{"_id":"68f7e703ec463c201c02eb40","slug":"sparsh-himalaya-festival-from-3rd-rishikesh-news-c-5-1-drn1046-816589-2025-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: स्पर्श हिमालय महोत्सव का शुभारंभ करने तीन नवंबर को आएंगी राष्ट्रपति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: स्पर्श हिमालय महोत्सव का शुभारंभ करने तीन नवंबर को आएंगी राष्ट्रपति
Wed, 22 Oct 2025 01:33 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 22 Oct 2025 01:33 AM IST
विज्ञापन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लेखक गांव थानो में तीन नवंबर से शुरू होने जा रहे तीन दिवसीय स्पर्श हिमालय महोत्सव का शुभारंभ करेंगी। कार्यक्रम में राष्ट्रपति के साथ ही राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह और सीएम पुष्कर सिंह धामी भी शामिल होंगे।
उद्घाटन के पहले दिन कुल छह सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिसमें उत्तराखंड की साहित्यिक परंपरा, उत्तराखंड में विकास और चुनौतियां, लोक संस्कृति एवं लोक साहित्य सम्मेलन, विश्वविद्यालय नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी। चार नवंबर को कार्यक्रम के दूसरे दिन कुल आठ सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें विकसित भारत वन नेशन वन विजन, मीडिया की जिम्मेदारी और चुनौतियां, शिक्षा में भारतीयता, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, भारतीय ज्ञान परंपरा, वेद और विश्व शांति, डिजिटल युग और साहित्य, हास्य एवं व्यंग्य सत्र आयोजित किए जाएंगे।
पांच नवंबर को योग और आध्यात्म, डॉ. फोगशी फुकद की रचनाओं पर चर्चा, दर्शन विधि और भारतीय न्याय प्रणाली, प्रवासी लेखन एवं अंतरराष्ट्रीय संवाद, पर्यावरण, संस्कृति और स्थाई विकास आदि सत्र आयोजित किया जाएगा। लेखक गांव के संरक्षक डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि कार्यक्रम में 60 से अधिक देशों के 100 से अधिक वक्ता, 27 से अधिक साहित्य, संगीत, संस्कृति, विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोग भाग लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उद्घाटन के पहले दिन कुल छह सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिसमें उत्तराखंड की साहित्यिक परंपरा, उत्तराखंड में विकास और चुनौतियां, लोक संस्कृति एवं लोक साहित्य सम्मेलन, विश्वविद्यालय नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी। चार नवंबर को कार्यक्रम के दूसरे दिन कुल आठ सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें विकसित भारत वन नेशन वन विजन, मीडिया की जिम्मेदारी और चुनौतियां, शिक्षा में भारतीयता, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, भारतीय ज्ञान परंपरा, वेद और विश्व शांति, डिजिटल युग और साहित्य, हास्य एवं व्यंग्य सत्र आयोजित किए जाएंगे।
विज्ञापन
पांच नवंबर को योग और आध्यात्म, डॉ. फोगशी फुकद की रचनाओं पर चर्चा, दर्शन विधि और भारतीय न्याय प्रणाली, प्रवासी लेखन एवं अंतरराष्ट्रीय संवाद, पर्यावरण, संस्कृति और स्थाई विकास आदि सत्र आयोजित किया जाएगा। लेखक गांव के संरक्षक डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि कार्यक्रम में 60 से अधिक देशों के 100 से अधिक वक्ता, 27 से अधिक साहित्य, संगीत, संस्कृति, विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोग भाग लेंगे।
विज्ञापन