जौलीग्रांट। भारत दर्शन कार्यक्रम के तहत नार्थ ईस्टर्न पुलिस अकादमी (एनईपीए), उम्साव, मेघालय से 22 प्रशिक्षु पुलिस अधिकारी देहरादून पहुंचे। इन अधिकारियों ने एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय जौलीग्रांट का भ्रमण किया। एसडीआरएफ मुख्यालय पहुंचने पर दल ने इसकी कार्यप्रणाली और संगठनात्मक संरचना समझी। उन्होंने विभिन्न आपदाओं के दौरान संचालित रेस्क्यू अभियानों की जानकारी ली। सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने एसडीआरएफ की रेस्क्यू क्षमता और प्रशिक्षण प्रणाली बताई। उन्होंने आपदा के दौरान त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारियों को भूकंप, बाढ़, भूस्खलन जैसी आपदाओं में एसडीआरएफ की भूमिका समझाई गई। रेस्क्यू ऑपरेशन में टीमवर्क और त्वरित निर्णय के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षु अधिकारियों ने एसडीआरएफ कंट्रोल रूम का भी भ्रमण किया। उन्होंने आपदा संबंधी सूचनाओं के प्राप्त होने, रेस्क्यू टीमों को रवाना करने की प्रक्रिया जानी। सूचनाओं के समन्वय और रेस्क्यू अभियानों की निगरानी को भी समझा। भ्रमण के अंत में, अधिकारियों ने सेनानायक अर्पण यदुवंशी को धन्यवाद दिया। उन्होंने स्मृति चिह्न भेंट किया और जानकारी को अपने प्रशिक्षण व भावी पुलिस सेवा के लिए उपयोगी बताया।कार्यक्रम के दौरान उपसेनानायक श्री शुभांक रतूड़ी, सहायक सेनानायक श्री संजय उप्रेती, इंस्पेक्टर ट्रेनिंग श्री प्रमोद रावत , सूबेदार मेजर श्री जयपाल राणा सहित अन्य अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।