राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान गढ़ी खदरी श्यामपुर प्रदेश सरकार की उपेक्षा का दंश झेल रहा है। वर्ष 2005-06 में 11 एकड़ भूूमि पर 13 करोड़ की लागत से संस्थान का निर्माण कराया गया था। मौजूदा समय में संस्थान की हालत खराब है। कमरे जर्जर हैं। यहां तीन ट्रेड में 240 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान में 13 आवासीय भवन, एक डिस्पेंसरी भवन, एक कार्यशाला, दो बालिका और एक बालक छात्रावास के अलावा तीन शैक्षणिक भवन बने हुए हैं। वर्ष 2013 में दैवीय आपदा के बाद गंगा उफान पर आ गई थी। इससे राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान को काफी नुकसान हुआ था। नदी का मलबा संस्थान परिसर में घुस गया था। चहारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई थी। आवासीय भवन जर्जर हो गए थे।आपदा को गुजरे करीब 11 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक संस्थान की हालत नहीं सुधारी गई है। प्रदेश सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इसकी सुध नहीं ली। वर्तमान समय में संस्थान का शैक्षणिक भवन दुरुस्त हो गया है, लेकिन आवासीय भवन, छात्रावास और चाहारदीवारी की समस्या जस की तस है। वर्तमान समय में यहां तीन ट्रेड इलेक्ट्रिकल, सिविल एंड इन्वायरमेंटल इन इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस संचालित हो रहे हैं। यहां 240 छात्र संख्या में 25 छात्राएं हैं। छात्रावास नहीं होने के कारण दूरस्थ क्षेत्रों से आ रहे युवाओं को आसपास क्षेत्र में किराये पर कमरा लेना पड़ता है। स्थानीय नागरिक विनोद जुगलान ने बताया कि प्रदेश सरकार बदहाल संस्थान की सुध नहीं ले रही है। कई बार संस्थान के बारे में प्रदेश सरकार को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है।