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जल के बिना जीवन का कोई अर्थ ही नहीं : डॉ. अरुण दीप
Sun, 06 Apr 2025 01:25 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 06 Apr 2025 01:25 AM IST
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श्रीदेव सुमन विवि और यूकास्ट की संयुक्त पहल पर पीएलएमएस परिसर के बीएएमएलटी विभाग में जल संरक्षण विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया।
शनिवार को पीएलएमएस परिसर के बीएएमएलटी सभागार में सेमिनार का आयोजन किया गया। पंजाब विवि चंडीगढ़ के पूर्व विभागाध्यक्ष भू-विज्ञान डॉ. अरुण दीप आहलूवालिया ने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में व्यापक जागरूकता लाने की आवश्यकता है, क्योंकि जल के बिना जीवन का कोई अर्थ ही नहीं है।
उन्होंने आपदा प्रबंधन, देश में गिरती वायु की गुणवत्ता सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की और बढ़ रही फेंफड़े की बीमारियों के बारे में बताया। श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने कहा गया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से पर्यावरण को सुरक्षित तथा संरक्षित रखने की प्रेरणा मिलती है। परिसर निदेशक प्रो. एमएस रावत ने सभी वक्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन एमएलटी विभाग की प्रवक्ता सफिया हसन ने किया।
शनिवार को पीएलएमएस परिसर के बीएएमएलटी सभागार में सेमिनार का आयोजन किया गया। पंजाब विवि चंडीगढ़ के पूर्व विभागाध्यक्ष भू-विज्ञान डॉ. अरुण दीप आहलूवालिया ने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में व्यापक जागरूकता लाने की आवश्यकता है, क्योंकि जल के बिना जीवन का कोई अर्थ ही नहीं है।
उन्होंने आपदा प्रबंधन, देश में गिरती वायु की गुणवत्ता सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की और बढ़ रही फेंफड़े की बीमारियों के बारे में बताया। श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने कहा गया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से पर्यावरण को सुरक्षित तथा संरक्षित रखने की प्रेरणा मिलती है। परिसर निदेशक प्रो. एमएस रावत ने सभी वक्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन एमएलटी विभाग की प्रवक्ता सफिया हसन ने किया।
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