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Rishikesh News: संसाधनों के अभाव में दम तोड़ रहीं खेल प्रतिभाएं
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खेल का बढ़ावा देने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। लेकिन ऋषिकेश में पैरा खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए कोई खेल ही मैदान नहीं है। खिलाड़ी सड़क और अपने घर की छत पर ही अभ्यास करने को मजबूर हैं।
खेल मैदान नहीं होने से खिलाड़ियों की प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं। शासन-प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी ऋषिकेश को पैरा खिलाड़ियों के लिए खेल का मैदान नहीं मिल पाया गया है। पैरा खिलाड़ी अपने स्तर से ही कड़ी मेहनत कर प्रदेश और देश के लिए पदक जीत रहे हैं।
पैरा खिलाड़ियों का कहना है कि उनके पास इतना पैसा नहीं है कि वे अन्य प्रदेश में जाकर अपने खेल का अभ्यास कर सके।
यहां खेल का मैदान होता तो मैं अंतरराष्ट्रीय खेल में कई पदक जीत चुकी होती। मजबूरी में सड़क पर अभ्यास करना पड़ता। मैं मुख्यमंत्री सहित कई जनप्रतिनिधियों से ऋषिकेश में खेल के मैदान की मांग कर चुकी हूं। - नीरजा गोयल, अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी
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तीर्थनगरी में खेल को बढ़ावा देने के लिए कोई सुविधा नहीं है। खेल का एक भी मैदान नहीं है, जहां खिलाड़ी अभ्यास कर सकें। खेल से संबंधित सुविधाएं न होने के कारण खिलाड़ियों के खेल में सुधार नहीं हो पा रहा है। - धनवीर सिंह भंडारी, नेशनल पैरा क्रिकेटर एवं एथलीट
अभ्यास के लिए खेल का मैदान होता तो अपने देश के लिए कई पदक जीत चुका होता। खेल का मैदान न होने के कारण घर के पास गली में ही अभ्यास करना पड़ता है। मेहनत के बावजूद क्रिकेट मनचाहा मुकाम हासिल नहीं कर पा रहा हूं। - मनु सिंह, नेशनल पैरा क्रिकेटर
ऋषिकेश की होकर भी महाराष्ट्र की ओर से खेलना पड़ता है। पैरा खिलाड़ियों के लिए खेल मैदान होता तो उन्हें अन्य प्रदेशों से नहीं खेलना पड़ता। उत्तराखंड सरकार को खेल मैदान और खिलाड़ियों पर ध्यान देने की जरूरत है। - साक्षी चौहान, पैरा बास्केटबाल खिलाड़ी
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खेल मैदान नहीं होने से खिलाड़ियों की प्रतिभाएं दम तोड़ रही हैं। शासन-प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी ऋषिकेश को पैरा खिलाड़ियों के लिए खेल का मैदान नहीं मिल पाया गया है। पैरा खिलाड़ी अपने स्तर से ही कड़ी मेहनत कर प्रदेश और देश के लिए पदक जीत रहे हैं।
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पैरा खिलाड़ियों का कहना है कि उनके पास इतना पैसा नहीं है कि वे अन्य प्रदेश में जाकर अपने खेल का अभ्यास कर सके।
यहां खेल का मैदान होता तो मैं अंतरराष्ट्रीय खेल में कई पदक जीत चुकी होती। मजबूरी में सड़क पर अभ्यास करना पड़ता। मैं मुख्यमंत्री सहित कई जनप्रतिनिधियों से ऋषिकेश में खेल के मैदान की मांग कर चुकी हूं। - नीरजा गोयल, अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी
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तीर्थनगरी में खेल को बढ़ावा देने के लिए कोई सुविधा नहीं है। खेल का एक भी मैदान नहीं है, जहां खिलाड़ी अभ्यास कर सकें। खेल से संबंधित सुविधाएं न होने के कारण खिलाड़ियों के खेल में सुधार नहीं हो पा रहा है। - धनवीर सिंह भंडारी, नेशनल पैरा क्रिकेटर एवं एथलीट
अभ्यास के लिए खेल का मैदान होता तो अपने देश के लिए कई पदक जीत चुका होता। खेल का मैदान न होने के कारण घर के पास गली में ही अभ्यास करना पड़ता है। मेहनत के बावजूद क्रिकेट मनचाहा मुकाम हासिल नहीं कर पा रहा हूं। - मनु सिंह, नेशनल पैरा क्रिकेटर
ऋषिकेश की होकर भी महाराष्ट्र की ओर से खेलना पड़ता है। पैरा खिलाड़ियों के लिए खेल मैदान होता तो उन्हें अन्य प्रदेशों से नहीं खेलना पड़ता। उत्तराखंड सरकार को खेल मैदान और खिलाड़ियों पर ध्यान देने की जरूरत है। - साक्षी चौहान, पैरा बास्केटबाल खिलाड़ी