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Rishikesh News: उत्पाती बंदरों के भय से लोग घरों से नहीं निकलते हैं बाहर
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भानियावाला-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बसी रानीपोखरी ग्राम पंचायत में पिछले कई हफ्तों से बंदरों, आवारा कुत्तों और निराश्रित पशुओं के हमले में कई लोग घायल हो गए हैं। जिस कारण पंचायत के जनप्रतिनिधियों और लोगों ने शासन-प्रशासन और संबंधित विभागों से बंदरों, आवारा कुत्तों और निराश्रित पशुओं को पकड़ने की मांग की है।
ग्राम प्रधान सुधीर रतूडी ने कहा कि उनकी पंचायत में अब तक बंदरों ने कई बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को काटा है। आवारा कुत्तों और निराश्रित पशुओं से भी लोग परेशान हैं। निराश्रित पशुओं और कुत्तों से टकराकर मुख्य मार्ग पर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को काफी चोटें आई हैं।
वह पिछले कई हफ्तों से शासन-प्रशासन और संबंधित विभागों से लगातार पत्राचार कर इसकी शिकायत कर रहे हैं। लेकिन अब तक इस समस्या पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बंदरों के आतंक के कारण स्थानीय लोग सुबह अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है। जबकि इससे पहले वह मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, डीएम, पशुपालन विभाग, वन विभाग आदि को इस संबंध में पत्र भेज चुके हैं।
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दर्जनों बार पिंजरा लगाया फिर भी आतंक बरकरार
रानीपोखरी प्रधान ने कहा कि उनके यहां पिछले चार सालों में दर्जनों बार पिंजरा लगाकर बंदर पकड़ने का कार्य वन विभाग ने किया है। लेकिन बाहर से लाकर उनके क्षेत्र में बंदरों को छोड़ा जा रहा है। इस बार जो बंदर गांव में घूम रहे हैं। वह काफी खतरनाक हैं। इसलिए इन बंदरों को पकड़ना जरूरी है।
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घर के बाहर बेटी को दो बार बंदर काट चुका है। जिससे घर के लोग बाहर निकलने में डरने लगे हैं। इसलिए बंदरों को जल्द पकड़ा जाना चाहिए। - पवन रमोला, स्थानीय निवासी
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रानीपोखरी चौक पर बंदर ने बुरी तरह से काटा लिया। जिससे लोग काफी दहशत में हैं। बंदरों को जल्द ही पकड़कर लोगों को आतंक से मुक्ति दिलाना चाहिए। - रौनक भट्ट, स्थानीय ग्रामीण
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कोट
रानीपोखरी में बंदरों की समस्या काफी गंभीर है। वन विभाग की टीम कई बार पिंजरा लगाकर बंदरों को पकड़ चुकी है। जल्द ही फिर से पिंजरा लगाकर बंदरों को पकड़ा जाएगा। - एनएस डोभाल, रेंजर, थानो रेंज
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ग्राम प्रधान सुधीर रतूडी ने कहा कि उनकी पंचायत में अब तक बंदरों ने कई बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को काटा है। आवारा कुत्तों और निराश्रित पशुओं से भी लोग परेशान हैं। निराश्रित पशुओं और कुत्तों से टकराकर मुख्य मार्ग पर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को काफी चोटें आई हैं।
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वह पिछले कई हफ्तों से शासन-प्रशासन और संबंधित विभागों से लगातार पत्राचार कर इसकी शिकायत कर रहे हैं। लेकिन अब तक इस समस्या पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बंदरों के आतंक के कारण स्थानीय लोग सुबह अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है। जबकि इससे पहले वह मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, डीएम, पशुपालन विभाग, वन विभाग आदि को इस संबंध में पत्र भेज चुके हैं।
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दर्जनों बार पिंजरा लगाया फिर भी आतंक बरकरार
रानीपोखरी प्रधान ने कहा कि उनके यहां पिछले चार सालों में दर्जनों बार पिंजरा लगाकर बंदर पकड़ने का कार्य वन विभाग ने किया है। लेकिन बाहर से लाकर उनके क्षेत्र में बंदरों को छोड़ा जा रहा है। इस बार जो बंदर गांव में घूम रहे हैं। वह काफी खतरनाक हैं। इसलिए इन बंदरों को पकड़ना जरूरी है।
घर के बाहर बेटी को दो बार बंदर काट चुका है। जिससे घर के लोग बाहर निकलने में डरने लगे हैं। इसलिए बंदरों को जल्द पकड़ा जाना चाहिए। - पवन रमोला, स्थानीय निवासी
रानीपोखरी चौक पर बंदर ने बुरी तरह से काटा लिया। जिससे लोग काफी दहशत में हैं। बंदरों को जल्द ही पकड़कर लोगों को आतंक से मुक्ति दिलाना चाहिए। - रौनक भट्ट, स्थानीय ग्रामीण
कोट
रानीपोखरी में बंदरों की समस्या काफी गंभीर है। वन विभाग की टीम कई बार पिंजरा लगाकर बंदरों को पकड़ चुकी है। जल्द ही फिर से पिंजरा लगाकर बंदरों को पकड़ा जाएगा। - एनएस डोभाल, रेंजर, थानो रेंज