{"_id":"61b79628986cc3753a14b12d","slug":"signal-picket-against-doubling-of-house-tax-rishikesh-news-drn398687159","type":"story","status":"publish","title_hn":"गृहकर को दोगुना के विरोध में दिया सांकेतिक धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गृहकर को दोगुना के विरोध में दिया सांकेतिक धरना
विज्ञापन
07 लोनिवि गेस्ट हाउस के समीप बिजली, पानी के बिलों को लेकर धरना देते उत्तराखंड जन विकास मंच के लोग।
- फोटो : RISHIKESH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड जन विकास मंच की ओर से पानी और बिजली के बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि और नगर निगम ऋषिकेश द्वारा गृहकर दोगुना करने के विरोध स्वरूप पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के निकट दो घंटे का सांकेतिक धरना दिया गया।
मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने बताया कि विगत डेढ़ वर्ष पूर्व उत्तराखंड जन विकास मंच ने स्व निर्धारित गृहकर प्रणाली के संबंध में नगर निगम ऋषिकेश से पत्राचार करके गृहकर की दर कम करने का निवेदन किया था, लेकिन नगर निगम ऋषिकेश की ओर से दर कम न करके 50 फीसदी की छूट का प्रावधान किया गया। इसके संबंध में मंच ने पहले ही आशंका व्यक्ति की थी कि भविष्य में जनता से इस छूट की वसूली भी की जा सकती है, जिसका खामियाजा एक छोटे ग्रह स्वामी से लेकर रेस्टोरेंट संचालक, दुकानदार, पर्यटन व होटल इंडस्ट्री से जुड़े से लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
मंच के संरक्षक हरि सिंह भंडारी और रामकृपाल गौतम ने कहा कि पानी के बिलों में प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत की वृद्धि जनहित में ठीक नहीं है। धरने को समर्थन देने वालों में राजे नेगी, हिकमत नेगी, गंगा शरण यादव, योगेश शर्मा, विपिन शर्मा, राजेंद्र पाल विनोद सजवान, राजू गुप्ता, राहुल वर्मा, आकाश सिंह, सुधीर गुप्ता, सोनी पाल, सतेंद्र, जितेंद्र कुमार और गंभीर सिंह भंडारी आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने बताया कि विगत डेढ़ वर्ष पूर्व उत्तराखंड जन विकास मंच ने स्व निर्धारित गृहकर प्रणाली के संबंध में नगर निगम ऋषिकेश से पत्राचार करके गृहकर की दर कम करने का निवेदन किया था, लेकिन नगर निगम ऋषिकेश की ओर से दर कम न करके 50 फीसदी की छूट का प्रावधान किया गया। इसके संबंध में मंच ने पहले ही आशंका व्यक्ति की थी कि भविष्य में जनता से इस छूट की वसूली भी की जा सकती है, जिसका खामियाजा एक छोटे ग्रह स्वामी से लेकर रेस्टोरेंट संचालक, दुकानदार, पर्यटन व होटल इंडस्ट्री से जुड़े से लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
मंच के संरक्षक हरि सिंह भंडारी और रामकृपाल गौतम ने कहा कि पानी के बिलों में प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत की वृद्धि जनहित में ठीक नहीं है। धरने को समर्थन देने वालों में राजे नेगी, हिकमत नेगी, गंगा शरण यादव, योगेश शर्मा, विपिन शर्मा, राजेंद्र पाल विनोद सजवान, राजू गुप्ता, राहुल वर्मा, आकाश सिंह, सुधीर गुप्ता, सोनी पाल, सतेंद्र, जितेंद्र कुमार और गंभीर सिंह भंडारी आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन