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कांवड़ यात्रा: अटूट आस्था और विश्वास की यात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Wed, 27 Jul 2016 02:11 AM IST
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कांवड़ यात्रा
- फोटो : amar ujala
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बम बम भोले, हर-हर महादेव के उद्घोष से नीलकंठ पैदल मार्ग गुंजायमान रहा। कांवड़ यात्रा के आठवें दिन देर शाम तक करीब तीन लाख से अधिक शिवभक्तों ने नीलकंठ महादेव मंदिर में मत्था टेका और जलाभिषेक कर पुण्य कमाया।
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मंगलवार को तड़के से ही शिवभक्तों की भीड़ तीर्थनगरी में उमड़नी शुरू हो गई। कांवड़ियों ने मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम क्षेत्र का रुख किया। यहां मोक्षदायिनी में डुबकी लगाने के बाद गंगाजल लेकर नीलकंठ धाम की ओर रवाना हुए। यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
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नीलकंठ महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए लंबी लाइन लगी रही। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को पसीना बहाना पड़ा। मंदिर समिति ने सांध्य कालीन आरती के बाद मंदिर के कपाट दर्शन के लिए खोले गए। मंदिर समिति अध्यक्ष धन सिंह राणा ने बताया कि आठ दिन में करीब 10 लाख 98 हजार श्रद्घालु नीलकंठ महादेव मंदिर में जलाभिषेक कर चुके हैं। यह हाल तब है जब यहां प्रशासन की ओर से किए गए इंतजाम नाकाफी हैं।
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उधर, तीर्थनगरी में पौराणिक वीरभद्र महादेव मंदिर, चंद्रेश्वर महादेव मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, बनखंडी महादेव मंदिर में भी श्रद्घालुओं का तांता लगा रहा। दूध, गंगाजल, विल्व पत्र से शिवलिंग का जलाभिषेक कर पुण्य कमाया। मंदिर परिसर में श्रद्घालुओं को प्रसाद भी वितरित किया गया।