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वेतन को लेकर हड़ताल पर पालिका कर्मी
rishikesh
Updated Thu, 29 Sep 2016 01:31 AM IST
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हड़ताल
- फोटो : amar ujala
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शासन से स्वीकृत ढांचे के अनुसार संशोधित वेतन समेत भुगतान से वंचित संविदा कर्मियों के मामले को लेकर पालिका कर्मी हड़ताल पर चले गए। बता दें कि बुधवार की सुबह 11 बजे अधिशासी अधिकारी से वार्ता होनी थी। अधिशासी अधिकारी निर्धारित समय पर नहीं पहुंचे, जिस पर आक्रोशित कर्मी भड़क गए। कार्य बहिष्कार कर कार्यालय में ताला जड़ दिया। जमकर नारेबाजी करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।
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संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति नगर पालिका अध्यक्ष मंजू चौहान और सभी कर्मचारी अधिशासी अधिकारी के कक्ष में वार्ता के लिए उपस्थित हुए। बताया जा रहा है काफी इंतजार के बाद ईओ नहीं आए तो उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया। आरोप लगाया कि अधिशासी अधिकारी ने समिति अध्यक्ष से अपशब्दों का प्रयोग कर धमकी दी। इससे कर्मचारी भड़क उठे और कार्य बहिष्कार कर दिया।
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पालिका कार्यालय के बाहर आक्रोशित कर्मचारियों ने अधिशासी अधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चेताया कि जब तक संशोधित वेतन का लाभ और मानदेय से वंचित संविदा और अस्थायी कर्मियों का भुगतान नहीं होता, हड़ताल जारी रहेगी। पालिका कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से कामकाज ठप हो गया। प्रदर्शन में वेद प्रकाश बिजल्वाण, राजेंद्र गर्ग, हवलदार महेंद्र, नरेश खैरवाल, ज्योति प्रसाद उनियाल, मुकेश, विनेश, कविता लोहानी, मग्ना पोखरियाल, विनोद त्यागी, राजेश डोगरा, राजेंद्र वाल्मीकि, सतपाल दानव, सुमित्रा आदि शामिल थे।
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क्या है मामला
नगर पालिका के नियमित कर्मचारियों को संशोधित वेतन ढांचा 2015 के तहत ग्रेड पे का लाभ मिलना है। पालिका केंद्रीय कर्मी ईओ, टीएस, लेखाकार, जेई को लाभ मिल गया, लेकिन अकेंद्रीय कर्मचारी को छोड़ दिया। नगर पालिका कर्मी संशोधित ग्रेड पे लागू करने की मांग पर अड़े हैं।
संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति अध्यक्ष से अपशब्द और धमकी का आरोप बेबुनियाद हैं। अपरिहार्य कारण से कार्यालय पहुंचने में विलंब हुआ। बृहस्पतिवार को मामला सुलझा लिया जाएगा। - वीपीएस चौहान, अधिशासी अधिकारी