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Rishikesh News: सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों के खेत सूखे
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Iबैरागढ़ में 95 लाख रुपये की लागत से बनाई गई थी सिंचाई नहरI
यमकेश्वर ब्लाॅक के ग्राम पंचायत सिंदुडी के तोक गांव बैरागढ़ में लघु डाल खंड श्रीनगर ने सिंचाई पंपिंग योजना के नाम पर 95 लाख की धनराशि को ठिकाने लगा दिया है। विभाग की ओर से बिछाई गई पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। सिंचाई के अभाव में ग्रामीणों के खेत सूख रहे हैं। मामला संज्ञान में होने के बावजूद विभागीय अधिकारी पाइप लाइन की मरम्मत नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत की है।
लक्ष्मणझूला से मात्र 15 किमी दूर बैरागढ़ गांव पड़ता है। इस गांव में करीब 40 से 50 परिवार रहते हैं। वर्ष 2014 की दैवी आपदा ने इस गांव में तबाही मचाई थी। कई ग्रामीणों के घर जमींदोज हो गए थे। कई हेक्टेयर कृषि भूमि आपदा की भेंट चढ़ गई थी और सिंचाई नहर भी क्षतिग्रस्त हो गई थी।
आपदाग्रस्त क्षेत्र में ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2021 में यहां करीब 95 लाख की लागत से सिंचाई पंपिंग योजना का काम शुरू हुआ। लघु डाल खंड श्रीनगर को इसमें कार्यदाई संस्था नियुक्त किया गया। योजना के नाम पर विभाग ने यहां एक पंपिंग भवन तैयार किया। कुछ ग्रामीणों के खेतों तक सिंचाई की पाइप लाइन बिछा दी। लेकिन इन लाइनों में आज तक पानी नहीं पहुंचा।
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Iमानको के विपरित हुआ योजना का निर्माणI
पूर्व प्रधान अरुण जुगलान ने आरोप लगाया कि योजना के नाम पर विभाग ने सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। 95 लाख खर्च करने के बाद भी आज तक किसी भी ग्रामीणों के खेत में सिंचाई नहीं हो रही है। योजना का निर्माण मानकों के विपरित था। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही ग्रामीणों ने विभाग को इस बारे में पूरी जानकारी दे दी थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों की बातों को अनसुना कर दिया। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। सिंचाई नहीं होने से ग्रामीणों के कई हेक्टेयर भूमि बंजर हो गई।
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Iविभाग की योजना का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यदि इस योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है तो जल्द इसकी जांच की जाएगी। योजना से ग्रामीणों को जल्द से जल्द लाभांवित किया जाएगा। -प्रदीप कुमार, अधिशासी अभियंता लघु डाल खंड श्रीनगरI
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यमकेश्वर ब्लाॅक के ग्राम पंचायत सिंदुडी के तोक गांव बैरागढ़ में लघु डाल खंड श्रीनगर ने सिंचाई पंपिंग योजना के नाम पर 95 लाख की धनराशि को ठिकाने लगा दिया है। विभाग की ओर से बिछाई गई पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। सिंचाई के अभाव में ग्रामीणों के खेत सूख रहे हैं। मामला संज्ञान में होने के बावजूद विभागीय अधिकारी पाइप लाइन की मरम्मत नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत की है।
लक्ष्मणझूला से मात्र 15 किमी दूर बैरागढ़ गांव पड़ता है। इस गांव में करीब 40 से 50 परिवार रहते हैं। वर्ष 2014 की दैवी आपदा ने इस गांव में तबाही मचाई थी। कई ग्रामीणों के घर जमींदोज हो गए थे। कई हेक्टेयर कृषि भूमि आपदा की भेंट चढ़ गई थी और सिंचाई नहर भी क्षतिग्रस्त हो गई थी।
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आपदाग्रस्त क्षेत्र में ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2021 में यहां करीब 95 लाख की लागत से सिंचाई पंपिंग योजना का काम शुरू हुआ। लघु डाल खंड श्रीनगर को इसमें कार्यदाई संस्था नियुक्त किया गया। योजना के नाम पर विभाग ने यहां एक पंपिंग भवन तैयार किया। कुछ ग्रामीणों के खेतों तक सिंचाई की पाइप लाइन बिछा दी। लेकिन इन लाइनों में आज तक पानी नहीं पहुंचा।
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Iमानको के विपरित हुआ योजना का निर्माणI
पूर्व प्रधान अरुण जुगलान ने आरोप लगाया कि योजना के नाम पर विभाग ने सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। 95 लाख खर्च करने के बाद भी आज तक किसी भी ग्रामीणों के खेत में सिंचाई नहीं हो रही है। योजना का निर्माण मानकों के विपरित था। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही ग्रामीणों ने विभाग को इस बारे में पूरी जानकारी दे दी थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों की बातों को अनसुना कर दिया। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। सिंचाई नहीं होने से ग्रामीणों के कई हेक्टेयर भूमि बंजर हो गई।
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Iविभाग की योजना का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यदि इस योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है तो जल्द इसकी जांच की जाएगी। योजना से ग्रामीणों को जल्द से जल्द लाभांवित किया जाएगा। -प्रदीप कुमार, अधिशासी अभियंता लघु डाल खंड श्रीनगरI