नुकसान हो रहा है। परिवहन विभाग ओवरलोडिंग को रोकने में पूरी तरह से नाकाम है।
ट्रक की क्षमता को नौ टन लेकिन वह पर्वतीय क्षेत्रों में 19 टन माल लेकर जा रहा है। ओवरलोडिंग रोकने के लिए परिवहन विभाग की ओर से बड़े बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन धरातल पर इसका ठीक उलटा होता है। परिवहन विभाग की प्रवर्तन की टीम भी हाईवे पर जांच अभियान चलाती है। ब्रह्मपुरी में परिवहन विभाग की चेक पोस्ट भी है। तपोवन में टिहरी जिले की यातायात पुलिस की गाड़ी भी खड़ी रहती है। इन सब के बावजूद ओवरलोड ट्रक ऋषिकेश से कर्णप्रयाग, श्रीनगर गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चंबा, नई टिहरी, बौराड़ी पहुंच रहे हैं। राशन, सीमेंट, सरिया ढोने वाले ट्रक खुलेआम ओवरलोड सामान लेकर जा रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। परिवहन विभाग की ओर से महीने में कुछ ट्रकों का चालान काटकर कागजी कार्रवाई पुरी कर ली जाती है। कई बार ओवरलोड ट्रक सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के कारण दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं। ज्यादा पैसे कमाने के लालच में ट्रक स्वामी भी ओवरलोड वाहनों को आगे भेजते रहते हैं।
- लोड 22 टन, कांटे की पर्ची 14 टन
- परिवहन विभाग की जांच में कहीं ओवरलोड ट्रक पकड़ा न जाए, इसलिए कई बार ट्रक ऑपरेटर 22 टन माल लदे होने के बाद धर्मकांटे की 14 टन की पर्ची बना देते हैं। जब जांच के लिए ट्रक को खड़ा किया जाता है माल ज्यादा दिखता है तो परिवहन विभाग के अधिकारियों को दोबारा से ट्रक का वजन कराने के लिए उसे धर्मकांटे पर लाना पड़ता है।
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ओवरलोड में एक महीने में 40-50 चालान
- परिवहन विभाग की ओर से ओवरलोडिंग के खिलाफ समय- समय पर अभियान चलाया जाता है। एआरटीओ प्रवर्तन ऋषिकेश का कहना है कि महीने में केवल ओवरलोडिंग में 40 से 50 चालान काटे जाते हैं। जबकि अन्य चालान अलग हैं। ओवरलोडिंग रोकने के लिए ट्रक यूनियनों के साथ वार्ता भी की जाती है।
- परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर भद्रकाली, ब्रह्मपुरी, शिवपुरी क्षेत्र में ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। ओवरलोड वाहनों के खिलाफ और सख्ती के साथ कार्रवाई की जाएगी।
- मोहित कोठारी, एआरटीओ (प्रवर्तन) ऋषिकेश
ट्रक की क्षमता नौ टन, माल ढो रहे 19 टन
- ओवरलोडिंग पर लगाम नहीं लगा पा रहा परिवहन विभाग, चैक पोस्ट पर ओवरलोड ट्रक पार कराने में वसूली के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश।
परिवहन विभाग ट्रकों में हो रही ओवरलोडिंग को नहीं रोक पा रहा है। स्थिति यह है कि ट्रक की क्षमता को नौ टन लेकिन वह पर्वतीय क्षेत्रों में 19 टन माल लेकर जा रहा है। उससे जहां विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है वहीं ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।
