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शिक्षा की गुणवत्ता भविष्य की चुनौती : डॉ. रावत
Sat, 24 Jan 2026 01:40 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sat, 24 Jan 2026 01:40 AM IST
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श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। उन्होंने पिछले 9 वर्षों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हुए परिवर्तनों को रेखांकित करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को भविष्य की मुख्य चुनौती बताया। छात्रों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के संकल्प के साथ उन्होंने प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में 10 करोड़ रुपये की लागत से विवेकानंद ई-ग्रंथालय शुरू करने की घोषणा भी की।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि बीते 9 वर्षों में विश्वविद्यालयों ने जितनी मांग की उससे अधिक पैसा दिया गया है। सरकार कोई कमी नहीं कर रही है। इन 9 वर्षाें में सरकार ने 1200 करोड़ से अधिक धनराशि उच्च शिक्षा पर खर्च की है।
प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालयों की स्थापना की गई है। करीब 113 महाविद्यालयों का निर्माण हो चुका है। अब सबसे बड़ी चुनौती शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देना है। अभी तक 80 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को डिजीलॉकर के माध्यम से भी उपाधियां दे दी गई हैं। नई शिक्षा नीति में बहुत कार्य हुआ है।
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डॉ. रावत ने कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए पर्याप्त पुस्तकें होंगी। सभी विश्वविद्यालयों में ई-ग्रंथालय होने चाहिए। करीब 10 करोड़ की लागत से सभी विश्वविद्यालयों (सरकारी और गैर सरकारी) में विवेकानंद ई-ग्रंथालय होंगे। पांच लाख से अधिक बच्चे ई-ग्रंथालय से किताबें पढ़ सकेंगे। सभी विश्वविद्यालय अपने आसपास के प्राथमिक विद्यालय को गोद लेंगे। प्रत्येक महाविद्यालय में ओपन जिम व योग कक्षाएं होंगी। डॉ. रावत ने कहा कि राज्य के सभी 12 विवि व तीन अन्य संस्थान (एनआईटी, आईआईटी और आईएमए) हैं, वहां हर साल एक सांस्कृतिक या खेल गतिविधि आयोजित किया जाएगा।
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10 फरवरी तक रिक्त पदों पर भर्ती के लिए जारी होंगे विज्ञापन
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने सभी कुलपतियों को कहा है कि उनके विश्वविद्यालयों में जितनी भी पद रिक्त हैं। 10 फरवरी तक सभी रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दें। विश्वविद्यालयों में कोई पद रिक्त न रहें। जिससे छात्र-छात्राओं को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिले। 180 दिन पढ़ाई जरूरी है। शिक्षा के लिए पैसों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। अब तक सरकार ने 27 हजार लोगों को सरकारी नौकरी दी है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में 21 हजार लोगों को नौकरियां दी गई है।
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विश्वविद्यालयों से हटेगा इंडिया शब्द
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विश्वविद्यालयों में जहां-जहां इंडिया शब्द है, उसे बदलकर भारत किया जाएगा। सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने इस प्रस्ताव को अपने-अपने विश्वविद्यालयों की कार्यपरिषद में रख दिया है। बहुत जल्द यह निर्णय सबके सामने होगा।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि बीते 9 वर्षों में विश्वविद्यालयों ने जितनी मांग की उससे अधिक पैसा दिया गया है। सरकार कोई कमी नहीं कर रही है। इन 9 वर्षाें में सरकार ने 1200 करोड़ से अधिक धनराशि उच्च शिक्षा पर खर्च की है।
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प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालयों की स्थापना की गई है। करीब 113 महाविद्यालयों का निर्माण हो चुका है। अब सबसे बड़ी चुनौती शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देना है। अभी तक 80 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को डिजीलॉकर के माध्यम से भी उपाधियां दे दी गई हैं। नई शिक्षा नीति में बहुत कार्य हुआ है।
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डॉ. रावत ने कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए पर्याप्त पुस्तकें होंगी। सभी विश्वविद्यालयों में ई-ग्रंथालय होने चाहिए। करीब 10 करोड़ की लागत से सभी विश्वविद्यालयों (सरकारी और गैर सरकारी) में विवेकानंद ई-ग्रंथालय होंगे। पांच लाख से अधिक बच्चे ई-ग्रंथालय से किताबें पढ़ सकेंगे। सभी विश्वविद्यालय अपने आसपास के प्राथमिक विद्यालय को गोद लेंगे। प्रत्येक महाविद्यालय में ओपन जिम व योग कक्षाएं होंगी। डॉ. रावत ने कहा कि राज्य के सभी 12 विवि व तीन अन्य संस्थान (एनआईटी, आईआईटी और आईएमए) हैं, वहां हर साल एक सांस्कृतिक या खेल गतिविधि आयोजित किया जाएगा।
10 फरवरी तक रिक्त पदों पर भर्ती के लिए जारी होंगे विज्ञापन
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने सभी कुलपतियों को कहा है कि उनके विश्वविद्यालयों में जितनी भी पद रिक्त हैं। 10 फरवरी तक सभी रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दें। विश्वविद्यालयों में कोई पद रिक्त न रहें। जिससे छात्र-छात्राओं को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिले। 180 दिन पढ़ाई जरूरी है। शिक्षा के लिए पैसों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। अब तक सरकार ने 27 हजार लोगों को सरकारी नौकरी दी है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में 21 हजार लोगों को नौकरियां दी गई है।
विश्वविद्यालयों से हटेगा इंडिया शब्द
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विश्वविद्यालयों में जहां-जहां इंडिया शब्द है, उसे बदलकर भारत किया जाएगा। सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने इस प्रस्ताव को अपने-अपने विश्वविद्यालयों की कार्यपरिषद में रख दिया है। बहुत जल्द यह निर्णय सबके सामने होगा।