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Rishikesh News: एम्स में पदोन्नति विवाद गहराया, दोनों पक्षों के 11 नर्सिंग अधिकारी भूख हड़ताल पर

Sat, 17 Oct 2026 08:08 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Updated Sat, 17 Oct 2026 08:08 PM IST
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Promotion dispute deepens at AIIMS, with 11 nursing officers from both sides on hunger strike
दूसरे दिन भी भूख हड़ताल पर डटे रहे एम्स के नर्सिंग अधिकारी, पदोन्नत कर्मी भी भूख हड़ताल में कूदे
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- भीम आर्मी के चंद्रशेखर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वार्ता कर एससी/एसटी संघ को दिया समर्थन
- आरक्षण रोस्टर लागू नहीं करने के विरोध में एससी/एसटी कर्मचारी कल्याण संघ का आंदोलन जारी, पदोन्नत कर्मचारियों ने भी शुरू की भूख हड़ताल; चंद्रशेखर आजाद ने दिया समर्थन का आश्वासन
ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश में नर्सिंग अधिकारियों की पदोन्नति पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आरक्षण रोस्टर लागू नहीं किए जाने के विरोध में आंदोलनरत एम्स एससी/एसटी कर्मचारी कल्याण संघ के छह नर्सिंग अधिकारी शनिवार को दूसरे दिन भी भूख हड़ताल पर डटे रहे। वहीं, पदोन्नति पाने वाले नर्सिंग अधिकारियों का धरना भी जारी है। उनके पक्ष के पांच पदोन्नत कर्मचारियों ने भी शनिवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। दोनों पक्षों के अपनी मांगों पर अड़े रहने से एम्स में विवाद गहराता जा रहा है। इस बीच आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर ने भी एससी/एसटी संघ के आंदोलनरत नर्सिंग अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वार्ता कर उन्हें समर्थन का आश्वासन दिया है।
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एम्स में सीनियर नर्सिंग अधिकारियों (एसएनओ) को असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट (एएनएस) के पद पर पदोन्नति देने के लिए 10 अक्तूबर को विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) आयोजित की गई थी। एम्स एससी/एसटी कर्मचारी कल्याण संघ ने पदोन्नति प्रक्रिया में आरक्षण रोस्टर लागू नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए इसका विरोध शुरू किया था। संगठन का कहना है कि रोस्टर लागू नहीं होने के कारण आरक्षित वर्ग के करीब 53 नर्सिंग अधिकारी पदोन्नति से वंचित रह गए। इसके अलावा डीपीसी में एससी/एसटी के लाइजनिंग अधिकारी को शामिल नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए गए। इसी मामले के संबंध में संगठन से जुड़े 200 से अधिक नर्सिंग अधिकारी 11 अक्तूबर से निदेशक कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं। संगठन की मांग है कि विवादित डीपीसी निरस्त कर नई कमेटी के माध्यम से नियमानुसार दोबारा पदोन्नति प्रक्रिया अपनाई जाए। एम्स प्रशासन की ओर से पूर्व में चेतावनी दिए जाने के बावजूद डीपीसी निरस्त नहीं किए जाने के विरोध में शुक्रवार शाम पांच बजे छह नर्सिंग अधिकारियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। शनिवार को दूसरे दिन भी उनकी भूख हड़ताल जारी रही। वहीं, शुक्रवार शाम को आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने भूख हड़ताल पर बैठे और आंदोलन कर रहे एससी/एसटी कर्मचारी कल्याण संघ के नर्सिंग अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वार्ता की। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों और आंदोलन के संबंध में जानकारी लेते हुए आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह और उनकी पार्टी आंदोलनरत कर्मचारियों के साथ हैं। यदि आवश्यकता पड़ी तो वह ऋषिकेश पहुंचकर कर्मचारियों के आंदोलन को अपना समर्थन भी देंगे।। भूख हड़ताल पर बैठने वाले अधिकारियों का कहना है कि जब तक विवादित डीपीसी और इसके तहत पदोन्नत कर्मचारियों की नियुक्तियां निरस्त नहीं की जातीं, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। दूसरी ओर, डीपीसी के माध्यम से पदोन्नति पाने वाले नर्सिंग अधिकारी भी अपनी पदोन्नति बरकरार रखने की मांग के लिए शुक्रवार को निदेशक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। इसके बाद शनिवार से पदोन्नत कर्मचारियों के दल ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इसने पांच कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को मैदान में उतर गए हैं जिनमें लक्ष्मी मेहरा, रेणु सैनी, तनुजा देऊ, अलविन टी वेर्गिस और रविन विश्नोई शामिल हैं। उनका कहना है कि उक्त पदोन्नति पूर्ण रूप से नियमानुसार हुई है। फिर भी किसी को ऐसा लगता है कि नियमानुसार पदोन्नति नहीं हुई है, तो न्यायालय की शरण में जा सकते हैं। परिसर में दो अलग-अलग मांगों पर आंदोलन जारी रहने से कर्मचारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है जबकि एम्स जैसे प्रमुख चिकित्सा संस्थान में नर्सिंग अधिकारियों के आंदोलन से स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सीधा असर पड़ने लगा है। नर्सिंग सेवाएं अस्पताल की उपचार व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में पदोन्नति विवाद का जल्द समाधान नहीं निकलने से मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर चिंता बढ़ रही है। फिलहाल दोनों पक्ष अपनी मांगों पर अड़े हैं और एम्स प्रशासन की ओर से विवाद सुलझाने के लिए किसी ठोस समाधान की प्रतीक्षा की जा रही है।
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कोट-
आंदोलित नर्सिंग अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। जल्द मामला सुलझा दिया जाएगा।
- डॉ. श्रीलॉय मोहंती, पीआरओ, एम्स।
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