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यूक्रेन के इवानो-फ्रन्कीव्स्क में फंसी तीर्थनगरी की बिटिया
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रूस और यूक्रेन के बीच जंग छिड़ने से यूक्रेन में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। तीर्थनगरी ऋषिकेश के गंगानगर की एक बिटिया तमन्ना त्यागी भी इस समय करीब 500 भारतीय छात्र-छात्राओं के साथ इवानो-फ्रन्कीव्स्क शहर में फंसी है। तमन्ना के माता पिता लगातार बिटिया से फोन पर संपर्क कर उसकी कुशलता की जानकारी ले रहे हैं। वहीं न्यूज चैनल अखबारों के माध्यम से युद्ध के हालातों पर भी पैनी नजर बनाए हुए हैं।
ऋषिकेश के गंगानगर की रहने वाली तमन्ना त्यागी पुत्री अतुल कुमार त्यागी यूक्रेन के इवानो-फ्रन्कीव्स्क शहर में इवानो-फ्रन्कीव्स्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। वह भी अन्य छात्र-छात्राओं की तरह युद्ध के कारण इवानो-फ्रन्कीव्स्क शहर फंसी हुई हैं। तमन्ना की मां रीना त्यागी ने बताया कि उनकी बेटी शहर की एक बिल्डिंग के फ्लैट में है। उसके साथ एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं देहरादून के कुछ छात्र भी हैं। उन्होंने बताया कि बिगड़ते हालात के चलते सभी छात्र-छात्राओं को फ्लैट से बाहर निकलने के लिए मना किया गया है। रीना त्यागी ने बताया कि वह लगातार फोन के माध्यम से अपनी बिटिया के संपर्क में हैं। हर आधे घंटे बाद उनकी बिटिया से बात हो रही है। बिटिया ने उनको बताया कि शहर मॉल और बाजारों में खाने पीने कि सामान की किल्लत हो गई है। हालांकि छात्र और छात्राओं ने पहले से कुछ रसद जुटा ली थी। छात्र और छात्राओं को पीने का बोतल बंद पानी भी नहीं मिल पा रहा है। सभी लोग नल के पानी को उबालकर पी रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिटिया ने जानकारी दी है कि अभी इवानो-फ्रन्कीव्स्क यूक्रेन में सबसे सुरक्षित शहर है। यहां आस-पास अभी युद्ध के हालात नहीं दिख रहे हैं। यहां एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले करीब 500 छात्र-छात्राएं हैं। आसपास के शहरों से भी विदेशी छात्रों को इवानो-फ्रन्कीव्स्क में लाया जा रहा है। रीना त्यागी के मुताबिक बिटिया तमन्ना ने बताया कि भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार छात्र-छात्राओं के संपर्क में है। अधिकारियों ने बताया है कि अगले एक-दो दिनों में उन्हें भारत भेजने की व्यवस्था की जाएगी। रीना त्यागी ने बताया कि वह और उनके पति अतुल कुमार त्यागी बिटिया की कुशलता को लेकर बेहद चिंतित है। उन्होंने बताया कि वह न्यूज चैनल अखबारों के माध्यम से भी यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध पर नजर बनाए हुए हैं। रीना त्यागी ने कहा कि उन्हें भारत सरकार पर पूरा विश्वास है। उन्होंने केंद्र सरकार से जल्द से जल्द उनकी बिटिया सहित सभी भारतीय छात्र छात्राओं को देश वापस लाने की मांग की है। वहीं ऋषिकेश विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी और एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने भारत सरकार से ऋषिकेश की बिटिया को वापस लाने के लिए हर संभव मदद मुहैया कराने की मांग की है।
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ऋषिकेश के गंगानगर की रहने वाली तमन्ना त्यागी पुत्री अतुल कुमार त्यागी यूक्रेन के इवानो-फ्रन्कीव्स्क शहर में इवानो-फ्रन्कीव्स्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। वह भी अन्य छात्र-छात्राओं की तरह युद्ध के कारण इवानो-फ्रन्कीव्स्क शहर फंसी हुई हैं। तमन्ना की मां रीना त्यागी ने बताया कि उनकी बेटी शहर की एक बिल्डिंग के फ्लैट में है। उसके साथ एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं देहरादून के कुछ छात्र भी हैं। उन्होंने बताया कि बिगड़ते हालात के चलते सभी छात्र-छात्राओं को फ्लैट से बाहर निकलने के लिए मना किया गया है। रीना त्यागी ने बताया कि वह लगातार फोन के माध्यम से अपनी बिटिया के संपर्क में हैं। हर आधे घंटे बाद उनकी बिटिया से बात हो रही है। बिटिया ने उनको बताया कि शहर मॉल और बाजारों में खाने पीने कि सामान की किल्लत हो गई है। हालांकि छात्र और छात्राओं ने पहले से कुछ रसद जुटा ली थी। छात्र और छात्राओं को पीने का बोतल बंद पानी भी नहीं मिल पा रहा है। सभी लोग नल के पानी को उबालकर पी रहे हैं। उन्होंने बताया कि बिटिया ने जानकारी दी है कि अभी इवानो-फ्रन्कीव्स्क यूक्रेन में सबसे सुरक्षित शहर है। यहां आस-पास अभी युद्ध के हालात नहीं दिख रहे हैं। यहां एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले करीब 500 छात्र-छात्राएं हैं। आसपास के शहरों से भी विदेशी छात्रों को इवानो-फ्रन्कीव्स्क में लाया जा रहा है। रीना त्यागी के मुताबिक बिटिया तमन्ना ने बताया कि भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार छात्र-छात्राओं के संपर्क में है। अधिकारियों ने बताया है कि अगले एक-दो दिनों में उन्हें भारत भेजने की व्यवस्था की जाएगी। रीना त्यागी ने बताया कि वह और उनके पति अतुल कुमार त्यागी बिटिया की कुशलता को लेकर बेहद चिंतित है। उन्होंने बताया कि वह न्यूज चैनल अखबारों के माध्यम से भी यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध पर नजर बनाए हुए हैं। रीना त्यागी ने कहा कि उन्हें भारत सरकार पर पूरा विश्वास है। उन्होंने केंद्र सरकार से जल्द से जल्द उनकी बिटिया सहित सभी भारतीय छात्र छात्राओं को देश वापस लाने की मांग की है। वहीं ऋषिकेश विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी और एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने भारत सरकार से ऋषिकेश की बिटिया को वापस लाने के लिए हर संभव मदद मुहैया कराने की मांग की है।
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