ओवरलोडिंग रोकने के लिए परिवहन विभाग की ओर से बड़े बड़े दावे किए जाते हैं। धरातल पर इसका उलटा होता है। परिवहन विभाग की पर्वतन की टीम भी हाईवे पर जांच अभियान चलाती है। ब्रह्मपुरी में परिवहन विभाग की चेक पोस्ट भी है। तपोवन में टिहरी जिले की यातायात पुलिस की गाड़ी भी खड़ी रहती है। लेकिन इन सब के होने के बाद ओवरलोड ट्रक ऋषिकेश से कर्णप्रयाग, श्रीनगर गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चंबा, नई टिहरी, बौराड़ी पहुंच रहे हैं। राशन, सीमेंट, सरिया ढोने वाले ट्रक खुलेआम ओवरलोड सामान लेकर जा रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। परिवहन विभाग की ओर से महीने में एक-दो ट्रकों का चालान काटरकर अपनी पीठ थपथपा दी जाती है। उसके बाद भी यह सिलसिला जारी रहता है। कई बार ओवरलोड ट्रक दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं, लेरिन ज्यादा पैसे कमाने के लालच में ट्रक स्वामी भी ओवरलोड वाहनों को आगे भेजते रहते हैं।
- लोड 22 टन, कांटे की पर्ची 14 टन
- परिवहन विभाग की जांच में कहीं ओवरलोड ट्रक पकड़ा न जाए, इसलिए कई बार ट्रक ऑपरेटर 22 टन माल लदे होने के बाद धर्मकांटे की 14 टन की पर्ची बना देते हैं। जब जांच के लिए ट्रक को खड़ा किया जाता है माल ज्यादा दिखता है तो परिवहन विभाग के अधिकारियों को दोबारा से ट्रक का वजन कराने के लिए उसे धर्मकांटे पर लाना पड़ता है।
ओवरलोड में एक महीने में 40-50 चालान
- परिवहन विभाग की ओर से ओवरलोडिंग के खिलाफ समय- समय पर अभियान चलाया जाता है। एआरटीओ प्रवर्तन ऋषिकेश का कहना है कि महीने में केवल ओवरलोडिंग में 40 से 50 चालान काटे जाते हैं। जबकि अन्य चालान अलग हैं। ओवरलोडिंग रोकने के लिए ट्रक यूनियनों के साथ वार्ता भी की जाती है।
- परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर भद्रकाली, ब्रह्मपुरी, शिवपुरी क्षेत्र में ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान चलाया जाता है।
ओवरलोड वाहनों के खिलाफ और सख्ती के साथ कार्रवाई की जाएगी।
- मोहित कोठारी, एआरटीओ (प्रवर्तन) ऋषिकेश
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ट्रक की क्षमता को नौ टन लेकिन वह पर्वतीय क्षेत्रों में 19 टन माल लेकर जा रहा है। ओवरलोडिंग रोकने के लिए परिवहन विभाग की ओर से बड़े बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन धरातल पर इसका ठीक उलटा होता है। परिवहन विभाग की प्रवर्तन की टीम भी हाईवे पर जांच अभियान चलाती है। ब्रह्मपुरी में परिवहन विभाग की चेक पोस्ट भी है। तपोवन में टिहरी जिले की यातायात पुलिस की गाड़ी भी खड़ी रहती है। इन सब के बावजूद ओवरलोड ट्रक ऋषिकेश से कर्णप्रयाग, श्रीनगर गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चंबा, नई टिहरी, बौराड़ी पहुंच रहे हैं। राशन, सीमेंट, सरिया ढोने वाले ट्रक खुलेआम ओवरलोड सामान लेकर जा रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। परिवहन विभाग की ओर से महीने में कुछ ट्रकों का चालान काटकर कागजी कार्रवाई पुरी कर ली जाती है। कई बार ओवरलोड ट्रक सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के कारण दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं। ज्यादा पैसे कमाने के लालच में ट्रक स्वामी भी ओवरलोड वाहनों को आगे भेजते रहते हैं।
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- लोड 22 टन, कांटे की पर्ची 14 टन
- परिवहन विभाग की जांच में कहीं ओवरलोड ट्रक पकड़ा न जाए, इसलिए कई बार ट्रक ऑपरेटर 22 टन माल लदे होने के बाद धर्मकांटे की 14 टन की पर्ची बना देते हैं। जब जांच के लिए ट्रक को खड़ा किया जाता है माल ज्यादा दिखता है तो परिवहन विभाग के अधिकारियों को दोबारा से ट्रक का वजन कराने के लिए उसे धर्मकांटे पर लाना पड़ता है।
