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गंगा में प्रवाहित हो रहा सीवर का मैला
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गंगा के नाम पर केंद्र और प्रदेश सरकार ने अरबों रुपये बहा दिए हैं। लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अंतर्गत नावघाट पर बीते एक महीने से सीवर लाइन लीकेज कर रहा है। जिसका सारा मैला गंगा में प्रवाहित हो रही है। मोक्षदायिनी में सीवर का पानी बहता देख श्रद्धालु गंगा में आचमन करने से दूर भाग रहे हैं।
तीर्थनगरी में मां गंगा करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है। कई राज्यों के पर्यटक और सैलानी मां गंगा का आचमन करने के लिए लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, तपोवन, ऋषिकेश और मुनिकीरेती क्षेत्र में आते हैं। गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने भी नमामि गंगे योजना सहित विभिन्न योजनाओं में अरबों रुपये पानी की तरह बहा दिए हैं। लेकिन धरातल पर विभागीय अधिकारी अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग नहीं है। नतीजन कई दिनों से सीवर का गंगा पानी गंगा में बह रहा है।
स्वर्गाश्रम स्थित डालमिया आश्रम के स्वामी गुरुचरन मिश्र ने बताया कि कई दशकों से मां गंगा के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा है। वे सुबह और शाम विधिविधान के साथ मां गंगा की पूजा अर्चना करते हैं। लाउड स्पीकर के माध्यम से वे गंगा घाट पर मां गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए पर्यटकों को जागरूक करते हैं। लेकिन बीते एक महीने से नावघाट पर सीवर का पानी लीकेज होकर सारा मैला गंगा में प्रवाहित हो रहा है। जिसे देख भक्तों की आस्था और श्रद्धा तार-तार हो रही है। साथ ही तीर्थनगरी की छवि धूमिल हो रही है। इस बारे में संबंधित विभाग को अवगत कराया जा चुका है। उसके बावजूद भी समस्या जस की तस है।
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मामला संज्ञान में नहीं है। संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित कर जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
-हरीश बंसल, सहायक अभियंता, उत्तराखंड गंगा हरिद्वार सीवर विंग
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तीर्थनगरी में मां गंगा करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है। कई राज्यों के पर्यटक और सैलानी मां गंगा का आचमन करने के लिए लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, तपोवन, ऋषिकेश और मुनिकीरेती क्षेत्र में आते हैं। गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने भी नमामि गंगे योजना सहित विभिन्न योजनाओं में अरबों रुपये पानी की तरह बहा दिए हैं। लेकिन धरातल पर विभागीय अधिकारी अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग नहीं है। नतीजन कई दिनों से सीवर का गंगा पानी गंगा में बह रहा है।
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स्वर्गाश्रम स्थित डालमिया आश्रम के स्वामी गुरुचरन मिश्र ने बताया कि कई दशकों से मां गंगा के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा है। वे सुबह और शाम विधिविधान के साथ मां गंगा की पूजा अर्चना करते हैं। लाउड स्पीकर के माध्यम से वे गंगा घाट पर मां गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए पर्यटकों को जागरूक करते हैं। लेकिन बीते एक महीने से नावघाट पर सीवर का पानी लीकेज होकर सारा मैला गंगा में प्रवाहित हो रहा है। जिसे देख भक्तों की आस्था और श्रद्धा तार-तार हो रही है। साथ ही तीर्थनगरी की छवि धूमिल हो रही है। इस बारे में संबंधित विभाग को अवगत कराया जा चुका है। उसके बावजूद भी समस्या जस की तस है।
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मामला संज्ञान में नहीं है। संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित कर जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
-हरीश बंसल, सहायक अभियंता, उत्तराखंड गंगा हरिद्वार सीवर विंग