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Rishikesh News: कुसुम जगा रही पर्यावरण और शराब मुक्त समाज की अलख
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खदरी श्यामपुर निवासी कुसुम जोशी वर्ष 2010 से पर्यावरण संरक्षण और समाज को नशा मुक्त करने की अलख जगा रही है। उन्हीं के इस प्रयास से समाज में अब तक हजारों शादी समारोह बिना शराब के संपन्न हुए हैं। शादी समारोह, जन्म दिवस आदि शुभ अवसर पर वह नव दंपती और परिजनों के हाथों पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के लिए भी जागरूक कर रही हैं। अब तक वह करीब दो हजार पौध रोपण करवा चुकी हैं।
कुसुम जोशी ने बताया कि वर्ष 2010 से वह इस मुहिम में जुटी हुई हैं। वर्ष 2015 में उन्होंने अपनी संस्था मैत्री स्वयं सेवी संस्था का पंजीकरण किया। जिसके बाद उन्होंने गढ़वाल के सभी जिले उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, देहरादून में शराब मुक्त समाज की अलख जगाई है। इसके अलावा वह कुमाऊं के कई गांवों में लोगों को शादी समारोह में शराब न परोसने की अपील कर चुकी हैं। इसके साथ ही वह क्षेत्रीय महिलाओं को भी जागरूक कर रही हैं। उनके इस मुहिम से कई संगठन और प्रदेश सरकार की ओर से वह सम्मानित हो चुकी हैं। उनके इस प्रयास से कई महिलाएं उनसे प्रेरित होकर इस मुहिम को आगे बढ़ा रही हैं। उनकी इस मुहिम से स्थानीय लोग अब उन्हें टिंचरी माई के नाम से पुकारने लगे हैं।
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कुसुम जोशी ने बताया कि वर्ष 2010 से वह इस मुहिम में जुटी हुई हैं। वर्ष 2015 में उन्होंने अपनी संस्था मैत्री स्वयं सेवी संस्था का पंजीकरण किया। जिसके बाद उन्होंने गढ़वाल के सभी जिले उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, देहरादून में शराब मुक्त समाज की अलख जगाई है। इसके अलावा वह कुमाऊं के कई गांवों में लोगों को शादी समारोह में शराब न परोसने की अपील कर चुकी हैं। इसके साथ ही वह क्षेत्रीय महिलाओं को भी जागरूक कर रही हैं। उनके इस मुहिम से कई संगठन और प्रदेश सरकार की ओर से वह सम्मानित हो चुकी हैं। उनके इस प्रयास से कई महिलाएं उनसे प्रेरित होकर इस मुहिम को आगे बढ़ा रही हैं। उनकी इस मुहिम से स्थानीय लोग अब उन्हें टिंचरी माई के नाम से पुकारने लगे हैं।
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