{"_id":"6578a4f2d0149b0fa0056968","slug":"negligence-of-municipal-corporation-on-asthapath-located-rishikesh-news-c-5-1-drn1031-306258-2023-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: आस्थापथ पर लापरवाही, कहीं पड़ न जाए लोगों पर भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: आस्थापथ पर लापरवाही, कहीं पड़ न जाए लोगों पर भारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Iकहीं खुली हैं बिजली की तारें तो कहीं नीचे गिरे खंभों पर लिपटी, करंट फैलने की आशंका
I
I
I
Iआस्थापथ पर सुबह से शाम तक घूमने वालों की रहती है भीड़I
त्रिवेणीघाट स्थित आस्थापथ पर नगर निगम की लापरवाही पर्यटक और स्थानीय लोगों पर भारी पड़ सकती है। आस्थापथ पर जगह-जगह बिजली की तारें दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं।
वर्ष 2010 में त्रिवेणीघाट से लेकर बैराज तक करोड़ों रुपये की लागत से आस्थापथ का निर्माण किया गया था। आस्थापथ के सौंदर्यीकरण के लिए लाखों रुपये की लागत से पथ प्रकाश की व्यवस्था भी की गई थी। आस्थापथ की देखरेख की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी गई थी। गंगा किनारे होने के कारण सुबह, शाम पर्यटक, युवा, बुर्जग, बच्चे यहां सैरसपाटे करते हैं। आस्थापथ पर 72 सीढ़ी घाट के समीप जगह-जगह विद्युत तारें खुलीं हैं। साथ ही कई स्ट्रीट लाइटों के खंभे भी नीचे गिरे हुए हैं। नीचे गिरे खंभों में भी विद्युत तारें लटक रही हैं। आस्थापथ पर घूमने वाले सैलानियों के इनकी चपेट में आने का डर बना रहता है। गंगा नगर के रोहित और आकाश ने बताया कि आस्थापथ पर सुबह और शाम के समय लोगों की भीड़ रहती हैं। लेकिन नगर निगम आस्थापथ की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं कर पा रहा है।
I
I
I
I
Iमामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो जल्द ही इसका निरीक्षण कर खुली विद्युत तारों को ठीक कराया जाएगा। - दिनेश उनियाल, अधिशासी अभियंता, नगर निगमI
विज्ञापन
विज्ञापन
I
I
I
Iआस्थापथ पर सुबह से शाम तक घूमने वालों की रहती है भीड़I
त्रिवेणीघाट स्थित आस्थापथ पर नगर निगम की लापरवाही पर्यटक और स्थानीय लोगों पर भारी पड़ सकती है। आस्थापथ पर जगह-जगह बिजली की तारें दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं।
वर्ष 2010 में त्रिवेणीघाट से लेकर बैराज तक करोड़ों रुपये की लागत से आस्थापथ का निर्माण किया गया था। आस्थापथ के सौंदर्यीकरण के लिए लाखों रुपये की लागत से पथ प्रकाश की व्यवस्था भी की गई थी। आस्थापथ की देखरेख की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी गई थी। गंगा किनारे होने के कारण सुबह, शाम पर्यटक, युवा, बुर्जग, बच्चे यहां सैरसपाटे करते हैं। आस्थापथ पर 72 सीढ़ी घाट के समीप जगह-जगह विद्युत तारें खुलीं हैं। साथ ही कई स्ट्रीट लाइटों के खंभे भी नीचे गिरे हुए हैं। नीचे गिरे खंभों में भी विद्युत तारें लटक रही हैं। आस्थापथ पर घूमने वाले सैलानियों के इनकी चपेट में आने का डर बना रहता है। गंगा नगर के रोहित और आकाश ने बताया कि आस्थापथ पर सुबह और शाम के समय लोगों की भीड़ रहती हैं। लेकिन नगर निगम आस्थापथ की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं कर पा रहा है।
विज्ञापन
I
I
I
I
Iमामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो जल्द ही इसका निरीक्षण कर खुली विद्युत तारों को ठीक कराया जाएगा। - दिनेश उनियाल, अधिशासी अभियंता, नगर निगमI
विज्ञापन