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ओवरलोड में एक महीने में 40-50 चालान
- परिवहन विभाग की ओर से ओवरलोडिंग के खिलाफ समय- समय पर अभियान चलाया जाता है। एआरटीओ प्रवर्तन ऋषिकेश का कहना है कि महीने में केवल ओवरलोडिंग में 40 से 50 चालान काटे जाते हैं। जबकि अन्य चालान अलग हैं। ओवरलोडिंग रोकने के लिए ट्रक यूनियनों के साथ वार्ता भी की जाती है।
- परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर भद्रकाली, ब्रह्मपुरी, शिवपुरी क्षेत्र में ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। ओवरलोड वाहनों के खिलाफ और सख्ती के साथ कार्रवाई की जाएगी।
- मोहित कोठारी, एआरटीओ (प्रवर्तन) ऋषिकेश
ट्रक की क्षमता नौ टन, माल ढो रहे 19 टन
- ओवरलोडिंग पर लगाम नहीं लगा पा रहा परिवहन विभाग, चैक पोस्ट पर ओवरलोड ट्रक पार कराने में वसूली के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश।
परिवहन विभाग ट्रकों में हो रही ओवरलोडिंग को नहीं रोक पा रहा है। स्थिति यह है कि ट्रक की क्षमता को नौ टन लेकिन वह पर्वतीय क्षेत्रों में 19 टन माल लेकर जा रहा है। उससे जहां विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है वहीं ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।
ओवरलोडिंग रोकने के लिए परिवहन विभाग की ओर से बड़े बड़े दावे किए जाते हैं। धरातल पर इसका उलटा होता है। परिवहन विभाग की पर्वतन की टीम भी हाईवे पर जांच अभियान चलाती है। ब्रह्मपुरी में परिवहन विभाग की चेक पोस्ट भी है। तपोवन में टिहरी जिले की यातायात पुलिस की गाड़ी भी खड़ी रहती है। लेकिन इन सब के होने के बाद ओवरलोड ट्रक ऋषिकेश से कर्णप्रयाग, श्रीनगर गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चंबा, नई टिहरी, बौराड़ी पहुंच रहे हैं। राशन, सीमेंट, सरिया ढोने वाले ट्रक खुलेआम ओवरलोड सामान लेकर जा रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई रोकने वाला नहीं है। परिवहन विभाग की ओर से महीने में एक-दो ट्रकों का चालान काटरकर अपनी पीठ थपथपा दी जाती है। उसके बाद भी यह सिलसिला जारी रहता है। कई बार ओवरलोड ट्रक दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं, लेरिन ज्यादा पैसे कमाने के लालच में ट्रक स्वामी भी ओवरलोड वाहनों को आगे भेजते रहते हैं।
- लोड 22 टन, कांटे की पर्ची 14 टन
- परिवहन विभाग की जांच में कहीं ओवरलोड ट्रक पकड़ा न जाए, इसलिए कई बार ट्रक ऑपरेटर 22 टन माल लदे होने के बाद धर्मकांटे की 14 टन की पर्ची बना देते हैं। जब जांच के लिए ट्रक को खड़ा किया जाता है माल ज्यादा दिखता है तो परिवहन विभाग के अधिकारियों को दोबारा से ट्रक का वजन कराने के लिए उसे धर्मकांटे पर लाना पड़ता है।
ओवरलोड में एक महीने में 40-50 चालान
- परिवहन विभाग की ओर से ओवरलोडिंग के खिलाफ समय- समय पर अभियान चलाया जाता है। एआरटीओ प्रवर्तन ऋषिकेश का कहना है कि महीने में केवल ओवरलोडिंग में 40 से 50 चालान काटे जाते हैं। जबकि अन्य चालान अलग हैं। ओवरलोडिंग रोकने के लिए ट्रक यूनियनों के साथ वार्ता भी की जाती है।
- परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर भद्रकाली, ब्रह्मपुरी, शिवपुरी क्षेत्र में ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान चलाया जाता है।
ओवरलोड वाहनों के खिलाफ और सख्ती के साथ कार्रवाई की जाएगी।
- मोहित कोठारी, एआरटीओ (प्रवर्तन) ऋषिकेश