फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   Sridev Suman will make Rishikesh campus excellent: Dhyani

श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के ऋषिकेश परिसर को बनाएंगे- उत्कृष्ट

Sun, 23 Aug 2020 12:57 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2020 12:57 AM IST
विज्ञापन
Sridev Suman will make Rishikesh campus excellent: Dhyani
कॉलेज में सीट बढ़ाने की मांग को लेकर कुलपति से मिलते छात्र। - फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के ऋषिकेश परिसर को उत्कृष्ट परिसर बनाया जाएगा। भ्रष्टाचार को खत्म कर प्रशासनिक क्षमता को ठीक कराया जाएगा। कॉलेज की भूमि जल्द ही विवि के अधीन होगी।
विज्ञापन

राजकीय महाविद्यालय में श्रीदेव सुमन विवि के कैंपस कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान विवि के कुलपति डॉ.पीतांबर प्रसाद ध्यानी ने बताया श्रीदेव सुमन विवि के अधीन कुल 167 कॉलेज हैं। जिसमें 53 शासकीय और 114 निजी कॉलेज हैं। उन्होंने एक दिसंबर 2019 को विवि के कुलपति का प्रभार संभाला था, चार्ज लेने के बाद उन्होंने विश्वविद्यालय से सबंद्ध कॉलेजों का निरीक्षण प्राइवेट कॉलेजों के संदिग्ध 18 सेंटरों को निरस्त करवाया। 86 सेंटरों को नोटिस भिजवाया। जिनमें व्यवस्थाएं सुधारने के लिए कहा गया। कई कॉलेज ऐसे भी मिले जिनके भवन ही नहीं हैं। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश परिसर में कुल 124 कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। जिसमें एक प्राचार्य, 70 प्रोफेसर और 53 शिक्षेेणत्तर कर्मचारी हैं। कॉलेज की चारदीवारी का निर्माण 3.75 करोड़ से कराया जाएगा। इसके अलावा विद्यालय परिसर में कैंपस में प्रशासनिक भवन, गर्ल्स होस्टल, ब्वॉयज होस्टल्स, जिम, फैकल्टी के आवास आदि बनाए जाएंगे। इसके लिए 50 करोड़ की डीपीआर बनाई गई है। ब्रिडकुल प्रजेंटेंशन दिखा चुका है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश में श्रीदेव सुमन विवि का परिसर बनने के बाद यह तय हुआ था कि ऋषिकेश स्थित कॉलेज से लिए जाएं, लेकिन बाद में यह तय हुआ कि उच्च निदेशालय की ओर से इसके लिए विकल्प भरवाए जाएंगे उसके बाद ही यहां फैकल्टी और अन्य पदों को भरा जाएगा।
विज्ञापन

विवि के अधीन नहीं है ऋषिकेश कॉलेज
- श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति पीताम्बर प्रसाद ध्यानी ने बताया कि ऋषिकेश ऑटोनॉमस कॉलेज अभी श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के अधीन नहीं है। उन्होंने बताया कि अभी यहां का स्टाफ और अन्य व्यवस्थाओं पर राज्य सरकार का नियंत्रण में हैं जो कि उच्च शिक्षा निदेशालय हल्द्वानी के अधीन हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कॉलेज भवन और भूमि होगी विवि के नाम
- श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति पीताम्बर प्रसाद ध्यानी ने बताया कि पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने ऋषिकेश महाविद्यालय का भवन और जमीन विश्वविद्यालय के नाम ट्रांसफर करने की मांग की थी, उसके बाद शासन की ओर से दो जुलाई जिलाधिकारी देहरादून को जमीन और भवन हस्तांतरण करने के लिए कार्रवाई के लिखा गया है।
इनसेट-
- तीन साल में गोपेश्वर परिसर की प्रगति शून्य
- श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति पीताम्बर प्रसाद ध्यानी ने बताया कि विवि के गोपेश्वर परिसर की प्रगति तीन साल में शून्य है। वहां न तो कॉलेज की जमीन विवि के नाम हस्तांतरित हुई और न ही अन्य कोई काम हुए।
यूओयू को दिया जाएगा भाऊवाला परिसर
- श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति ने पीपी ध्यानी ने बताया कि विश्व विद्यालय के भाऊवाला परिसर को अब उसे उत्तराखंड मुक्त विवि हल्द्वानी को दिया जा रहा है। इस परिसर को बनाने में सरकार को एक करोड़ से अधिक रुपया खर्च कर चुकी है।

इनसेट-
महाविद्यालय को मुख्यालय बनाया जाए
छात्रसंघ महासचिव दीपक भारद्वाज के नेतृत्व में छात्रों ने श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति पीताम्बर प्रसाद ध्यानी को ज्ञापन दिया। जिसमें ऋषिकेश राजकीय महाविद्यालय को श्रीदेव सुमन विवि का मुख्यालय बनाने की मांग की। साथ बीएड, बीपीएड, कंप्यूटर साइंस आदि कोर्स इसी सत्र में संचालित किए जाएं। योग विषय को सामान्य विषय के अधीन लाया जाए। बीए संकाय में सीटों को 50 प्रतिशत बढ़ाया जाए। बीएससी और बीकॉम में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाए। ऋषिकेश कैंपस के सभी प्रोफेसरों को विवि में समायोजित किया जाए।

कॉलेज में प्रेसवार्ता करते श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ.पीपी ध्यानी।

कॉलेज में प्रेसवार्ता करते श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ.पीपी ध्यानी।- फोटो : RISHIKESH

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed