{"_id":"6a8af7a9f4ebde188505dd46","slug":"matrushakti-sneh-milan-event-celebrated-with-great-enthusiasm-rishikesh-news-c-38-1-sdrn1030-145446-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: धूमधाम से मनाया गया मातृशक्ति स्नेह मिलन कार्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: धूमधाम से मनाया गया मातृशक्ति स्नेह मिलन कार्यक्रम
Sun, 23 Aug 2026 07:07 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 23 Aug 2026 07:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धूमधाम से मनाया गया मातृशक्ति स्नेह मिलन कार्यक्रम
श्यामपुर। हरिद्वार मार्ग स्थित एक फार्म हाउस में आयोजित मातृशक्ति स्नेह मिलन कार्यक्रम धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मातृशक्ति की ओर से सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रस्तुतियां दी गई। जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कीर्तन मंडलियों, सामाजिक संस्थाओं और क्षेत्र के लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान और स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि मातृशक्ति समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, संस्कार और सृजन का प्रतीक माना गया है। ऐसे स्नेह मिलन कार्यक्रम समाज में आपसी भाईचारा, सांस्कृतिक चेतना और संगठन की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि मातृशक्ति सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संगठित होकर समाज को नई दिशा देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि आज मातृशक्ति को अपने अधिकारों के साथ-साथ समाज, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के संस्कारों के संरक्षण के लिए भी आगे आना होगा। उन्होंने मातृशक्ति से आह्वान किया कि वह परिवार में बच्चों को सनातन संस्कारों से जोड़ें, सामाजिक समरसता को बढ़ावा दें और समाज में व्याप्त बुराइयों के विरुद्ध जागरूकता के साथ संगठित होकर कार्य करें।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
श्यामपुर। हरिद्वार मार्ग स्थित एक फार्म हाउस में आयोजित मातृशक्ति स्नेह मिलन कार्यक्रम धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मातृशक्ति की ओर से सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रस्तुतियां दी गई। जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कीर्तन मंडलियों, सामाजिक संस्थाओं और क्षेत्र के लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान और स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि मातृशक्ति समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, संस्कार और सृजन का प्रतीक माना गया है। ऐसे स्नेह मिलन कार्यक्रम समाज में आपसी भाईचारा, सांस्कृतिक चेतना और संगठन की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि मातृशक्ति सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संगठित होकर समाज को नई दिशा देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि आज मातृशक्ति को अपने अधिकारों के साथ-साथ समाज, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के संस्कारों के संरक्षण के लिए भी आगे आना होगा। उन्होंने मातृशक्ति से आह्वान किया कि वह परिवार में बच्चों को सनातन संस्कारों से जोड़ें, सामाजिक समरसता को बढ़ावा दें और समाज में व्याप्त बुराइयों के विरुद्ध जागरूकता के साथ संगठित होकर कार्य करें।
विज्ञापन