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डेंगू से लड़ने को नारायण ने तैयार की ‘संजीवनी’

Sun, 15 Sep 2019 01:48 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 15 Sep 2019 01:48 AM IST
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Narayan prepared 'Sanjeevani' to fight dengue
साईं मंदिर मौनी बाबा की कुटिया के समीप जड़ी बूटी जूस काउंटर पर उमड़े लोग - फोटो : RISHIKESH
डेंगू के बढ़ते प्रकोप से जहां हर कोई खौफजदा हैं। घटते प्लेटलेट्स के कारण चिकित्सक भी हाथ खड़े कर रहे हैं। इसी बीच नारायण सिंह नयाल ने जड़ी बूटियों का एक ऐसा मिश्रण तैयार किया है, जोकि तेजी से प्लेटलेट्स बढ़ा सकता है। इसे जूस को संजीवनी नाम दिया गया गया है। नारायण सिंह का दावा है पपीते के पत्तों तथा गिलोय के मिश्रण का जूस पीने से मात्र तीन से पांच दिन के भीतर प्लेटलेट्स को एक लाख से ऊपर पहुंचाया जा सकता है। इसके अलावा डेंगू की पुष्टि हो जाने पर भी यह दवा असरकारक है। आजकल युवा, बच्चे और बुजुर्गों की इसी कड़वे घूंट को पीने के लिए भीड़ लगती है।
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उन्होंने बताया कि वह गेहूं का ज्वारा, गिलोय, कच्ची हल्दी, एलोविरा, नीम, करेला, भूमि आंवला, कुलननवां, मेथी का पानी, पपीते के पत्ते आदि जड़ी बूटियों से जूस तैयार करते हैं। वर्तमान में डेंगू का प्रकोप व्यापक स्तर पर फैल गया है। ऐसे में यह जूस लोगों के लिए संजीवनी बूटी का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि भले ही पत्तियों और जड़ी बूटियों से बना जूस स्वाद में कसैला होता है प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में इसका कोई तोड़ नहीं है।
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नारायण सिंह नयाल बताते है कि उन्होंने वर्ष 2018 में लोगों को सेहतमंद बनाने के लिए इस अभियान की शुरुआत की थी। वह प्रतिदिन साईं मंदिर मौनी बाबा की कुटिया के समीप सुबह पांच से नौ बजे तक जूस लोगों उपलब्ध कराते हैं। इससे लोगों में बीमारियों से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
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जंगलों से चुनकर लाते हैं फूल पत्तियां
ऋषिकेश। नारायण सिंह ने बताया कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से वह अधिकांश जड़ी बूटियां जैसे एलोवेरा, गिलोए, नीम, भूमि आंवला, कुलननवां, पपीते के पत्ते जंगलों से लेकर आते हैं, जबकि कच्ची हल्दी और करेला को वह खरीदते हैं। इसके अलावा उन्होंने कुनांऊ गांव में भूमि किराए पर ली हुई है, यहां वह गेहूं का ज्वारा उगाते हैं। पूरी तरह से हरी खाद से इसे उगाया जाता है।
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