फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   Teams survey the encroached land

टीमों ने किया अतिक्रमण की गई भूमि का सर्वेक्षण

Mon, 09 Sep 2019 01:33 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 09 Sep 2019 01:33 AM IST
विज्ञापन
Teams survey the encroached land
ढालवाला में वन विभाग की भूमि पर हुए अतिक्रमण का जायजा लेते वनकर्मी - फोटो : RISHIKESH
ढालवाला में 24 बीघा भूूमि में हुए अतिक्रमण का मामला गरमाने लगा है। शासन स्तर पर राजस्व विभाग व वन विभाग को इसकी जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देेश दिए हैं। रविवार को तहसीलदार डीएस भंडारी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम और उप वनाधिकारी वीपी बलूनी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पहुंची। दोनों टीमों ने नक्शे के आधार पर वन विभाग की 24 बीघा भूमि का सर्वेक्षण किया। अतिक्रमण भूमि पर एक ओर राजस्व विभाग और दूसरी ओर वन विभाग अपना अपना दावा कर रही है।
विज्ञापन

तहसीलदार डीएस भंडारी ने कहा कि 1992 में हुए बंदोबस्त के दौरान यह भूमि राजस्व विभाग के अभिलेखों में दर्ज की गई है। 1992 के सर्वे मानचित्र के अनुसार यह भूमि राजस्व विभाग की मानी जाती है। उधर, वन क्षेत्राधिकारी स्पर्श काला का कहना है कि लगभग 20 एकड़ भूमि देहरादून वन प्रभाग की ओर से 2003 में नरेंद्रनगर वन प्रभाग को सौंपी गई थी। उस 20 एकड़ भूमि में यह 24 बीघा भूमि भी शामिल है। उसके बाद 1992 में राजस्व विभाग की ओर से किए गए बंदोबस्त के दौरान राजस्व विभाग की ओर से यह 24 बीघा भूमि राजस्व अभिलेखों के दर्ज दी गई। जबकि वन विभाग के मानचित्र के अनुसार यह पूरी जमीन वन भूमि है। उस दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों की गई गलतियों का खामियाजा वर्तमान में वन विभाग प्रशासन को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी जांच रिपोर्ट तैयार कर वन विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed