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पद नहीं, मुद्दों और शैक्षणिक सुधारों पर केंद्रित हो छात्र राजनीति : डॉ भावना
Fri, 25 Sep 2026 08:02 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 25 Sep 2026 08:02 PM IST
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- डोईवाला महाविद्यालय की पहली निर्वाचित छात्र संघ अध्यक्ष ने कहा-वर्तमान समय में छात्र राजनीति में सकारात्मक बदलाव की जरूरत
डोईवाला। शहीद दुर्गामल्ल पीजी कॉलेज की प्रथम छात्र संघ अध्यक्ष रहीं डॉ भावना बोरा ने कहा कि छात्र राजनीति केवल चुनाव जीतने या पद हासिल करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों को नैतिक, सामाजिक और राजनीतिक मूल्यों को समझकर छात्र राजनीति में कदम रखना चाहिए। डोईवाला महाविद्यालय छात्र संघ में साल 2002-03 में महाविद्यालय की प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष डाॅ भावना बोरा ने कहा कि समय के साथ महाविद्यालय और विद्यार्थियों की समस्याओं का स्वरूप बदला है, लेकिन छात्र राजनीति का उद्देश्य विद्यार्थियों की आवाज को मजबूती से उठाना और शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने में योगदान देना होना चाहिए। कहा कि छात्राओं को भी छात्र राजनीति में आने के अब अवसर मिलने शुरू हो गए हैं। उन्हें भी सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए सक्रियता बनानी होगी। बताया कि दो दशक पहले हुए चुनाव में छात्राओं के लिए सीमित अवसर थे। अब उन्हें राजनीति के माध्यम से देश और समाज निर्माण की भूमिका को निभाना होगा। बताया कि डोईवाला महाविद्यालय में तक बिजली, पानी, शौचालय और सुरक्षा के मुद्दे पर चुनाव होते थे। अब महाविद्यालय को आधुनिक रूप देने से लेकर स्नातकोत्तर स्तर पर एमएससी और एमकॉम कक्षाओं का संचालन की मांग जोर पकड़ रही है। निर्वाचित होने वाले छात्र संघ को मुद्दों पर आधारित चुनाव लड़कर उन्हें पूरा कराने का प्रयास करना होगा।
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डोईवाला। शहीद दुर्गामल्ल पीजी कॉलेज की प्रथम छात्र संघ अध्यक्ष रहीं डॉ भावना बोरा ने कहा कि छात्र राजनीति केवल चुनाव जीतने या पद हासिल करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों को नैतिक, सामाजिक और राजनीतिक मूल्यों को समझकर छात्र राजनीति में कदम रखना चाहिए। डोईवाला महाविद्यालय छात्र संघ में साल 2002-03 में महाविद्यालय की प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष डाॅ भावना बोरा ने कहा कि समय के साथ महाविद्यालय और विद्यार्थियों की समस्याओं का स्वरूप बदला है, लेकिन छात्र राजनीति का उद्देश्य विद्यार्थियों की आवाज को मजबूती से उठाना और शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने में योगदान देना होना चाहिए। कहा कि छात्राओं को भी छात्र राजनीति में आने के अब अवसर मिलने शुरू हो गए हैं। उन्हें भी सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए सक्रियता बनानी होगी। बताया कि दो दशक पहले हुए चुनाव में छात्राओं के लिए सीमित अवसर थे। अब उन्हें राजनीति के माध्यम से देश और समाज निर्माण की भूमिका को निभाना होगा। बताया कि डोईवाला महाविद्यालय में तक बिजली, पानी, शौचालय और सुरक्षा के मुद्दे पर चुनाव होते थे। अब महाविद्यालय को आधुनिक रूप देने से लेकर स्नातकोत्तर स्तर पर एमएससी और एमकॉम कक्षाओं का संचालन की मांग जोर पकड़ रही है। निर्वाचित होने वाले छात्र संघ को मुद्दों पर आधारित चुनाव लड़कर उन्हें पूरा कराने का प्रयास करना होगा।