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Rishikesh News: कुंभ से पहले सड़कों से हटाए जाएंगे सभी निराश्रित पशु
Mon, 03 Aug 2026 05:02 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 03 Aug 2026 05:02 PM IST
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- नगर निगम ने बनाई कार्ययोजना, बछड़े छोड़ने वालों और पशुपालकों पर भी कसेगा शिकंजा
- नगर निगम की ओर से चलाया जाएगा अभियान
- छोटे बछड़े छोड़ने वाले डेयरी संचालकों, आश्रम प्रबंधकों पर कसेगा शिकंजा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। आगामी कुंभ मेले से पहले शहर की सड़कों पर घूम रहे सभी निराश्रित पशुओं को गोशालाओं में शिफ्ट किया जाएगा। इसके साथ ही गली-मोहल्लों में बछड़े छोड़ने वालों, पशुपालकों, डेयरी संचालकों और आश्रम प्रबंधकों के खिलाफ भी नगर निगम कार्रवाई करेगा। नगर निगम क्षेत्र के 40 वार्डों में वर्तमान में करीब 700 निराश्रित पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। इनके हमलों में कई लोग घायल हो चुके हैं। नगर निगम की अपनी गोशाला नहीं होने के कारण पकड़े गए पशुओं को तत्काल शिफ्ट करने में दिक्कत आ रही है। वहीं, जितने पशु सड़कों से हटाए जा रहे हैं, लगभग उतने ही दोबारा सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। नगर निगम को जानकारी मिली है कि कुछ डेयरियों और आश्रमों की गोशालाओं से भी रात के समय निराश्रित पशुओं को शहर और आसपास के क्षेत्रों में छोड़ा जा रहा है। इसे देखते हुए निगम प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
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बछड़ों की टैगिंग न होने से मालिकों की नहीं हो पाती पहचान
- शहर क्षेत्र में जितनी भी डेयरियां हैं उनके संचालक पशुपालन विभाग से अपने बछड़ों के कान पर टैग नहीं लगवाते। विभाग की ओर से तीन माह से अधिक आयु के बछड़ों के कान में टैग लगाए जाते हैं। डॉ. अमित वर्मा ने बताया कि डेयरी संचालक और पशुपालक अपने बछड़ों के कान पर टैग नहीं लगाते। बछड़े के बड़े होने पर पशुपालक, डेयरी संचालक उन्हें बाजार और आसपास के क्षेत्रों में छोड़ देते हैं जिस कारण पशु के मालिक की पहचान नहीं हो पाती।
कोट-
नगर निगम की ओर से कुंभ मेले से पहले शहर की सड़कों पर घूम रहे निराश्रित पशुओं को गोशालाओं में शिफ्ट कराया जाएगा। वहीं बछड़ों को गलियाें और आसपास के क्षेत्रों में छोड़ने वाले पशुपालकों, डेयरी संचालकों और आश्रम गौशाला प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -विजय नाथ शुक्ल, नगर आयुक्त, ऋषिकेश
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- नगर निगम की ओर से चलाया जाएगा अभियान
- छोटे बछड़े छोड़ने वाले डेयरी संचालकों, आश्रम प्रबंधकों पर कसेगा शिकंजा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। आगामी कुंभ मेले से पहले शहर की सड़कों पर घूम रहे सभी निराश्रित पशुओं को गोशालाओं में शिफ्ट किया जाएगा। इसके साथ ही गली-मोहल्लों में बछड़े छोड़ने वालों, पशुपालकों, डेयरी संचालकों और आश्रम प्रबंधकों के खिलाफ भी नगर निगम कार्रवाई करेगा। नगर निगम क्षेत्र के 40 वार्डों में वर्तमान में करीब 700 निराश्रित पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। इनके हमलों में कई लोग घायल हो चुके हैं। नगर निगम की अपनी गोशाला नहीं होने के कारण पकड़े गए पशुओं को तत्काल शिफ्ट करने में दिक्कत आ रही है। वहीं, जितने पशु सड़कों से हटाए जा रहे हैं, लगभग उतने ही दोबारा सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। नगर निगम को जानकारी मिली है कि कुछ डेयरियों और आश्रमों की गोशालाओं से भी रात के समय निराश्रित पशुओं को शहर और आसपास के क्षेत्रों में छोड़ा जा रहा है। इसे देखते हुए निगम प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
बछड़ों की टैगिंग न होने से मालिकों की नहीं हो पाती पहचान
- शहर क्षेत्र में जितनी भी डेयरियां हैं उनके संचालक पशुपालन विभाग से अपने बछड़ों के कान पर टैग नहीं लगवाते। विभाग की ओर से तीन माह से अधिक आयु के बछड़ों के कान में टैग लगाए जाते हैं। डॉ. अमित वर्मा ने बताया कि डेयरी संचालक और पशुपालक अपने बछड़ों के कान पर टैग नहीं लगाते। बछड़े के बड़े होने पर पशुपालक, डेयरी संचालक उन्हें बाजार और आसपास के क्षेत्रों में छोड़ देते हैं जिस कारण पशु के मालिक की पहचान नहीं हो पाती।
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कोट-
नगर निगम की ओर से कुंभ मेले से पहले शहर की सड़कों पर घूम रहे निराश्रित पशुओं को गोशालाओं में शिफ्ट कराया जाएगा। वहीं बछड़ों को गलियाें और आसपास के क्षेत्रों में छोड़ने वाले पशुपालकों, डेयरी संचालकों और आश्रम गौशाला प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -विजय नाथ शुक्ल, नगर आयुक्त, ऋषिकेश
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