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Rishikesh News: ‘योग और ध्यान हमारे दृष्टि, विचार और चिंतन को प्रदान करते हैं दिशा’

Sat, 09 Mar 2024 12:23 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 09 Mar 2024 12:23 AM IST
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The 36th International Yoga Festival started at Parmarth
I- परमार्थ निकेतन आश्रम में 36वां अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आगाज
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I 25 देशों के योगाचार्य जिज्ञासुओं को कराएंगे यौगिक क्रियाओं का अभ्यास
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स्वर्गाश्रम स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम में 36वां अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आगाज हो गया। परमार्थ निकेतन आश्रम, अतुल्य भारत, पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और आयुष मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से सात दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन हुआ। महोत्सव में विभिन्न देशों से आए हुए योगाचार्यों ने योग जिज्ञासुओं को विभिन्न यौगिक क्रियाओं को अभ्यास कराया।



परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि जीवन का योग ही मार्ग है, प्रेम ही मार्ग है और शांति ही मार्ग है। योग और ध्यान हमारे दृष्टि, हमारे विचार और हमारे चिंतन को एक दिशा प्रदान करते हैं। शिवरात्रि पर ध्यान, साधना के माध्यम से आप स्वयं से जुड़े, अपने परमात्मा से जुड़े और समष्टि से जुड़ें। यही शिव से स्व की यात्रा है, यही शिव से समष्टि की यात्रा है। महाशिवरात्रि तो शून्यता से विशालता के दर्शन कराती है, इसलिए आज की रात्रि जागरण की रात्रि के साथ हम सभी के जीवन की जागृति की रात्रि भी हो।
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अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव की निदेशक साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि वैदिक परंपरा में हम देवत्व के मूल में विश्वास करते हैं कि हम ईश्वर के बनाए गए परमात्मा की संतानें हैं। हिंदू धर्म कोई बहुदेववादी धर्म या एकेश्वरवादी धर्म नहीं है। लेकिन वास्तव में ईश्वर के अलावा कुछ भी नहीं है।
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शिवरात्रि भय को दूर कर भाव को जागृत करने वाली रात्रि है। यह रात्रि हमें आभास कराती है कि हमारे चारों ओर दिव्यता के अलावा कुछ भी नहीं और हम परमात्मा से अलग भी नहीं है। योगाचार्य टाॅमी रोजेन ने कहा कि लत वह है जो आपको किसी से नहीं जुड़ने देती, परंतु योग वह है जो आपको सभी से जोड़ता है। योग, स्वयं की पुनर्प्राप्ति है और पुनर्प्राप्ति ही योग है।





I- कुंडलिनी साधना से हुई आसन कक्षा की शुरुआतI

महोत्सव में सुबह आसन कक्षा की शुरुआत कैलिफोर्निया अमेरिका के योगाचार्य गुरुशब्द सिंह खालसा के नेतृत्व में कुंडलिनी साधना के साथ हुई। टॉमी रोजेन, योगाचार्य कृष्णमाचार्य, योगाचार्य स्टीवर्ट गिलक्रिस्ट की ओर से चक्र संतुलन, योगाचार्य केटी बी हैप्पी, योगाचार्य आनंद मेहरोत्रा, योगाचार्य आभा सरस्वती, योगाचार्य गंगा नन्दिनी, योगाचार्य इंदु शर्मा ने प्रतिभागियों को योग की विभिन्न विधाओं की जानकारी दी।





Iनशा की लत को ठीक करने की जानकारी दीI



आयुर्वेद विशेषज्ञ वैद्य डॉ. रामकुमार ने कैसे आयुर्वेद और योग नशा की लत को ठीक कर सकते हैं विषय पर साधकों को जानकारी दी। सेक्रेड साउंड स्टेज पर संज हॉल और सैंड्रा बार्न्स ने कॉस्मिक साउंड स्केप का प्रदर्शन किया। जिसमें सभी योगी एक स्वप्निल और मंत्रमुग्ध करने वाली ध्वनि की यात्रा में डूब गए।





Iमहाशिवरात्रि पर्व पर गंगा घाट पर हुआ रुद्राभिषेकI

महाशिवरात्रि पर्व पर परमार्थ निकेतन के गंगा घाट पर महारुद्राभिषेक हुआ। जिसमें गुरनिमित सिंह और सत्यानंद के दिव्य कीर्तन का आनंद लेते हुए दिव्य मंत्रों के साथ ध्यान और रूद्राभिषेक किया गया। कार्यक्रम में योगाचार्य और योग साधकों ने बढ चढ़कर प्रतिभाग किया।






I75 देशों के 1400 जिज्ञासु हुए हैं शामिलI



अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में 75 देशों के 1400 योग जिज्ञासु शामिल हुए हैं। इसके साथ ही 25 देशों से 64 योगाचार्य प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वामी चिदानंद सरस्वती देश और प्रदेश वासियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दी।
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