फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Rishikesh News ›   Polytechnic Institute, not being repaired

Rishikesh News: 11 साल से बदहाल है पॉलीटेक्निक संस्थान, नहीं कराई जा रही मरम्मत

Mon, 20 Jan 2025 01:13 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jan 2025 01:13 AM IST
विज्ञापन
Polytechnic Institute, not being repaired
राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान गढ़ी खदरी श्यामपुर प्रदेश सरकार की उपेक्षा का दंश झेल रहा है। वर्ष 2005-06 में 11 एकड़ भूूमि पर 13 करोड़ की लागत से संस्थान का निर्माण कराया गया था। मौजूदा समय में संस्थान की हालत खराब है। कमरे जर्जर हैं। यहां तीन ट्रेड में 240 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान में 13 आवासीय भवन, एक डिस्पेंसरी भवन, एक कार्यशाला, दो बालिका और एक बालक छात्रावास के अलावा तीन शैक्षणिक भवन बने हुए हैं। वर्ष 2013 में दैवीय आपदा के बाद गंगा उफान पर आ गई थी। इससे राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान को काफी नुकसान हुआ था। नदी का मलबा संस्थान परिसर में घुस गया था। चहारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई थी। आवासीय भवन जर्जर हो गए थे।आपदा को गुजरे करीब 11 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक संस्थान की हालत नहीं सुधारी गई है। प्रदेश सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इसकी सुध नहीं ली। वर्तमान समय में संस्थान का शैक्षणिक भवन दुरुस्त हो गया है, लेकिन आवासीय भवन, छात्रावास और चाहारदीवारी की समस्या जस की तस है। वर्तमान समय में यहां तीन ट्रेड इलेक्ट्रिकल, सिविल एंड इन्वायरमेंटल इन इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस संचालित हो रहे हैं। यहां 240 छात्र संख्या में 25 छात्राएं हैं। छात्रावास नहीं होने के कारण दूरस्थ क्षेत्रों से आ रहे युवाओं को आसपास क्षेत्र में किराये पर कमरा लेना पड़ता है। स्थानीय नागरिक विनोद जुगलान ने बताया कि प्रदेश सरकार बदहाल संस्थान की सुध नहीं ले रही है। कई बार संस्थान के बारे में प्रदेश सरकार को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed