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Rishikesh News: रिश्तेदारों का हाल जानने के लिए एक किमी की दौड़ लगाते हैं लोग
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Iपांच गांवों की ढाई हजार की आबादी मोबाइल कनेक्टिविटी से दूरI
ब्लॉक के दुर्गम क्षेत्र के गांवों में मोबाइल सिग्नल नहीं आते हैं। परिजन और रिश्तेदारों का हाल जानने के लिए लोगों को गांव से करीब एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। ग्राम उदांवा में गांव से बाहर निकलने के बाद मोबाइल सिग्नल भी हिमाचल प्रदेश के टॉवर के पकड़ते हैं। सबसे अधिक परेशानी इमरजेंसी में होती है। घटना-दुर्घटना की स्थिति में ग्रामीणों को सिग्नल पकड़ने वाले प्वाइंट तक दौड़ लगानी पड़ती है।
चकराता क्षेत्र के पांच गांव की ढाई हजार की आबादी डिजिटलाइजेशन के दौर में भी मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या से जूझ रही है। खाटवा, बनियाना, नाड़ा, गड़सार, उदांवा गांव में मोबाइल सिग्नल नहीं आते है। ग्रामीण दिवान सिंह, शूरवीर सिंह, ओमप्रकाश, अरविंद सिंह ने बताया कि कहीं सिग्नल मिलता है तो फोन पर आवाज साफ नहीं आती है।
फोन और इंटरनेट का प्रयोग करने के लिए ग्रामीणों को गांव से करीब आधा से एक किलोमीटर दूर मोबाइल टॉवर की रेंज में आना पड़ता है। उदांवा गांव में फोन करने के लिए सिग्नल प्वाइंट में आने पर हिमाचल प्रदेश की टॉवर कनेक्टिविटी का मैसेज प्राप्त होता है।
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Iप्रत्येक गांव को बेहतर मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी। जल्द ही समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। - हरिगिरी गोस्वामी, एसडीएम, चकराता
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Iचकराता विकासखंड का सबसे दुर्गम गांव उदांवा आजादी के 75 साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। गांव में किसी भी कंपनी का नेटवर्क काम नहीं करता है। गांव से 500 मीटर दूरी पर हिमाचल प्रदेश का मोबाइल नेटवर्क काम करता है। वहीं से अपने परिचितों की कुशलक्षेम पूछते है। मोबाइल कनेक्टिविटी में सुधार होना चाहिए। - मुन्ना सिंह चौहान, उदांवा
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Iगांव में किसी भी कंपनी का नेटवर्क काम नहीं करता है। पढ़ने के लिए शहर गए बच्चों, रिश्तेदारों की कुशलता पूछने के लिए गांव से करीब एक किमी दूर जाना पड़ता है। जब मोबाइल सिग्नल मिलता तब कॉल लगती और बात हो पाती है। यहां मोबाइल कनेक्टिविटी में बहुत सुधार की जरूरत है। - बलवीर राणा, खाटवा
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Iजौनसार क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी बहुत खराब है। लोगों को फोन करने के लिए गांव से बाहर आना पड़ता है। डिजिटलाइजेशन के दौर में भी यह हालत है। मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए बीएसएनएल के महाप्रबंधक को ज्ञापन दिया गया है। - बचना शर्मा, लाखामंडलI
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ब्लॉक के दुर्गम क्षेत्र के गांवों में मोबाइल सिग्नल नहीं आते हैं। परिजन और रिश्तेदारों का हाल जानने के लिए लोगों को गांव से करीब एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। ग्राम उदांवा में गांव से बाहर निकलने के बाद मोबाइल सिग्नल भी हिमाचल प्रदेश के टॉवर के पकड़ते हैं। सबसे अधिक परेशानी इमरजेंसी में होती है। घटना-दुर्घटना की स्थिति में ग्रामीणों को सिग्नल पकड़ने वाले प्वाइंट तक दौड़ लगानी पड़ती है।
चकराता क्षेत्र के पांच गांव की ढाई हजार की आबादी डिजिटलाइजेशन के दौर में भी मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या से जूझ रही है। खाटवा, बनियाना, नाड़ा, गड़सार, उदांवा गांव में मोबाइल सिग्नल नहीं आते है। ग्रामीण दिवान सिंह, शूरवीर सिंह, ओमप्रकाश, अरविंद सिंह ने बताया कि कहीं सिग्नल मिलता है तो फोन पर आवाज साफ नहीं आती है।
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फोन और इंटरनेट का प्रयोग करने के लिए ग्रामीणों को गांव से करीब आधा से एक किलोमीटर दूर मोबाइल टॉवर की रेंज में आना पड़ता है। उदांवा गांव में फोन करने के लिए सिग्नल प्वाइंट में आने पर हिमाचल प्रदेश की टॉवर कनेक्टिविटी का मैसेज प्राप्त होता है।
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Iप्रत्येक गांव को बेहतर मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी। जल्द ही समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। - हरिगिरी गोस्वामी, एसडीएम, चकराता
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Iचकराता विकासखंड का सबसे दुर्गम गांव उदांवा आजादी के 75 साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। गांव में किसी भी कंपनी का नेटवर्क काम नहीं करता है। गांव से 500 मीटर दूरी पर हिमाचल प्रदेश का मोबाइल नेटवर्क काम करता है। वहीं से अपने परिचितों की कुशलक्षेम पूछते है। मोबाइल कनेक्टिविटी में सुधार होना चाहिए। - मुन्ना सिंह चौहान, उदांवा
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Iगांव में किसी भी कंपनी का नेटवर्क काम नहीं करता है। पढ़ने के लिए शहर गए बच्चों, रिश्तेदारों की कुशलता पूछने के लिए गांव से करीब एक किमी दूर जाना पड़ता है। जब मोबाइल सिग्नल मिलता तब कॉल लगती और बात हो पाती है। यहां मोबाइल कनेक्टिविटी में बहुत सुधार की जरूरत है। - बलवीर राणा, खाटवा
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Iजौनसार क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी बहुत खराब है। लोगों को फोन करने के लिए गांव से बाहर आना पड़ता है। डिजिटलाइजेशन के दौर में भी यह हालत है। मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए बीएसएनएल के महाप्रबंधक को ज्ञापन दिया गया है। - बचना शर्मा, लाखामंडलI