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ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य का किया स्मरण
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ऋषिकेश। तीर्थनगरी में जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम के चौथे निर्वाणोत्सव पर उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया। संतों और भक्तजनों ने ब्रह्मलीन शंकराचार्य के समाधि स्थल पर पूजन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
शुक्रवार को जगद्गुरू शंकराचार्य समाधि संस्थान दंडीबाड़ा, मायाकुंड ऋषिकेश में जगद्गुरु शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी माधवाश्रम की चतुर्थ निर्वाणोत्सव पर उनको श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। आश्रम प्रबंधक केशवस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी माधवाश्रम महाराज के बताए सद्मार्ग पर चलना ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि है। कहा कि माधवाश्रम महाराज गो, गंगा, गायत्री, ब्राह्मण, कन्या की रक्षा का जो संकल्प था उसको पूरा करना सभी सनातनियों का कर्तव्य है। वे जीवन पर्यंत सनातन धर्म के प्रचार प्रसार में जुटे रहे। देश ही नहीं विदेश में सनातन धर्म की अलख जगाने का कार्य किया, जिससे लोग भारतीय संस्कृति की ओर प्रेरित हुए। इस दौरान स्वामी विज्ञानानंद तीर्थ, श्रीमहंत महेशानंद गिरी, शैलेंद्र मिश्रा, संजय शास्त्री, बंशीधर पोखरियाल, जीएलपी पुरोहित, जनार्दन कैरवान, मनीराम पैन्यूली, कमल डिमरी, पंडित मुकुंद शास्त्री आदि थे।
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शुक्रवार को जगद्गुरू शंकराचार्य समाधि संस्थान दंडीबाड़ा, मायाकुंड ऋषिकेश में जगद्गुरु शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी माधवाश्रम की चतुर्थ निर्वाणोत्सव पर उनको श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। आश्रम प्रबंधक केशवस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी माधवाश्रम महाराज के बताए सद्मार्ग पर चलना ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि है। कहा कि माधवाश्रम महाराज गो, गंगा, गायत्री, ब्राह्मण, कन्या की रक्षा का जो संकल्प था उसको पूरा करना सभी सनातनियों का कर्तव्य है। वे जीवन पर्यंत सनातन धर्म के प्रचार प्रसार में जुटे रहे। देश ही नहीं विदेश में सनातन धर्म की अलख जगाने का कार्य किया, जिससे लोग भारतीय संस्कृति की ओर प्रेरित हुए। इस दौरान स्वामी विज्ञानानंद तीर्थ, श्रीमहंत महेशानंद गिरी, शैलेंद्र मिश्रा, संजय शास्त्री, बंशीधर पोखरियाल, जीएलपी पुरोहित, जनार्दन कैरवान, मनीराम पैन्यूली, कमल डिमरी, पंडित मुकुंद शास्त्री आदि थे।
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