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तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव एक सामान्य समस्या : डॉ मालिनी
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- कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को तनाव दूर करने के तौर-तरीके सिखाए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
डोईवाला। शहीद दुर्गामल्ल पीजी कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग की ओर से शुक्रवार को तनाव प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें छात्र-छात्राओं को तनाव को दूर करने के तौर-तरीके सिखाए गए। हिमालयन विश्वविद्यालय जौलीग्रांट के मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मालिनी श्रीवास्तव ने तनाव के कारण, लक्षण और उससे निपटने के प्रभावी तकनीकों से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि तेज रफ्तार जीवनशैली में तनाव एक सामान्य समस्या बनता जा रहा है। लेकिन सही तरीके और छोटे-छोटे बदलावों से इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने योग, ध्यान, समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच जैसे उपायों को दैनिक जीवन में अपनाने की सलाह दी। प्रभारी प्राचार्य डॉ. पंकज पांडे ने तनावमुक्त रहने के लिए व्यावहारिक टिप्स साझा किए। कार्यशाला समन्वायक डॉ. राखी पंचोला ने विद्यार्थियों को संतुलित दिनचर्या अपनाने, अध्ययन में दबाव को योजनाबद्ध तरीके से संभालने और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील की। कार्यशाला में विभागाध्यक्ष डॉ. वल्लरी कुकरेती, डॉ. वंदना गौड, डॉ. पूनम पांडे, डॉ. पल्लवी मिश्रा, डॉ. संजीव नेगी, डॉ. पूरन सिंह खाती, डॉ. राकेश भट्ट, डॉ. सुजाता, डॉ. अनिल भट्ट आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
डोईवाला। शहीद दुर्गामल्ल पीजी कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग की ओर से शुक्रवार को तनाव प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें छात्र-छात्राओं को तनाव को दूर करने के तौर-तरीके सिखाए गए। हिमालयन विश्वविद्यालय जौलीग्रांट के मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मालिनी श्रीवास्तव ने तनाव के कारण, लक्षण और उससे निपटने के प्रभावी तकनीकों से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि तेज रफ्तार जीवनशैली में तनाव एक सामान्य समस्या बनता जा रहा है। लेकिन सही तरीके और छोटे-छोटे बदलावों से इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने योग, ध्यान, समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच जैसे उपायों को दैनिक जीवन में अपनाने की सलाह दी। प्रभारी प्राचार्य डॉ. पंकज पांडे ने तनावमुक्त रहने के लिए व्यावहारिक टिप्स साझा किए। कार्यशाला समन्वायक डॉ. राखी पंचोला ने विद्यार्थियों को संतुलित दिनचर्या अपनाने, अध्ययन में दबाव को योजनाबद्ध तरीके से संभालने और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील की। कार्यशाला में विभागाध्यक्ष डॉ. वल्लरी कुकरेती, डॉ. वंदना गौड, डॉ. पूनम पांडे, डॉ. पल्लवी मिश्रा, डॉ. संजीव नेगी, डॉ. पूरन सिंह खाती, डॉ. राकेश भट्ट, डॉ. सुजाता, डॉ. अनिल भट्ट आदि मौजूद रहे।